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Etawah News: सुरक्षित खेती के लिए रासायनिक साधनों पर कम करें निर्भरता
Sat, 17 Oct 2026 12:00 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Sat, 17 Oct 2026 12:00 AM IST
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फोटो: 21 गोष्ठी में मौजूद किसान व छात्र छात्राएं। स्रोत कॉलेज
बकेवर। जनता डिग्री कॉलेज के कृषि विभाग की ओर से ग्राम व्यासपुर में शुक्रवार को किसान गोष्ठी एवं प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इसमें कृषि वैज्ञानिकों एवं विषय विशेषज्ञों ने किसानों को फसल उत्पादन, खरपतवार प्रबंधन, बीजोपचार, पशुपालन, डेयरी तथा फल एवं सब्जी उत्पादन की आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने प्रतिभाग किया।
गोष्ठी में शस्य विज्ञान विभाग के प्रोफेसर एवं प्रशिक्षण प्रभारी डॉ. एमपी सिंह ने कहा कि किसानों को सुरक्षित एवं टिकाऊ खेती के लिए रासायनिक साधनों पर अनावश्यक निर्भरता कम करनी चाहिए। गोबर की खाद, कम्पोस्ट एवं वर्मी कम्पोस्ट के प्रयोग के साथ जैव कीटनाशकों और जैव फफूंदनाशकों को बढ़ावा देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि गर्मियों में डिस्क हैरो से गहरी जोताई, डबल पलेवा, फसल चक्र, चारे वाली फसलों की खेती व समय पर निराई-गुड़ाई अपनाकर खरपतवारों का प्रभावी प्रबंधन किया जा सकता है। डॉ. सिंह ने किसानों को रबी फसलों की समय से बोआई करने व सीड ड्रिल, सुपर सीडर एवं सीड प्लांटर जैसी मशीनों से लाइन में बोआई करने की सलाह दी।
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पशुपालन एवं डेयरी विभाग के प्रभारी डॉ. आदित्य कुमार ने पशुओं में होने वाले विभिन्न रोगों, उनके लक्षणों, बचाव एवं उपचार के बारे में जानकारी दी। गोष्ठी में पवन तिवारी, ऋतिक तिवारी, बेटा लाल दोहरे, प्रवेश मिश्रा, राम लखन चौधरी, महेश बाथम आदि मौजूद रहे।
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गोष्ठी में शस्य विज्ञान विभाग के प्रोफेसर एवं प्रशिक्षण प्रभारी डॉ. एमपी सिंह ने कहा कि किसानों को सुरक्षित एवं टिकाऊ खेती के लिए रासायनिक साधनों पर अनावश्यक निर्भरता कम करनी चाहिए। गोबर की खाद, कम्पोस्ट एवं वर्मी कम्पोस्ट के प्रयोग के साथ जैव कीटनाशकों और जैव फफूंदनाशकों को बढ़ावा देना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि गर्मियों में डिस्क हैरो से गहरी जोताई, डबल पलेवा, फसल चक्र, चारे वाली फसलों की खेती व समय पर निराई-गुड़ाई अपनाकर खरपतवारों का प्रभावी प्रबंधन किया जा सकता है। डॉ. सिंह ने किसानों को रबी फसलों की समय से बोआई करने व सीड ड्रिल, सुपर सीडर एवं सीड प्लांटर जैसी मशीनों से लाइन में बोआई करने की सलाह दी।
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पशुपालन एवं डेयरी विभाग के प्रभारी डॉ. आदित्य कुमार ने पशुओं में होने वाले विभिन्न रोगों, उनके लक्षणों, बचाव एवं उपचार के बारे में जानकारी दी। गोष्ठी में पवन तिवारी, ऋतिक तिवारी, बेटा लाल दोहरे, प्रवेश मिश्रा, राम लखन चौधरी, महेश बाथम आदि मौजूद रहे।