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रात में बारिश, सुबह खिली धूप निकली

Wed, 29 Dec 2021 10:33 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 29 Dec 2021 10:33 PM IST
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Rain in the night, sunshine came out in the morning
इटावा/लवेदी। मंगलवार को पूरे दिन बदली छाने और कई बार हुई रात में बूंदाबांदी के बीच तेज बारिश भी हुई। बुधवार को सुबह आसमान साफ होने की वजह से धूप निकल आई।
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न्यूनतम तापमान में 3 डिग्री की गिरावट देखने को मिली। अधिकतम तापमान 3 डिग्र बढ़ गया। मंगलवार को बदली छाने और बूंदाबांदी के बीच अधिकतम तापमान 17 डिग्री और न्यूनतम 11 डिग्री सेल्सियस था, जबकि बुधवार को अधिकतम तापमान 20 और न्यूनतम आठ डिग्री रहा।
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उधर, मौसम में तब्दीली से आलू उत्पादक किसान परेशान हो उठे हैं। हवाओं की रफ्तार भी दस किलोमीटर प्रति घंटा के हिसाब से चलने का धूप बहुत अधिक असर नहीं छोड़ सकी।
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बुधवार को जिला अस्पताल में 880 मरीज आए, जबकि मंगलवार को मौसम खराब होने पर 855 मरीज आए थे। संख्या के हिसाब से कोई ज्यादा कम नहीं हैं, लेकिन मौसम में अचानक आ रहे बदलाव और कभी धूप तो अगले दिन बदली होने की वजह से लोग खांसी, जुकाम की चपेट में आ रहे हैं।
इनमें बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं। बुखार के मरीज कम रहे, लेकिन मौसम में आ रहे बदलाव की वजह से जुकाम, खांसी, डायरिया के मरीज आ रहे हैं। ओमिक्रॉन की वजह से लोग खासे चिंतित हैं और वह जरा सभी परेशानी होने पर दवा लेने अस्पताल आ रहे हैं।
उधर, एकाएक मौसम बिगडऩे और मंगलवार की रात बारिश होने से किसान चिंतित हो गए हैं। बारिश होने पर किसानों को आलू के सड़ने का डर सताने लगा है। चिंतित किसानों ने आलू की खुदाई तेज कर दी है।
सितंबर व अक्तूबर में हुई बारिश से किसान पहले ही डरे हुए हैं। उस समय किसानों को काफी नुकसान हुआ था। खेत में कच्ची फसल के लिए रखा गया आलू का बीज सड़ गया था।
मंगलवार को पूरे दिन आसमान में काले बादल छाए रहे और रात में बारिश हुई। किसान सीपू सिंह ने बताया कि इस बार बारिश अधिक हुई तो आलू की फसल सड़ जाएगी।
बच्चों को गुनगुना दूध और पानी पिलाएं
जिला अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डा. पीके गुप्ता के अनुसार, इन दिनों वह रोजाना 60 के करीब बच्चों को देख रहे हैं। ज्यादातर बच्चे जुकाम, खांसी, बुखार के अलावा डायरिया के आ रहे हैं।
सर्दी से बच्चों को कैसे बचाएं पर बताया कि बच्चों को बिना वजह के घर से बाहर न ले जाएं। शरीर को ढंकने वाले गर्म कपड़े पहनाने के अलावा कैप इत्यादि लगाकर रखें।
दिसंबर की सर्दी से बच्चों को बचाना किसी चुनौती से कम नहीं है। बच्चों को सर्दी से बचाने के लिए गुनगुना दूध और गुनगुना पानी पिलाएं।
सांस, बीपी के मरीज ठंड से करें बचाव
जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. अजय शर्मा ने बताया कि सर्दी के मौसम में सबसे ज्यादा परेशानियां सांस और ब्लड प्रेशर के मरीजों को होती हैं। ऐसे मरीज ठंड से विशेष तौर पर बचाव करें और नियमित तौर पर दवाइयां लेेते रहें।
गर्म कपड़े पहनें, लेकिन सुबह और शाम को घर से बाहर न निकलें। बताया कोविड के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन में मामूली जुकाम, खांसी के लक्षण आ रहे हैं। ज्यादातर ए सिम्टोमैटिक आ रहे हैं। साधारणतया जुकाम में कमजोरी ज्यादा आना है। इसके लिए ठंड से बचाव करें।
गेहूं को होगा फायदा
बारिश से गेहूं की फसल और सरसों की अगेती फसल को फायदा होगा। कृषि विज्ञान केंद्र इटावा के कृषि वैज्ञानिक डॉ. विजय बहादुर जायसवाल ने बताया कि बारिश की वजह से पाला नहीं पड़ेगा।

इसके चलते दलहनी फसलों को भी फायदा होगा। उन्होंने बताया कि सरसों की पछेती फसल का फूल झड़ने से नुकसान हो सकता है। इसके अलावा टमाटर की खेती को नुकसान पहुंचेगा।
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