{"_id":"5f8741da8ebc3e9b881756f4","slug":"protest-etawah-etawah-news-etawha-news-knp5885113190","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीडीओ के खिलाफ पंचायत सचिवों ने खोला मोर्चा, हटाने की मांग पर अड़े","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीडीओ के खिलाफ पंचायत सचिवों ने खोला मोर्चा, हटाने की मांग पर अड़े
विज्ञापन
विकास भवन में धरने के दौरान नारेबाजी करते ग्राम पंचायत विकास अधिकारी
- फोटो : ETAWHA
इटावा। सीडीओ को हटाने की मांग पर अड़े ग्राम सचिवों ने हड़ताल कर दी। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के साथ जुलूस निकाला। विकास भवन पर धरना देकर नारेबाजी की। कर्मचारी सीडीओ पर बेवजह निलंबन करने, वेतन रोकने और अभद्रता करने का आरोप लगा रहे हैं।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश अध्यक्ष इं हरिकिशोर तिवारी नेतृत्व में ग्राम पंचायत विकास अधिकारी संघ नेे मुख्य विकास अधिकारी के साथ काम न करने का एलान किया। कर्मचारियों ने कहा कि सीडीओ को हटाकर कर्मचारियों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई को वापस लेने तक कर्मचारी आंदोलन करते रहेंगे। अन्याय और उत्पीड़न के खिलाफ जंग में वे जेल जाने को भी तैयार हैं। इससे पहले राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश अध्यक्ष इंजी हरि किशोर तिवारी के नेतृत्व में ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों ने पंचायत उद्योग कार्यालय से नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला। विकास भवन पहुंचते ही जुलूस में शामिल कर्मचारी धरने पर बैठ गए।
डीएम ने भेजा वार्ता का बुलावा
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष हरि किशोरी तिवारी के धरने पर बैठने के बाद प्रशासन हरकत में आया। जिलाधिकारी श्रुति सिंह ने सिटी मजिस्ट्रेट उमेश मिश्र को मौके पर भेजा। उन्होंने कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल को डीएम से वार्ता करने का आमंत्रण दिया। हरिकिशोर तिवारी के साथ जिलाध्यक्ष दिलीप मिश्रा, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी संघ के अध्यक्ष प्रशंात तिवारी, पूरन सिंह वार्ता करने पहुंचे। करीब डेढ़ घंटे तक चली वार्ता में जिलाधिकारी ने उनकी समस्याओं को सुना। परीक्षण के उपरांत उचित निर्णय लेने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
आंदोलन जारी रखने का किया एलान
डीएम से वार्ता के बाद प्रदेश अध्यक्ष हरिकिशोर तिवारी विकास भवन आकर फिर से धरने पर बैठ गए। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष दिलीप मिश्र ने कहा कि इस अधिकारी के साथ कोई कर्मचारी काम करने को तैयार नहीं है। बृहस्पतिवार से अन्य विभागों के कर्मचारी भी आकर धरने में शामिल होंगे। जब तक सीडीओ को यहां हटाकर कर्मचारियों के खिलाफ उत्पीड़नात्मक कार्रवाई समाप्त नहीं होती आंदोलन चलता रहेगा। इस हड़ताल से गांवों के विकास कार्य बाधित होंगे, जिसके लिए सीडीओ जिम्मेदार होंगे।
ये कर्मचारी रहेे शामिल
धरने में परिषद के संप्रेक्षक राजेश मिश्र, जिला मंत्री प्रदीप सक्सेना, प्रशांत पोरवाल, पूरन सिंह, विजय बहादुर सिंह तोमर, अरविंद कुमार सिंह, मृदुल कुमार शर्मा, नागेंद्र कुमार, संजीव कुमार श्रीवास्तव, पंकज कुमार यादव, आलोक चौहान, विशाल श्रीवास्तव, वरुण यादव, जितेंद्र यादव, बब्बूराजा, अंजुला यादव सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे।
कर्मचारियों ने लगाए हैं आरोप
ग्राम पंचायत अधिकारी संघ ने जिलाधिकारी को दिए गए ज्ञापन में बताया कि भरथना में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी राधेश्याम वर्तमान में अस्वस्थ हैं। जून महीने से उनका वेतन रोक दिया गया है। वेतन न मिलने से वे बीमारी का इलाज नहंीं करवा पा रहे हैं। महेवा में तैनात ग्राम विकास अधिकारी रामेंद्र कुमार को 24 सितंबर को निलंबित कर दिया गया। इसके बाद उसे मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय से संबद्ध कर उनका उत्पीड़न किया गया। बढ़पुरा में तैनात ग्राम विकास अधिकारी महेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया गया। अब उन्हें रोजाना मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय में बैठाकर मानसिक शोषण किया जा रहा है। जसवंतनगर में तैनात ग्राम विकास अधिकारी रामकुमार गुप्ता ने भी गलत तरीके से निलंबन का आरोप लगाया।
सीडीओ ने आरोपों को गलत बताया
मुख्य विकास अधिकारी राजा गणपति आर ने कहा कि कर्मचारियों के आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है। प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में गड़बड़ी मिलने पर कुछ कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। निलंबन अवधि में नियम है कि कर्मचारी को कहीं न कहीं संबद्ध किया जाता है। इसी के तहत निलंबित कर्मचारियों को कार्यालय से संबद्ध किया गया। जो कर्मचारी धरने पर बैठे हैं उन्होंने कोई ज्ञापन उनके पास नहीं भेजा है। न ही किसी ने मिलकर कोई समस्या बताई है।
हड़ताल अवधि का नहीं मिलेगा वेतन
सीडीओ राजा गणपति आर ने बताया कि शासन ने नो वर्क नो पे का आदेश दिया है। हड़ताली कर्मचारी कार्य बहिष्कार कर रहे हैं। इसलिए हड़ताल अवधि का वेतन नहीं दिया जाएगा। जितने भी दिन हड़ताल में शामिल रहेंगे उसका वेतन काटा जाएगा।
विज्ञापन
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश अध्यक्ष इं हरिकिशोर तिवारी नेतृत्व में ग्राम पंचायत विकास अधिकारी संघ नेे मुख्य विकास अधिकारी के साथ काम न करने का एलान किया। कर्मचारियों ने कहा कि सीडीओ को हटाकर कर्मचारियों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई को वापस लेने तक कर्मचारी आंदोलन करते रहेंगे। अन्याय और उत्पीड़न के खिलाफ जंग में वे जेल जाने को भी तैयार हैं। इससे पहले राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश अध्यक्ष इंजी हरि किशोर तिवारी के नेतृत्व में ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों ने पंचायत उद्योग कार्यालय से नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला। विकास भवन पहुंचते ही जुलूस में शामिल कर्मचारी धरने पर बैठ गए।
विज्ञापन
डीएम ने भेजा वार्ता का बुलावा
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष हरि किशोरी तिवारी के धरने पर बैठने के बाद प्रशासन हरकत में आया। जिलाधिकारी श्रुति सिंह ने सिटी मजिस्ट्रेट उमेश मिश्र को मौके पर भेजा। उन्होंने कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल को डीएम से वार्ता करने का आमंत्रण दिया। हरिकिशोर तिवारी के साथ जिलाध्यक्ष दिलीप मिश्रा, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी संघ के अध्यक्ष प्रशंात तिवारी, पूरन सिंह वार्ता करने पहुंचे। करीब डेढ़ घंटे तक चली वार्ता में जिलाधिकारी ने उनकी समस्याओं को सुना। परीक्षण के उपरांत उचित निर्णय लेने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
आंदोलन जारी रखने का किया एलान
डीएम से वार्ता के बाद प्रदेश अध्यक्ष हरिकिशोर तिवारी विकास भवन आकर फिर से धरने पर बैठ गए। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष दिलीप मिश्र ने कहा कि इस अधिकारी के साथ कोई कर्मचारी काम करने को तैयार नहीं है। बृहस्पतिवार से अन्य विभागों के कर्मचारी भी आकर धरने में शामिल होंगे। जब तक सीडीओ को यहां हटाकर कर्मचारियों के खिलाफ उत्पीड़नात्मक कार्रवाई समाप्त नहीं होती आंदोलन चलता रहेगा। इस हड़ताल से गांवों के विकास कार्य बाधित होंगे, जिसके लिए सीडीओ जिम्मेदार होंगे।
ये कर्मचारी रहेे शामिल
धरने में परिषद के संप्रेक्षक राजेश मिश्र, जिला मंत्री प्रदीप सक्सेना, प्रशांत पोरवाल, पूरन सिंह, विजय बहादुर सिंह तोमर, अरविंद कुमार सिंह, मृदुल कुमार शर्मा, नागेंद्र कुमार, संजीव कुमार श्रीवास्तव, पंकज कुमार यादव, आलोक चौहान, विशाल श्रीवास्तव, वरुण यादव, जितेंद्र यादव, बब्बूराजा, अंजुला यादव सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे।
कर्मचारियों ने लगाए हैं आरोप
ग्राम पंचायत अधिकारी संघ ने जिलाधिकारी को दिए गए ज्ञापन में बताया कि भरथना में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी राधेश्याम वर्तमान में अस्वस्थ हैं। जून महीने से उनका वेतन रोक दिया गया है। वेतन न मिलने से वे बीमारी का इलाज नहंीं करवा पा रहे हैं। महेवा में तैनात ग्राम विकास अधिकारी रामेंद्र कुमार को 24 सितंबर को निलंबित कर दिया गया। इसके बाद उसे मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय से संबद्ध कर उनका उत्पीड़न किया गया। बढ़पुरा में तैनात ग्राम विकास अधिकारी महेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया गया। अब उन्हें रोजाना मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय में बैठाकर मानसिक शोषण किया जा रहा है। जसवंतनगर में तैनात ग्राम विकास अधिकारी रामकुमार गुप्ता ने भी गलत तरीके से निलंबन का आरोप लगाया।
सीडीओ ने आरोपों को गलत बताया
मुख्य विकास अधिकारी राजा गणपति आर ने कहा कि कर्मचारियों के आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है। प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में गड़बड़ी मिलने पर कुछ कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। निलंबन अवधि में नियम है कि कर्मचारी को कहीं न कहीं संबद्ध किया जाता है। इसी के तहत निलंबित कर्मचारियों को कार्यालय से संबद्ध किया गया। जो कर्मचारी धरने पर बैठे हैं उन्होंने कोई ज्ञापन उनके पास नहीं भेजा है। न ही किसी ने मिलकर कोई समस्या बताई है।
हड़ताल अवधि का नहीं मिलेगा वेतन
सीडीओ राजा गणपति आर ने बताया कि शासन ने नो वर्क नो पे का आदेश दिया है। हड़ताली कर्मचारी कार्य बहिष्कार कर रहे हैं। इसलिए हड़ताल अवधि का वेतन नहीं दिया जाएगा। जितने भी दिन हड़ताल में शामिल रहेंगे उसका वेतन काटा जाएगा।