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सफारी के शेरों पर गरमाई राजनीति, गोरखपुर भेजे जाने का सपाइयों ने किया विरोध, बैंड बाजा लेकर पहुंचे
Sat, 27 Feb 2021 05:38 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 27 Feb 2021 05:38 PM IST
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सफारी के बाहर बैंड बाजा लेकर विरोध प्रदर्शन करते सपा कार्यकर्ता
- फोटो : amar ujala
इटावा स्थित लॉयन सफारी के दो शेरों को गोरखपुर के चिड़ियाघर भेजने के प्रदेश सरकार के फैसले पर आपत्ति जताते हुए समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता आज बैंड बाजा लेकर सफारी के बाहर पहुंच गए। बता दें कि आज दो शेर गोरखपुर भेजे जाने वाले थे।
समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष गोपाल यादव ने शुक्रवार को पार्टी कार्यालय में प्रेस वार्ता कर कहा था कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का प्रोजेक्ट होने के कारण लॉयन सफारी को नहीं खोला जा रहा है।
यदि सफारी नहीं खोली गई तो सपा आंदोलन करेगी। पत्रकारों से बातचीत में सपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि अखिलेश सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सफारी का निर्माण कराया था। उनका मकसद इटावा को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना था।
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कहा कि भाजपा सरकार सैलानियों से डर रही है कि वह यहां आकर सपा सरकार की तारीफ न कर दें। इसलिए लॉयन सफारी को आम लोगों के लिए नहीं खोला जा रहा है। सफारी के शेरों को गोरखपुर ले जाने की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी यहां के शेरों को अपने संसदीय क्षेत्र में ले जाना चाहते हैं, जो जायज नहीं है। इस दौरान पूर्व सांसद प्रेमदास कठेरिया, कुलदीप गुप्ता संटू, प्रवीण दुबे, शिवम पाल, लीलावती राजपूत, वीनू तिवारी, अंकित यादव आदि मौजूद रहे।
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समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष गोपाल यादव ने शुक्रवार को पार्टी कार्यालय में प्रेस वार्ता कर कहा था कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का प्रोजेक्ट होने के कारण लॉयन सफारी को नहीं खोला जा रहा है।
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यदि सफारी नहीं खोली गई तो सपा आंदोलन करेगी। पत्रकारों से बातचीत में सपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि अखिलेश सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सफारी का निर्माण कराया था। उनका मकसद इटावा को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना था।
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कहा कि भाजपा सरकार सैलानियों से डर रही है कि वह यहां आकर सपा सरकार की तारीफ न कर दें। इसलिए लॉयन सफारी को आम लोगों के लिए नहीं खोला जा रहा है। सफारी के शेरों को गोरखपुर ले जाने की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी यहां के शेरों को अपने संसदीय क्षेत्र में ले जाना चाहते हैं, जो जायज नहीं है। इस दौरान पूर्व सांसद प्रेमदास कठेरिया, कुलदीप गुप्ता संटू, प्रवीण दुबे, शिवम पाल, लीलावती राजपूत, वीनू तिवारी, अंकित यादव आदि मौजूद रहे।