ताखा। कुदरकोट से हर साल चौरासी कोसी परिक्रमा की यात्रा पर निकलने वाले सैकड़ों की संख्या में संतों का स्वागत ऊसराहार में किया गया। कस्बे के व्यापारियों ने सभी संतों को जलपान भी करवाया।
महंत छविराम दास महाराज ने कहा कि चौरासी कोसी का ऐतिहासिक महत्व है। बताया कि इस परिक्रमा में शामिल होने से मनुष्य को चौरासी लाख योनियों में जन्म लेने से मुक्ति मिल जाती है।
जो व्यक्ति परिक्रमा करता है, उसे निश्चित ही मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस मौके पर बंटी पांडेय, डॉ. जयपाल सिंह, कृष्ण पाल सिंह सिसोदिया, संजू गुप्ता, रामू गुप्ता, सुदेश शर्मा, आनंद गुप्ता, सर्वेश शाक्य, डॉ. पंकज यादव आदि लोग मौजूद रहे।