{"_id":"087737eed18fe61adc786f1e386bfd0a","slug":"older-toilets-showing-the-new-amount-usurped-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुराने शौचालयों को नया दिखाकर हड़पी रकम!","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुराने शौचालयों को नया दिखाकर हड़पी रकम!
ब्यूरो/ अमर उजाला, इटावा
Updated Fri, 29 Jan 2016 01:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोहिया ग्राम पंचायत ताखा में स्वच्छ भारत मिशन के तहत कागजों पर बने शौचालयों में और एक खेल खुलकर सामने आया है। तमाम पुराने शौचालयों को ही नया शौचालय दिखाकर रकम हड़प ली गई है। तमाम लाभार्थी जो परिपूर्ण सूची में दर्ज हो चुके हैं। उन्हें शौचालयों के नाम पर एक पैसा तक नहीं मिला है ।
लोहिया ग्राम पंचायत ताखा में स्वच्छ भारत मिशन की धज्जियां उड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई है। शौचालय के निर्माण को मजाक बनाकर रख दिया गया है। ताखा में साढ़े चार सौ से अधिक शौचालयों का पैसा पूर्व ग्राम प्रधान और पंचायत सेक्रेटरी ने उस समय निकाला जब प्रधान का कार्यकाल समाप्त होने में चंद दिन ही बचे थे।
आखिर जब इतने कम समय में भारी संख्या में शौचालयों का निर्माण संभव ही नहीं था तो फिर पंचायत सेक्रेटरी ने इतनी भारी भरकम रकम क्यों निकलवा दिया । 340 लाभार्थियों के शौचालयों को जिला पंचायत राज अधिकारी के कार्यालय में परिपूर्ण दिखाकर फीडिंग कर दी गई है ।
विज्ञापन
इस सूची में तमाम उन लाभार्थियों के नाम भी शामिल हैं जिन्हें नया शौचालय तो नहीं मिला पर उनके पुराने शौचालय को ही नया दिखा दिया गया है। यह खुलासा तब हुआ जब इसी पंचायत के पूर्व ब्लॉक प्रमुख शिवप्रताप यादव ने स्वयं जिला पंचायत राज अधिकारी मिहीलाल यादव से मिलकर उनसे वह सूची प्राप्त की।
जिसमें 340 लाभार्थियों के शौचालयों को परिपूर्ण दिखाते हुए बाकायदा प्रत्येक लाभार्थी की फोटो या फिर शौचालय की फोटो भी दर्शाई गयी है। सूची में चस्पा फोटो इस प्रकार है कि उन्हें कोई पहचान ही न पाए। पूर्व ब्लाक प्रमुख शिवप्रताप यादव बताते हैं कि इतने बड़े खेल में निश्चित रूप से अन्य अधिकारियों की भी संलिप्तता होगी। इसलिये पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
340 लाभार्थियों की सूची में आजम निवासी ताखा का क्रमांक संख्या 240 पर नाम दर्ज है। इनके शौचालय को परिपूर्ण दिखाया गया है । वहीं आजम ने अपना पुराना टूटा फूटा शौचालय दिखाते हुए बताया कि उसके पास यही एक पुराना शौचालय है जिसे अपने संसाधनों से काफी पहले बनवाया है।
जिसमें सन 1970 लिखी हुई ईंटे लगी हैं। यदि कोई जांच करना चाहे तो वह अपना शौचालय तोड़कर पुराने होने का प्रमाण दे सकता है। यही हाल जयरूदीन निवासी ताखा का है। इनका नाम परिपूर्ण सूची में क्रमांक संख्या 275 में दर्ज है। जयरूदीन ने बताया उसका शौचालय वर्ष 2004 में आई योजना के तहत बना है।
लोहिया पंचायत होने के बाद उसे कोई शौचालय मिला ही नहीं है। इसी सूची में शिवकुमार निवासी ताखा का नाम क्रम संख्या 337में दर्ज है जबकि शिवकुमार को तो शौचालय के नाम पर कुछ भी नहीं मिला है। यह लोग तो वो हैं जो खुलेआम अपनी बात कह रह रहे हैं। तमाम लाभार्थियों के सामने समस्या मरता क्या न करता वाली स्थिति है।
जिसके नाम से लोहिया योजना के तहत शौचालय आया था और उनके पास पुराना शौचालय पहले से बना था। उन्हें प्रधान ने चंद पैसों का लालच देकर पुराने शौचालय को ही नए में दिखा दिया। इसी लालच में लाभार्थी के बारह हजार प्रधान और सेक्रेटरी साहब डकार गए।
इसके अलावा और भी तमाम ऐसे लाभार्थियों के नाम परिपूर्ण सूची में दर्ज है जिन्हें शौचालय मिला ही नहीं है या फिर लाभार्थी ने भी मिलकर पुराने शौचालय को ही नया दिखा दिया गया।
ताखा ग्राम पंचायत के बिरतिया निवासी बदन सिंह यादव, संदीप कठेरिया ताखा, मुकुट सिंह निवासी पाहकला, लालसिंह ताखा सहित तमाम ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी ताखा दिनेश सिंह एवं खंड विकास अधिकारी ताखा लोकेश मिश्रा को लिखित शिकायत देते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और लाभार्थियों को उनका हक दिलाने की मांग की है।
इस संबंध में उपजिलाधिकारी ताखा दिनेश सिंह ने बताया पूरे मामले की शिकायत मिली है मामला गंभीर है। पूरे मामले की वह जाच करेंगे और दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी।
विज्ञापन
लोहिया ग्राम पंचायत ताखा में स्वच्छ भारत मिशन की धज्जियां उड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई है। शौचालय के निर्माण को मजाक बनाकर रख दिया गया है। ताखा में साढ़े चार सौ से अधिक शौचालयों का पैसा पूर्व ग्राम प्रधान और पंचायत सेक्रेटरी ने उस समय निकाला जब प्रधान का कार्यकाल समाप्त होने में चंद दिन ही बचे थे।
विज्ञापन
आखिर जब इतने कम समय में भारी संख्या में शौचालयों का निर्माण संभव ही नहीं था तो फिर पंचायत सेक्रेटरी ने इतनी भारी भरकम रकम क्यों निकलवा दिया । 340 लाभार्थियों के शौचालयों को जिला पंचायत राज अधिकारी के कार्यालय में परिपूर्ण दिखाकर फीडिंग कर दी गई है ।
विज्ञापन
इस सूची में तमाम उन लाभार्थियों के नाम भी शामिल हैं जिन्हें नया शौचालय तो नहीं मिला पर उनके पुराने शौचालय को ही नया दिखा दिया गया है। यह खुलासा तब हुआ जब इसी पंचायत के पूर्व ब्लॉक प्रमुख शिवप्रताप यादव ने स्वयं जिला पंचायत राज अधिकारी मिहीलाल यादव से मिलकर उनसे वह सूची प्राप्त की।
जिसमें 340 लाभार्थियों के शौचालयों को परिपूर्ण दिखाते हुए बाकायदा प्रत्येक लाभार्थी की फोटो या फिर शौचालय की फोटो भी दर्शाई गयी है। सूची में चस्पा फोटो इस प्रकार है कि उन्हें कोई पहचान ही न पाए। पूर्व ब्लाक प्रमुख शिवप्रताप यादव बताते हैं कि इतने बड़े खेल में निश्चित रूप से अन्य अधिकारियों की भी संलिप्तता होगी। इसलिये पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
340 लाभार्थियों की सूची में आजम निवासी ताखा का क्रमांक संख्या 240 पर नाम दर्ज है। इनके शौचालय को परिपूर्ण दिखाया गया है । वहीं आजम ने अपना पुराना टूटा फूटा शौचालय दिखाते हुए बताया कि उसके पास यही एक पुराना शौचालय है जिसे अपने संसाधनों से काफी पहले बनवाया है।
जिसमें सन 1970 लिखी हुई ईंटे लगी हैं। यदि कोई जांच करना चाहे तो वह अपना शौचालय तोड़कर पुराने होने का प्रमाण दे सकता है। यही हाल जयरूदीन निवासी ताखा का है। इनका नाम परिपूर्ण सूची में क्रमांक संख्या 275 में दर्ज है। जयरूदीन ने बताया उसका शौचालय वर्ष 2004 में आई योजना के तहत बना है।
लोहिया पंचायत होने के बाद उसे कोई शौचालय मिला ही नहीं है। इसी सूची में शिवकुमार निवासी ताखा का नाम क्रम संख्या 337में दर्ज है जबकि शिवकुमार को तो शौचालय के नाम पर कुछ भी नहीं मिला है। यह लोग तो वो हैं जो खुलेआम अपनी बात कह रह रहे हैं। तमाम लाभार्थियों के सामने समस्या मरता क्या न करता वाली स्थिति है।
जिसके नाम से लोहिया योजना के तहत शौचालय आया था और उनके पास पुराना शौचालय पहले से बना था। उन्हें प्रधान ने चंद पैसों का लालच देकर पुराने शौचालय को ही नए में दिखा दिया। इसी लालच में लाभार्थी के बारह हजार प्रधान और सेक्रेटरी साहब डकार गए।
इसके अलावा और भी तमाम ऐसे लाभार्थियों के नाम परिपूर्ण सूची में दर्ज है जिन्हें शौचालय मिला ही नहीं है या फिर लाभार्थी ने भी मिलकर पुराने शौचालय को ही नया दिखा दिया गया।
ताखा ग्राम पंचायत के बिरतिया निवासी बदन सिंह यादव, संदीप कठेरिया ताखा, मुकुट सिंह निवासी पाहकला, लालसिंह ताखा सहित तमाम ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी ताखा दिनेश सिंह एवं खंड विकास अधिकारी ताखा लोकेश मिश्रा को लिखित शिकायत देते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और लाभार्थियों को उनका हक दिलाने की मांग की है।
इस संबंध में उपजिलाधिकारी ताखा दिनेश सिंह ने बताया पूरे मामले की शिकायत मिली है मामला गंभीर है। पूरे मामले की वह जाच करेंगे और दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी।