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दृढ इच्छा शक्ति के सामने कोई बाधा रोक नहीं सकती
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ऊसराहार (इटावा)। अंतरराष्ट्रीय साइक्लिस्ट हीरालाल यादव ने छात्रों को सफलता का मंत्र देते हुए कहा कि आप भविष्य के बछेंद्री पाल, कल्पना चावला और अरुणिमा सिन्हा हो। अगर दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो सामने कितनी ही बाधाएं आएं, आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता।
ऊसराहार क्षेत्र के एमएस महाविद्यालय में सद्भावना संवाद में अंतरराष्ट्रीय साइकिल यात्री हीरालाल यादव ने छात्र-छात्राओं से बातचीत की। प्रथम अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा का उदाहरण दिया। देश को बचाए और बनाए रखने के लिए कहा कि हर व्यक्ति को पौधरोपण करना होगा। स्वच्छता अभियान के प्रति जागरूक रहना होगा। प्लास्टिक मुक्त भारत का सपना साकार करना होगा।
उन्होंने छात्र-छात्राओं के सवालों के जवाब मोबाइल फोन से कल्पना चावला के पिता और कारगिल युद्ध में वीरता पुरस्कार से सम्मानित योगेंद्र सिंह से बातचीत कराकर दिया। गोरखपुर जिले के सिधारी गांव निवासी 58 वर्षीय हीरालाल लोगों को भाईचारा बनाए रखने, बेटियों को बचाने, नशे से दूर रहने और शहीदों का सम्मान करने जैसे संदेश देते हैं। वर्ष 1997 में साइकिल यात्रा कर संवेदना जागृति अभियान शुरू किया था। नशा मुक्त भारत का संदेश लेकर भारत की यात्रा पर निकले हीरालाल को 29 जुलाई 2013 को पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम सम्मानित कर चुके हैं। संवाद कार्यक्रम में तहसीलदार ताखा श्रीराम यादव, जेई रामपाल सिंह यादव, प्रबंधक मीरा देवी यादव, प्रधानाध्यापक अनिल यादव आदि मौजूद रहे।
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ऊसराहार क्षेत्र के एमएस महाविद्यालय में सद्भावना संवाद में अंतरराष्ट्रीय साइकिल यात्री हीरालाल यादव ने छात्र-छात्राओं से बातचीत की। प्रथम अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा का उदाहरण दिया। देश को बचाए और बनाए रखने के लिए कहा कि हर व्यक्ति को पौधरोपण करना होगा। स्वच्छता अभियान के प्रति जागरूक रहना होगा। प्लास्टिक मुक्त भारत का सपना साकार करना होगा।
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उन्होंने छात्र-छात्राओं के सवालों के जवाब मोबाइल फोन से कल्पना चावला के पिता और कारगिल युद्ध में वीरता पुरस्कार से सम्मानित योगेंद्र सिंह से बातचीत कराकर दिया। गोरखपुर जिले के सिधारी गांव निवासी 58 वर्षीय हीरालाल लोगों को भाईचारा बनाए रखने, बेटियों को बचाने, नशे से दूर रहने और शहीदों का सम्मान करने जैसे संदेश देते हैं। वर्ष 1997 में साइकिल यात्रा कर संवेदना जागृति अभियान शुरू किया था। नशा मुक्त भारत का संदेश लेकर भारत की यात्रा पर निकले हीरालाल को 29 जुलाई 2013 को पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम सम्मानित कर चुके हैं। संवाद कार्यक्रम में तहसीलदार ताखा श्रीराम यादव, जेई रामपाल सिंह यादव, प्रबंधक मीरा देवी यादव, प्रधानाध्यापक अनिल यादव आदि मौजूद रहे।
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