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इटावा : मानव तस्करी की आशंका में ट्रेन से उतारे गए नौ बच्चे, जीआरपी ने दो बार रोकी नार्थ ईस्ट एक्सप्रेस
Sun, 04 Jul 2021 11:06 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 04 Jul 2021 11:06 PM IST
सार
गुवाहाटी से नई दिल्ली जा रही नार्थ ईस्ट एक्सप्रेस ट्रेन इटावा रेलवे स्टेशन पर रविवार शाम को पहुंची। तो जीआरपी ने चार बच्चों व उन्हें लेकर जा रहे लोगों को ट्रेन से नीचे उतार लिया। इसके बाद अन्य बच्चों की तलाश शुरू की।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
इटावा जिले में एक समाजसेवी संस्था ने मानव तस्करी की आशंका जताते हुए जीआरपी से शिकायत की। जिसके बाद रविवार को नार्थ-ईस्ट एक्सप्रेस को इटावा रेलवे स्टेशन पर रोक लिया गया। जीआरपी ने ट्रेन से नौ बच्चों और उन्हें लेकर जा रहे लोगों को ट्रेन के अलग-अलग कोच से उतार लिया।
इस दौरान एक नाबालिग लड़का गायब हो गया। पुलिस को छानबीन में पता चला कि पांच बच्चे अपने माता-पिता की सहमति से गुजरात के गांधीनगर स्थित मदरसे में पढ़ने जा रहे थे। इसी तरह चार बच्चे दिल्ली जा रहे थे।
गुवाहाटी से नई दिल्ली जा रही नार्थ ईस्ट एक्सप्रेस ट्रेन इटावा रेलवे स्टेशन पर रविवार शाम को पहुंची। तो जीआरपी ने चार बच्चों व उन्हें लेकर जा रहे लोगों को ट्रेन से नीचे उतार लिया। इसके बाद अन्य बच्चों की तलाश शुरू की। इस दौरान ट्रेन चल दी।
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तो जीआरपी कर्मियों ने चेन पुलिंग करके ट्रेन को रोका। ट्रेन के रामनगर क्रासिंग के पास रुकने के बाद एस-1 कोच से पांच बच्चे को नीचे उतारा गया। ये बच्चे मुगरिया जनपद कटिहार बिहार निवासी हाफिज मोहम्मद शफी के साथ उतारे गए।
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इस दौरान एक नाबालिग लड़का गायब हो गया। पुलिस को छानबीन में पता चला कि पांच बच्चे अपने माता-पिता की सहमति से गुजरात के गांधीनगर स्थित मदरसे में पढ़ने जा रहे थे। इसी तरह चार बच्चे दिल्ली जा रहे थे।
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गुवाहाटी से नई दिल्ली जा रही नार्थ ईस्ट एक्सप्रेस ट्रेन इटावा रेलवे स्टेशन पर रविवार शाम को पहुंची। तो जीआरपी ने चार बच्चों व उन्हें लेकर जा रहे लोगों को ट्रेन से नीचे उतार लिया। इसके बाद अन्य बच्चों की तलाश शुरू की। इस दौरान ट्रेन चल दी।
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तो जीआरपी कर्मियों ने चेन पुलिंग करके ट्रेन को रोका। ट्रेन के रामनगर क्रासिंग के पास रुकने के बाद एस-1 कोच से पांच बच्चे को नीचे उतारा गया। ये बच्चे मुगरिया जनपद कटिहार बिहार निवासी हाफिज मोहम्मद शफी के साथ उतारे गए।
इनमें से एक करीब 15 वर्षीय का लड़का मौका पाकर भाग गया। इस दौरान करीब 20 मिनट तक ट्रेन खड़ी रही। बच्चे व उनके संरक्षकों को थाना जीआरपी लाया गया, तो वहां भीड़ लग गई। शहर के हाफिज और अन्य मौलवी भी आ गए। पुलिस मामले की तहकीकात कर रही है।
जीआरपी थाना प्रभारी नौशाद अहमद ने बताया कि कानपुर से ट्रेन के चलने पर बच्चों को मानव तस्करी कर ले जाने की सूचना दी गई थी। इसी के तहत बच्चों को ट्रेन से उतारा गया। बच्चों के माता-पिता से वीडियो कॉल करके पूछताछ की गई है।
पांच बच्चों के माता-पिता ने अपनी मर्जी से हाफिज के साथ भेजने की बात कही है। बाकी बच्चे भी अपने माता-पिता की सहमति से जा रहे थे। इससे मानव तस्करी का आरोप निराधार निकाला है। गायब हुए किशोर की तलाश की जा रही है। इन लोगों को रात में दूसरी ट्रेन से भेजा जाएगा।
जीआरपी थाना प्रभारी नौशाद अहमद ने बताया कि कानपुर से ट्रेन के चलने पर बच्चों को मानव तस्करी कर ले जाने की सूचना दी गई थी। इसी के तहत बच्चों को ट्रेन से उतारा गया। बच्चों के माता-पिता से वीडियो कॉल करके पूछताछ की गई है।
पांच बच्चों के माता-पिता ने अपनी मर्जी से हाफिज के साथ भेजने की बात कही है। बाकी बच्चे भी अपने माता-पिता की सहमति से जा रहे थे। इससे मानव तस्करी का आरोप निराधार निकाला है। गायब हुए किशोर की तलाश की जा रही है। इन लोगों को रात में दूसरी ट्रेन से भेजा जाएगा।