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मुसलमान बदहाली के लिए खुद जिम्मेदार-पूर्व राज्यपाल डा. अजीज कुरैशी
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
Updated Sun, 09 Aug 2015 11:17 PM IST
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‘आज मुसलमानों की जो हालत है, उसके लिए सरकार नहीं वे खुद जिम्मेदार हैं। उन्हें चाहिए कि वह शिक्षित बनें और खुद को आर्थिक रूप से मजबूत बनाएं।’ यह बात यूपी के पूर्व राज्यपाल डा.अजीज कुरैशी ने अगस्त क्रांति दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम में कही।
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वह इस्लामियां कालेज के सभागार में लोगों को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने मौलाना अबुल कलाम आजाद को याद करते हुए देश की एकता और अखंडता पर जोर दिया। स्वतंत्रता संग्राम पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि जिन्ना ने देश का बंटवारा कराया लेकिन पाकिस्तान के चारों प्रांतों के मुसलमानों ने इसका विरोध किया था।
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यूपी और बिहार के अधिकांश मुसलमान बंटवारा चाहते थे लेकिन इसके बाद भी देश की एकता व अखंडता को कायम रखने के लिए कांग्रेस पार्टी ने आपसी भाईचारे पर सबसे अधिक जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस देश को आपसी भाईचारे से ही जिंदा रखा जा सकता है।
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बंटवारे के समय जो मुसलमान यहां रह गए, वे अपनी मर्जी से रहे हैं। उनके पास महज पाकिस्तान ही नहीं टर्की, सऊदी अरब समेत कई देशों में जाने के विकल्प थे। यदि मुसलमान ने यहां रहने का फैसला किया तो उसकी कद्र होनी चाहिए। यह उसके अपने देश के प्रति वफादारी और सम्मान को दर्शाता है।
उन्होंने आतंकी घटनाओं की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि बहुत अफसोस होता है कि यहां के चंद युवाओं ने आईएस जैसे आतंकी संगठन का रुख किया। आतंकवाद से लड़ने का जिम्मा सिर्फ सरकार का नहीं है, हरेक मुसलमान का है। गांव, गली, चौराहों, मोहल्लों आदि जहां भी ऐसे विघटनकारी तत्व नजर आएं। उनसे सख्ती से निपटेें।
आज हैदराबाद के ओवैसी बंधु जो धार्मिक कट्टरता को बढ़ावा दे रहे हैं, वह देश के हित में नहीं है। श्री कुरैशी ने कहा कि मुसलमान को तरक्की के रास्ते को अपनाना चाहिए। किसी के बहकावे में आकर कौम का नुकसान नहीं करना चाहिए। आह्वान किया कि शिक्षा और आर्थिक तरक्की की बुनियाद पर उन्हें आगे बढ़ना चाहिए।
आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए रोजगार करें। कौम के लोग हुनरमंद हैं, अपने स्तर पर प्रयास करें। सरकार के बल पर सब कुछ नहीं संवारा जा सकता है।
बोले, प्रदेश में कानून व्यवस्था में सुधार की जरूरत
कार्यक्रम में आए यूपी के पूर्व राज्यपाल डा. अजीज कुरैशी ने माना कि सूबे की कानून व्यवस्था दुरुस्त नहीं है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री युवा हैं और प्रदेश में बेहतर कार्य कर रहे हैं। लेकिन घटनाओं को लेकर कानून व्यवस्था पर लगातार सवाल खड़े होते रहते हैं। इस दिशा में सुधार होना चाहिए तो बेहतर परिणाम आएंगे।
‘सहमा हुआ है हर सेक्यूलर व्यक्ति’
इटावा। मौलाना आजाद सामाजिक एकता समिति के तत्वावधान में अगस्त क्रांति दिवस पर हुए कार्यक्रम में पूर्व राज्यपाल डा अजीज कुरैशी मुख्य अतिथि के तौर पर शरीक हुए। कार्यक्रम में देश की एकता और अखंडता पर चिंतन हुआ।
इस्लामियां इंटर कालेज में हुए इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में पूर्व राज्यसभा सदस्य मोहम्मद अदीब ने कहा कि मुल्क की आजादी और हिफाजत के लिए इस देश में हमेशा सांझी विरासत के साथ लड़ाई लड़ी गई लेकिन आज देश का हर सेक्यूलर व्यक्ति सहमा हुआ है। गांधी के देश में गोडसे का मंदिर बनाने की कोशिशें हो रहीं हैं।
जातिवाद और फिरकापरस्ती बढ़ती जा रही है। पहले मुल्क का बंटवारा हुआ और अब हिंदू मुसलमानों के दिलों को बांटने की पुरजोर कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि मिलकर चलने से ही हमारी सांझी विरासत बच पाएगी।
अध्यक्षता करते हुए अमीर हैदर एडवोकेट ने कहा कि यदि भारत के मुसलमानों ने मौलाना आजाद की बात सुनी और मानी होती तो हमारी इज्जत में इजाफा होता। जब तक सेक्यूलर हिंदू हैं, मुसलमान उनके साथ मिलकर सांझी विरासत के लिए लड़ता रहेगा।
उन्होंने आयोजक जमील कुरैशी का इस बात के लिए साधुवाद किया कि वह शहीदों को याद करने का मौका प्रदान करते हैं। इस मौके पर अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व चेयरमैन डा जफरुल हक ने कहा कि इस देश की आजादी में मुसलमानों ने तारीखी कुुर्बानियां दी, जिन्हें याद रखा जाएगा। इससे पूर्व समिति के अध्यक्ष व आयोजक जमील कुरैशी ने स्वागत किया।
संचालन कुदरत उल्ला खां ने किया। हाजी अरशद खां ने एक प्रस्ताव पढ़कर सुुनाया। कालेज प्रबंधक मोहम्मद अल्ताफ, प्रधानाचार्य मोहम्मद तारिक, मुबारक अंजुम, हाजी इलियास, शफी अहमद, नफीस अहमद मंसूरी, शफीक, इस्माइल खां आदि ने अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया।