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Etawah News: करोड़ों की हेराफेरी में आयुर्विज्ञान विवि का डॉक्टर गिरफ्तार

Tue, 07 Nov 2023 11:34 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा Updated Tue, 07 Nov 2023 11:34 PM IST
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Medical University doctor arrested for embezzlement of crores
सैफई (इटावा)। करोड़ों रुपये की हेराफेरी करने के आरोप में सैफई आयुर्विज्ञान विवि के हृदय विभाग के सर्जन को गिरफ्तार किया गया है। उन पर नकली पेसमेकर लगाकर मरीजों की जान से खिलवाड़ करने का आरोप है। उन्हें भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय, लखनऊ में पेश किया गया।
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एसएसपी संजय वर्मा ने बताया कि सात फरवरी 2022 को कॉर्डियोलॉजी विभाग में सहायक पद पर तैनात रहे डॉ. समीर सर्राफ के खिलाफ तत्कालीन चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आदेश कुमार ने मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें डॉ. समीर पर पेसमेकर समेत अन्य उपकरणों की खरीद में हेराफेरी के आरोप लगाए गए थे। कंपनियों से लाभ पाकर कई बार विदेश यात्राओं पर भी जाने की बात बताई गई थी।
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भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम तथा जालसाजी धोखाधड़ी के तहत रिपोर्ट दर्ज करके मामले की जांच शुरू की गई थी। सीओ नागेंद्र चौबे की जांच में आरोप सही पाने के बाद मंगलवार सुबह 10 बजे आरोपी डॉक्टर को सैफई थाना क्षेत्र के दुमीला गांव के पास से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उन्हें भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय लखनऊ में पेश किया गया।
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यह है मामला
उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई के कॉर्डियोलॉजी विभाग में कार्यरत डॉक्टर समीर सर्राफ ने मरीजों को नकली पेसमेकर एसजीपीजीआई की तय कीमत से कई गुना अधिक दामों पर लगाया था। एक मरीज की शिकायक पर 2019 में विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक जांच कमेटी गठित की थी। जांच कमेटी ने भ्रष्टाचार पाया। इसमें तय कीमत से नौ गुना अधिक कीमत वसूलने की अनियमितता पाई गई। विवि प्रशासन की ओर से फरवरी 2022 में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। शासन से भी राज्य स्तरीय जांच टीम गठित कराई गई। इसमें विश्वविद्यालय के कैथ लैब में एक से डेढ़ साल का सामान उपलब्ध होने के बावजूद डॉ. सर्राफ और संलिप्त अन्य लोगों की ओर से वर्ष 2019 में करीब एक करोड़ मूल्य की अनावश्यक चीजें खरीदने के आरोप सही पाए गए। विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच में धांधली की पुष्टि के बाद भुगतान भी रोका था। यह भी आरोप लगाया गया है कि डॉ. समीर सर्राफ ने कई पीड़ित मरीजों से धोखाधड़ी कर गलत पेसमेकर लगाया और अनुचित तरीके से अधिक मूल्य वसूला है। तहरीर में यह भी आरोप है कि डॉक्टर समीर ने सपरिवार नियम विरुद्ध कई अनधिकृत विदेश यात्राएं भी कीं। जिन कंपनियों को इन्होंने लाभ दिलाया उन कंपनियों ने डॉक्टर को तमाम अन्य लाभ भी दिए।


17 माह तक कार्डियोलॉजी की ओपीडी रही थी बंद

कार्डियोलॉजी विभाग के डॉ. समीर सर्राफ को 20 मार्च 2021 को निलंबित कर दिया गया था। इकलौते डॉक्टर होने की वजह से विभाग बंद करना पड़ा था। करीब 17 माह तक विभाग में नए डॉक्टर की तैनाती न होने से वह बंद रहा। इसके बाद 29 जुलाई 2022 को कार्यसमिति की बैठक में मरीजों के हित में जांच जारी रहने तक डॉ. समीर को बहाल करके विभाग की सेवाएं शुरू कराई गईं। चार जनवरी 2023 को विवि ने अन्य डॉक्टरों की तैनाती होने के बाद उसे विभागाध्यक्ष के पद से हटाकर डॉ. सुभाष चंद्रा को चार्ज दिया था।
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