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वर्षा जल संचयन के लिए बनाए चेकडैम
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
Updated Mon, 03 Jul 2017 12:03 AM IST
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ग्रामीणों को चेकडैम की जानकारी देते जल संरक्षक निर्मल सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
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बीहड़ क्षेत्र के हड़ौली गांव में वर्षा जल संचयन के लिए छोटे चेकडैम बनाए गए। इस असंभव कार्य को संस्था नेचर कंजर्वेशन एंड ह्यूमन वेलफेयर सोसाइटी के जल सैनिकों व जल संरक्षक निर्मल सिंह ने किया।
जल, जीवन, जंगल, जमीन बचाने की लंबी लड़ाई लड़ने वाले जल संरक्षक निर्मल सिंह ने यमुना नदी के किनारे हड़ौली में चौपाल लगाकर कहा कि पानी की हर एक बूंद बचानी चाहिए। वर्षा जल संचयित करने का यह सही समय है। हमें खेत का पानी खेत में रोकने के लिये मेड़ बंदी व छोटे-छोटे चेकडैम बनाने चाहिए। हमें जल बचाने का सामाजिक व नैतिक कर्तव्य निभाना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ी को पानी के लिए भटकना ना पड़े। जल है तो कल है।
किसान हाकिम सिंह राजपूत के खेत का सोसाइटी ने निरीक्षण किया। खेत खार के किनारे पर था। वर्षा होने पर खेत की उपजाऊ मिट्टी बहकर यमुना में मिल जाती थी। जिस पर निर्मल सिंह, पूर्व ग्राम प्रधान वीरेंद्र सिंह और जल सैनिकों ने श्रम दान कर खेत में 30 फिट लंबी, आठ फिट ऊंची चेकडैम व मेड़ बंदी कर डाली।
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वीरेंद्र सिंह ने कहा कि वर्षा जल का संचयन से जलस्तर भी बढ़ जाएगा, साथ ही किसानों की उपजाऊ खेत की मिट्टी बहने से बच जाएगी। इस मौके पर अवंतीबाई समाज सेवा समिति के प्रबंधक जगत सिंह राजपूत ने कहा कि वर्षा जल बचाने से वायुमंडल में नमी तथा जैव विविधता बढ़ जाएगी। पशु पक्षियों को पीने के लिए जल मिल सकेगा तथा हरा चारा भी पैदा होगा। श्रम दान करने में राजकुमार राजपूत, राकेश कुमार, राजीव कुमार, वीरेंद्र कुमार, चंद्रशेखर राजपूत आदि शामिल हैं।
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जल, जीवन, जंगल, जमीन बचाने की लंबी लड़ाई लड़ने वाले जल संरक्षक निर्मल सिंह ने यमुना नदी के किनारे हड़ौली में चौपाल लगाकर कहा कि पानी की हर एक बूंद बचानी चाहिए। वर्षा जल संचयित करने का यह सही समय है। हमें खेत का पानी खेत में रोकने के लिये मेड़ बंदी व छोटे-छोटे चेकडैम बनाने चाहिए। हमें जल बचाने का सामाजिक व नैतिक कर्तव्य निभाना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ी को पानी के लिए भटकना ना पड़े। जल है तो कल है।
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किसान हाकिम सिंह राजपूत के खेत का सोसाइटी ने निरीक्षण किया। खेत खार के किनारे पर था। वर्षा होने पर खेत की उपजाऊ मिट्टी बहकर यमुना में मिल जाती थी। जिस पर निर्मल सिंह, पूर्व ग्राम प्रधान वीरेंद्र सिंह और जल सैनिकों ने श्रम दान कर खेत में 30 फिट लंबी, आठ फिट ऊंची चेकडैम व मेड़ बंदी कर डाली।
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वीरेंद्र सिंह ने कहा कि वर्षा जल का संचयन से जलस्तर भी बढ़ जाएगा, साथ ही किसानों की उपजाऊ खेत की मिट्टी बहने से बच जाएगी। इस मौके पर अवंतीबाई समाज सेवा समिति के प्रबंधक जगत सिंह राजपूत ने कहा कि वर्षा जल बचाने से वायुमंडल में नमी तथा जैव विविधता बढ़ जाएगी। पशु पक्षियों को पीने के लिए जल मिल सकेगा तथा हरा चारा भी पैदा होगा। श्रम दान करने में राजकुमार राजपूत, राकेश कुमार, राजीव कुमार, वीरेंद्र कुमार, चंद्रशेखर राजपूत आदि शामिल हैं।