{"_id":"69ebaf2ae4c83f8b850dab3f","slug":"lion-terror-grips-84-villages-in-the-ravines-leading-to-combing-operations-etawah-news-c-216-1-etw1012-141712-2026-04-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etawah News: बीहड़ के 84 गांवों में शेर की दहशत, हुई कांबिंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etawah News: बीहड़ के 84 गांवों में शेर की दहशत, हुई कांबिंग
विज्ञापन
चकरनगर। कस्बा क्षेत्र के बीहड़ के गांव कोला में बब्बर शेर दिखने का वीडियो वायरल होने से आसपास के क्षेत्र में दहशत का माहौल है। इसके चलते कोला, सिरसा, भोया, टिटावली, अर्रुकापुरा, प्रेमपुरा, सोनेपुरा, कोटरा, बिरौनाबाग, विडवा कला, मिटहटी, नदा, सहसों और पसिया समेत करीब 84 गांवों के लोग इस कदर भयभीत हैं कि वह शाम के समय से ही घर के बाहर निकलने से बच रहे हैं।
बुधवार को जो वीडियो वायरल हुआ वह कोला गांव के बीहड़ का बताया गया था और उसमें टीले पर बब्बर शेर के बैठे होने का दावा किया जा रहा है। इस मामले को लेकर शुक्रवार को भी सेंचुरी विभाग की टीम ने कोला गांव में पहुंचकर बीहड़ में कांबिंग की लेकिन बीहड़ में किसी बड़े वन्यजीव के पगचिह्न नहीं मिले। अधिकारियों का मानना है कि वीडियो में दिख रहा जानवर तेंदुआ भी हो सकता है हालांकि पुष्टि अभी नहीं हुई है।
सेंचुरी विभाग की टीम ने ग्रामीणों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध वन्यजीव की सूचना तुरंत विभाग को दें और खुद से उसका पीछा करने या पकड़ने की कोशिश न करें। इधर, डर के चलते किसानों ने खेतों में खड़ी फसल की देखभाल तक छोड़ दी है और अधिकांश लोग शाम होते ही घरों में दुबक जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुधवार को जो वीडियो वायरल हुआ वह कोला गांव के बीहड़ का बताया गया था और उसमें टीले पर बब्बर शेर के बैठे होने का दावा किया जा रहा है। इस मामले को लेकर शुक्रवार को भी सेंचुरी विभाग की टीम ने कोला गांव में पहुंचकर बीहड़ में कांबिंग की लेकिन बीहड़ में किसी बड़े वन्यजीव के पगचिह्न नहीं मिले। अधिकारियों का मानना है कि वीडियो में दिख रहा जानवर तेंदुआ भी हो सकता है हालांकि पुष्टि अभी नहीं हुई है।
विज्ञापन
सेंचुरी विभाग की टीम ने ग्रामीणों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध वन्यजीव की सूचना तुरंत विभाग को दें और खुद से उसका पीछा करने या पकड़ने की कोशिश न करें। इधर, डर के चलते किसानों ने खेतों में खड़ी फसल की देखभाल तक छोड़ दी है और अधिकांश लोग शाम होते ही घरों में दुबक जा रहे हैं।
विज्ञापन