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खरना पर की कलश स्थापना, छठी माता को लगाया भोग
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इटावा। चार दिवसीय छठ महापर्व के दूसरे दिन शनिवार को खरना मनाया गया। शाम को व्रती महिलाओं ने कलश की स्थापना कर छठ मइया को रोटी, पूड़ी और रसियाव का भोग लगाया। गो माता व अग्नि देव के लिए भोग निकाला गया।
शिक्षिका ऋचा राय ने बताया कि खरना मेें गन्ने का रस या गुड़ में बनी खीर का भोग लगाया जाता है। जिसे रसियाव या खीर कहते हैं। इस मौके पर व्रती सुहागिनों को सिंदूर लगाया गया। प्रसाद ग्रहण करने के बाद खरना का व्रत पूरा हुआ। महिलाओं ने छठ के गीत गाए।
अब रविवार सुबह अर्घ्य देकर निर्जला व्रत का संकल्प लिया जाएगा। रविवार शाम को यमुना जी में अस्त होते सूर्यदेव को अर्घ्य दिया जाएगा। सोमवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद छठी व्रत पूरा होगा।
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शिक्षिका ऋचा राय ने बताया कि खरना मेें गन्ने का रस या गुड़ में बनी खीर का भोग लगाया जाता है। जिसे रसियाव या खीर कहते हैं। इस मौके पर व्रती सुहागिनों को सिंदूर लगाया गया। प्रसाद ग्रहण करने के बाद खरना का व्रत पूरा हुआ। महिलाओं ने छठ के गीत गाए।
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अब रविवार सुबह अर्घ्य देकर निर्जला व्रत का संकल्प लिया जाएगा। रविवार शाम को यमुना जी में अस्त होते सूर्यदेव को अर्घ्य दिया जाएगा। सोमवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद छठी व्रत पूरा होगा।
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