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रजबहा में खांदी, डूब गई सौ बीघा फसल

Fri, 11 Mar 2022 11:44 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 11 Mar 2022 11:44 PM IST
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Khandi in Rajbaha, 100 bighas of crop drowned
रजवाहा के पानी से जलमग्न खेत। - फोटो : ETAWAH
बसरेहर। सिंचाई विभाग की लापरवाही से कई किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया। रजबहा में खांदी कटने से किसानों की करीब 100 बीघा फसलें डूब गईं। गई। घटना शुक्रवार सुबह की है। किसान अपनी फसलों को देखकर चिंतित हो रहे हैं।
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विकास खंड बसरेहर क्षेत्र के झम्मनपुर के पास से गुजरे बहादुरपुर रजबहा का आगे निकास नहीं है। इस वजह से शुक्रवार सुबह आठ बजे के करीब 103 बीघा आलू, सरसों और गेंहू की फसल जलमग्न हो गई।
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यह फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है। किसानों ने बताया कि लुहिया गंग नहर से बहादुरपुर रजबहा निकला है। यह रजबहा रजपुरा गांव के पास सैफई-रिटोली बंबा से जुड़ता है।
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रजपुरा ग्राम पंचायत ने बहादुरपुर रजबहा को बंद कर वहां रास्ते का निर्माण करा दिया है। इस वजह से जब भी नहर में पानी की मात्रा बढ़ती है तो किसानों को नुकसान पहुंचाता है।
नहर से रजबहा में पानी वेग से आता है। पानी निकास की कहीं व्यवस्था न होने की वजह से जगह-जगह रजबहा फट जाता है। इस वजह से खेती बर्बाद हो जाती है।
किसानों ने बताया कि रनवीर सिंह की सरसों और आलू की तैयार 40 बीघा फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई। अरविंद की नौ बीघा, मोहनलाल की नौ बीघा, सुरेश चंद्र 12 बीघा, रमेश छह बीघा, हरविलास दो बीघा, सुरेश एक बीघा, प्रदीप कुमार सात बीघा, अरुण दुबे चार बीघा, राजवीर सिंह तीन बीघा, मलखान सिंह एक बीघा, श्री कृष्ण तीन बीघा, गोविंद की पांच बीघा फसल जलमग्न हुई है।
इसमें सरसों और आलू की फसल तैयार थी। किसान आलू खोदाई की तैयारी कर रहा था और सरसों की भी जल्द कटाई होनी थी। उधर, जेई नरेंद्र कुमार का कहना है कि मामला संज्ञान में है। रजबहा का पानी रोक दिया गया है। निकासी की व्यवस्था जल्द की जाएगी।
सदमें में किसान, मुआवजे की मांग
रजबहा में खांदी हो जाने की वजह से किसानों की फसल नष्ट हो गई। जिन किसानों की फसल नष्ट हो गई वे किसान सदमे में हैं। उनका कहना है कि इतनी महंगाई में एक बीघा खेती करने में हजारों रुपये की लागत आती है।

सिंचाई विभाग की इस तरह की लापरवाही से उन्हें तगड़ी चोट पहुंची है। सरकार इस मामले में किसानों को फसल का मुआवजा देकर उनके नुकसान की भरपाई करे। जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई भी होनी चाहिए।
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