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Etawah News: जैविक खेती के लिए किसानों को जीतू कर रहे हैं जागरूक
Fri, 14 Apr 2023 12:54 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Fri, 14 Apr 2023 12:54 AM IST
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इटावा। जैविक खेती के जरिए अच्छा मुनाफा कमा रहे भरथना क्षेत्र के गांव मेढ़ी दुधी के किसान जीतू पाठक किसानों को जैविक खेती करने के प्रति जागरूक कर रहे हैं। करीब 100 बीघा खेत में सब्जियों का उत्पादन करने वाले जीतू 20 लोगों को सालाना रोजगार दे रहे हैं। वर्मी कंपोस्ट लगा रखा है और किसानों को लाभप्रद जानकारी व निशुल्क केंचुआ उपलब्ध करा रहे हैं।
जीतू पाठक ने बताया कि बायो से इंटर की पढ़ाई करने के दौरान पिता की हृदयगति रुकने से मृत्यु हो गई। इस पर घर के अकेले होने के बाद पूरी जिम्मेदारी उनके ऊपर आ गई । इस कारण आगे की पढ़ाई नहीं कर सके। वर्ष 2005 से उन्होंने खेती करना शुरू किया। शुरू में आलू और लहसुन की खेती करते थे, लेकिन दो साल से मल्चिंग विधि से सब्जी की खेती कर रहे हैं। बारिश के महीने में बंद गोभी, मिर्च व शिमला मिर्च की खेती की। इसके अलावा खीरा, टमाटर की जैविक खेती से परिणाम अच्छे मिले। सब्जी से सालाना करीब आठ लाख रुपये का मुनाफा हुआ।
बताया, गांव में पहले नौ वर्मी कंपोस्ट लगे थे, लेकिन उनके पास ही वर्मी कंपोस्ट बचा है। उनके पास पर्याप्त मात्रा में केंचुआ हैं और वह उन्हें निशुल्क देते हैं। इस बात पर जोर देते हैं कि वह भी जैविक खेती के प्रति जागरूक हों। कहा कि कोई भी किसान खेती के बारे में उनसे जानकारी हासिल कर सकते हैं। इस समय आलू के खेत में आठ एकड़ में मक्का और लहसुन के चार एकड़ खेत में मूंग लगा रखी है। बताया वह स्ट्रॉबेरी की खेती करने की तैयारी कर रहे हैं।
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जीतू पाठक ने बताया कि बायो से इंटर की पढ़ाई करने के दौरान पिता की हृदयगति रुकने से मृत्यु हो गई। इस पर घर के अकेले होने के बाद पूरी जिम्मेदारी उनके ऊपर आ गई । इस कारण आगे की पढ़ाई नहीं कर सके। वर्ष 2005 से उन्होंने खेती करना शुरू किया। शुरू में आलू और लहसुन की खेती करते थे, लेकिन दो साल से मल्चिंग विधि से सब्जी की खेती कर रहे हैं। बारिश के महीने में बंद गोभी, मिर्च व शिमला मिर्च की खेती की। इसके अलावा खीरा, टमाटर की जैविक खेती से परिणाम अच्छे मिले। सब्जी से सालाना करीब आठ लाख रुपये का मुनाफा हुआ।
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बताया, गांव में पहले नौ वर्मी कंपोस्ट लगे थे, लेकिन उनके पास ही वर्मी कंपोस्ट बचा है। उनके पास पर्याप्त मात्रा में केंचुआ हैं और वह उन्हें निशुल्क देते हैं। इस बात पर जोर देते हैं कि वह भी जैविक खेती के प्रति जागरूक हों। कहा कि कोई भी किसान खेती के बारे में उनसे जानकारी हासिल कर सकते हैं। इस समय आलू के खेत में आठ एकड़ में मक्का और लहसुन के चार एकड़ खेत में मूंग लगा रखी है। बताया वह स्ट्रॉबेरी की खेती करने की तैयारी कर रहे हैं।
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