{"_id":"5d978c3b8ebc3e0168432403","slug":"health-etawha-news-knp5177616119","type":"story","status":"publish","title_hn":"बुखार से बच्चे की मौत, 12 से अधिक बीमार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बुखार से बच्चे की मौत, 12 से अधिक बीमार
विज्ञापन
रोते-बिलखते बच्चे के परिजन।
- फोटो : ETAWHA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बसरेहर (इटावा)। वैदपुरा क्षेत्र के ग्राम नगला बाबा में गंदगी की वजह से फैली बीमारी ने सवा साल के बच्चे की जान ले ली। 12 से ज्यादा लोग बीमार हैं। इधर, डॉक्टर का कहना है कि बच्चे की दिगामी इंफेक्शन की वजह से हुई है।
अनिल कुमार ने बताया कि उसके 15 महीने के बच्चे अंकुर को बुखार आ रहा था। शुरू में एक झोलाछाप से दवा ली जिसने जल्द सुधार होने की तसल्ली दी। बच्चे की हालत में सुधरने के बजाए तबीयत और बिगड़ने पर जिला अस्पताल लेकर गए। यहां से बच्चे को सैफई मिनी पीजीआई के लिए रेफर कर दिया गया जहां उपचार के दौरान बच्चे की मौत हो गई।
अनिल कुमार ने बताया कि गांव में बीमारी फैलने की मुख्य वजह गंदगी है। बताया नाला को कुछ लोगों के बंद करने देने से भी पानी आगे न जाकर आसपास भरा हुआ है। इससे पैदा होने वाले मच्छरों और उनके डंक मारने से लोग बीमार हो रहे हैं।
विज्ञापन
बताया कि गांव में अभी 12 से अधिक लोग बीमार चल रहे हैं। इनमें रोहित कुमार पुत्र अमन कुमार, बीनू देवी पत्नी प्रदीप कुमार, रछपाल सिंह पुत्र चुन्नीलाल, विजय सिंह पुत्र बंशीलाल, रतन देवी पत्नी सुघर सिंह, सीमा देवी पत्नी लक्ष्मण सिंह, गुड्डी देवी पत्नी अतर सिंह, राखी व गोपी कुमारी पुत्री बटेश्वर प्रसाद, संगीता देवी पत्नी बृजनंदन शामिल हैं।
जानकारी मिलने पर सीएमओ डॉ.अनिल अग्रवाल ने नगला बाबा में डॉ.अवधेश यादव को गांव भेजा। डॉ.अवधेश यादव का कहना है कि बच्चे की मौत बुखार से नहीं बल्कि दिमागी इंफेक्शन की वजह से हुई। दो निजी चिकित्सकों के यहां भी दिखाया गया। दोनों डॉक्टरों समेत सैफई से बच्चे की जांच रिपोर्ट मंगवा ली है। सीएमओ के निर्देश पर गांव में कैंप लगाकर दवाइयां वितरित की गई तथा एंटी लार्वा का छिड़काव कराया गया।
विज्ञापन
अनिल कुमार ने बताया कि उसके 15 महीने के बच्चे अंकुर को बुखार आ रहा था। शुरू में एक झोलाछाप से दवा ली जिसने जल्द सुधार होने की तसल्ली दी। बच्चे की हालत में सुधरने के बजाए तबीयत और बिगड़ने पर जिला अस्पताल लेकर गए। यहां से बच्चे को सैफई मिनी पीजीआई के लिए रेफर कर दिया गया जहां उपचार के दौरान बच्चे की मौत हो गई।
विज्ञापन
अनिल कुमार ने बताया कि गांव में बीमारी फैलने की मुख्य वजह गंदगी है। बताया नाला को कुछ लोगों के बंद करने देने से भी पानी आगे न जाकर आसपास भरा हुआ है। इससे पैदा होने वाले मच्छरों और उनके डंक मारने से लोग बीमार हो रहे हैं।
विज्ञापन
बताया कि गांव में अभी 12 से अधिक लोग बीमार चल रहे हैं। इनमें रोहित कुमार पुत्र अमन कुमार, बीनू देवी पत्नी प्रदीप कुमार, रछपाल सिंह पुत्र चुन्नीलाल, विजय सिंह पुत्र बंशीलाल, रतन देवी पत्नी सुघर सिंह, सीमा देवी पत्नी लक्ष्मण सिंह, गुड्डी देवी पत्नी अतर सिंह, राखी व गोपी कुमारी पुत्री बटेश्वर प्रसाद, संगीता देवी पत्नी बृजनंदन शामिल हैं।
जानकारी मिलने पर सीएमओ डॉ.अनिल अग्रवाल ने नगला बाबा में डॉ.अवधेश यादव को गांव भेजा। डॉ.अवधेश यादव का कहना है कि बच्चे की मौत बुखार से नहीं बल्कि दिमागी इंफेक्शन की वजह से हुई। दो निजी चिकित्सकों के यहां भी दिखाया गया। दोनों डॉक्टरों समेत सैफई से बच्चे की जांच रिपोर्ट मंगवा ली है। सीएमओ के निर्देश पर गांव में कैंप लगाकर दवाइयां वितरित की गई तथा एंटी लार्वा का छिड़काव कराया गया।