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हल्की बूंदाबांदी से मूंग की कटाई का काम बाधित
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बकेवर। पानी बरसने से किसान मूंग की फसल की कटाई मड़ाई में जुटे हैं। शुक्रवार रात्रि पानी बरसने के कारण मूंग की कटाई का काम बाधित हो गया।
मानसूनी बारिश की आशंका से मूंग उत्पादक किसान काफी चिंतित है। क्योंकि 50 फीसदी फसल की कटाई बाकी है। शुक्रवार रात को एक बार फिर से पानी बरसने के कारण मूंग की फसल भीगने से दाना नम हो गया।
इस कारण कटाई का काम प्रभावित हो गया। वहीं जिनकी फसल कटी पड़ी थी, वो नम हो जाने के कारण खलिहान में एकत्र नहीं कर पा रहे हैं। वहीं जिनकी फसल मड़ाई में लगी थी, मूंग नम होने के कारण मड़ाई नहीं हो सकी।
ग्राम कुड़रिया निवासी किसान गोरेलाल कहते है 18 बीघा मूंग की फसल खड़ी है। भीगने से दाना भी दागी हो गया। अगर पानी ज्यादा बरसा तो खेत में कटी पड़ी मूंग सड़ जाएगी। पवन कुमार कहते है कि तीन दिन से पांच बीघा मूंग की फसल की मड़ाई कर रहा था। पानी मे भीगने से फसल काफी बर्बाद हुई है।
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पुरवाई हवा से पड़ा असर
हवा का रुख सही न चलने से मूंग की पैदावार काफी कम रही है। किसानों का कहना है कि इस बार जहां मूंग की फसल अच्छी थी। वहीं फूल फलियां निकलने के समय काफी दिनों तक पछुआ की जगह पुरवाई हवा चलती रही। इसका फसल पर विपरीत असर पड़ा है। प्रति बीघा 80 किलो से एक क्विंटल निकलने वाली मूंग इस बार 50 से 60 किलो ही निकल रही है।
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मानसूनी बारिश की आशंका से मूंग उत्पादक किसान काफी चिंतित है। क्योंकि 50 फीसदी फसल की कटाई बाकी है। शुक्रवार रात को एक बार फिर से पानी बरसने के कारण मूंग की फसल भीगने से दाना नम हो गया।
इस कारण कटाई का काम प्रभावित हो गया। वहीं जिनकी फसल कटी पड़ी थी, वो नम हो जाने के कारण खलिहान में एकत्र नहीं कर पा रहे हैं। वहीं जिनकी फसल मड़ाई में लगी थी, मूंग नम होने के कारण मड़ाई नहीं हो सकी।
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ग्राम कुड़रिया निवासी किसान गोरेलाल कहते है 18 बीघा मूंग की फसल खड़ी है। भीगने से दाना भी दागी हो गया। अगर पानी ज्यादा बरसा तो खेत में कटी पड़ी मूंग सड़ जाएगी। पवन कुमार कहते है कि तीन दिन से पांच बीघा मूंग की फसल की मड़ाई कर रहा था। पानी मे भीगने से फसल काफी बर्बाद हुई है।
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पुरवाई हवा से पड़ा असर
हवा का रुख सही न चलने से मूंग की पैदावार काफी कम रही है। किसानों का कहना है कि इस बार जहां मूंग की फसल अच्छी थी। वहीं फूल फलियां निकलने के समय काफी दिनों तक पछुआ की जगह पुरवाई हवा चलती रही। इसका फसल पर विपरीत असर पड़ा है। प्रति बीघा 80 किलो से एक क्विंटल निकलने वाली मूंग इस बार 50 से 60 किलो ही निकल रही है।