फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etawah News ›   Good News World got the treatment for corona from Saifai University

खुशखबरी! सैफई विश्वविद्यालय से विश्व को मिली कोरोना के उपचार की दिशा

Tue, 09 Jun 2020 09:18 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 09 Jun 2020 09:18 PM IST
विज्ञापन
Good News World got the treatment for corona from Saifai University
फोटो संख्या 16 सैफई विश्वविद्यालय से विश्व को मिला कोरोना के उपचार की दिशा जनकारी देते कुलपति राज? - फोटो : ETAWHA
कोरोना से जूझ रहे देश समेत पूरे विश्व को सैफई विश्वविद्यालय की रिसर्च में प्रमाणित राज निर्वाण बटी (आरएनबी) के रूप में संजीवनी मिली है।
विज्ञापन

विवि के कुलपति डॉ. राजकुमार ने सोमवार को दावा किया कि 40 मरीजों पर दवा का प्रयोग किया गया, जिसमें तीस मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं।
प्रेसवार्ता के दौरान कुलपति ने बताया कि आरएनबी साइंटिफिक मेथोडोलॉजी के लेवल- 3 मानक के अनुसार विश्व की पहली एलोवैदिक दवा है।
इसमें कुल 12 आयुर्वेदिक दवाओं के घटक हैं। इस बटी पर तीन शोधपत्र जारी हो चुके हैं। इस दवा को साइंटिफिक कमेटी, इथिकल कमेटी और कोरोना कमेटी से अनुमोदन मिल चुका है। आईसीएमआर से भी जल्दी ही अनुमोदन मिलने की उम्मीद है।
कुलपति ने बताया कि राज निर्वाण बटी (आरएनबी) को 40 कोरोना संक्रमित मरीजों को आरएनबी सुबह-शाम 125 मिली ग्राम, पांच मिली ग्राम शहद के साथ दी गई। इससे 30 मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो गए।
विज्ञापन

इसमें 26 मरीज ऐसे थे जिनकी पांचवें दिन ही रिपोर्ट निगेटिव आई। चार मरीजों की दसवें दिन रिपोर्ट निगेटिव आई।
इसके साथ इस आयुर्वेदिक दवा के साथ कोविड-19 अस्पताल में भर्ती सभी कोरोना संक्रमित मरीजों तथा कोविड-19 अस्पताल में कार्यरत सभी हेल्थ वर्कस को नियमित रूप से दी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसके साथ इन्हें राज निर्वाण काढ़ा (आरएनके) भी दिया गया। इसका बेहद सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला है। कुलपति का दावा है कि दवा के सकारात्मक प्रभावों को देखते हुए प्रदेश सरकार इसको प्रदेश के अन्य कोविड संक्रमित मरीजों पर प्रयोग करने की अनुमति देने का भी विचार कर रही है।
इस प्रयोग की खास बात यह भी है कि इन 30 कोरोना पॉजिटिव मरीजों में नौ 60 वर्ष से ऊपर आयु के थे। आठ मरीज ठीक हुए हैं जो किसी न किसी रूप में गंभीर बीमारी जैसे डायबिटीज, हार्ट, कैंसर से ग्रसित थे।
प्रो. राजकुमार ने यह भी बताया कि यह दवा वैश्विक मानकों के अनुसार लेवल 03 पर आती है तथा इस पर अभी रिसर्च चल रहा है। कोशिश की जा रही है कि मानक एक एवं दो पर लाया जाए ताकि विश्वस्तर पर इसका फायदा कोरोना संक्रमित मरीजों को मिल सके।
उन्होंने बताया कि यहां कोविड-19 अस्पताल में अब तक भर्ती कुल 134 कोरोना संक्रमित मरीजों में से 91 मरीज ठीक हो चुके हैं।
उन्होंने बताया कि देश में कोरोना की दस्तक के साथ ही विश्वविद्यालय ने इस संबंध में रिसर्च शुरू कर दिया था। अभी भी विश्वविद्यालय में कोविड-19 से संबंधित 20 शोधपत्र जारी किए गए हैं।
अधिकांश जल्दी ही प्रकाशित भी होंगे। इन रिसर्चों में यह देखा गया कि कोरोना शरीर के किन-किन हिस्सों पर पहले अटैक करता है, जिससे मरीज की मृत्यु भी हो सकती है। इसके बाद प्राचीन चिकित्सा की उन दवाओं को छांटा गया जो इन सिस्टम के लिए कारगर है।
इसके इसके बाद प्राचीन दवाओं पर आधुनिक चिकित्सा में हुए शोधों को देखा गया। इस महत्वपूर्ण रिसर्च के लिए विश्वविद्यायल द्वारा विश्व प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य की मदद भी ली गई।

प्रेस वार्ता में योगिराज निर्वाण देव, प्रतिकुलपति डॉ. रमाकांत यादव, संकायाध्यक्ष डॉ. आलोक कुमार, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आदेश कुमार, कुलसचिव सुरेश चंद्र शर्मा, ओएसडी शैलेंद्र कुमार यादव, अपर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसपी सिंह, नोडल अधिकारी कोविड-19 डॉ. रमाकांत रावत आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed