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Etawah News: मारपीट और एससीएसटी के मामले में पांच दोषियों को दो-दो साल की सजा
Fri, 16 Oct 2026 11:52 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Fri, 16 Oct 2026 11:52 PM IST
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इटावा। मारपीट और एससी-एसटी के करीब नौ साल पुराने मामले में विशेष एससी-एसटी न्यायालय ने पांच दोषियों को दो-दो साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने प्रत्येक दोषी पर दो-दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट एवं अपर सत्र न्यायाधीश संजय कुमार चतुर्थ ने सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया। इकदिल थाने में पिलखर गांव निवासी बच्चनलाल, श्याम किशोर, नरेंद्र, सुनील और सुमित आरोपी थे। अभियोजन के अनुसार, नौ अक्तूबर 2017 की रात करीब आठ बजे गिरजेश कुमार अपनी परचून की दुकान पर बैठे थे। आरोप था कि इसी दौरान पांचों आरोपियों ने दुकान में घुसकर उनके साथ मारपीट की।
बीच-बचाव करने पहुंची उनकी पत्नी और पिता के साथ भी मारपीट की गई, जिससे तीनों घायल हो गए। पीड़ित पक्ष ने दुकान का सामान तोड़ने, धमकी देने और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया था। मामले में पुलिस ने मारपीट, तोड़फोड़ और एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया था।
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सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने तथा साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद न्यायालय ने पांचों आरोपियों को दोषी करार दिया। न्यायालय ने प्रत्येक दोषी को दो-दो साल के साधारण कारावास और दो-दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अन्य धाराओं में भी सजा और जुर्माना लगाया गया।
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विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट एवं अपर सत्र न्यायाधीश संजय कुमार चतुर्थ ने सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया। इकदिल थाने में पिलखर गांव निवासी बच्चनलाल, श्याम किशोर, नरेंद्र, सुनील और सुमित आरोपी थे। अभियोजन के अनुसार, नौ अक्तूबर 2017 की रात करीब आठ बजे गिरजेश कुमार अपनी परचून की दुकान पर बैठे थे। आरोप था कि इसी दौरान पांचों आरोपियों ने दुकान में घुसकर उनके साथ मारपीट की।
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बीच-बचाव करने पहुंची उनकी पत्नी और पिता के साथ भी मारपीट की गई, जिससे तीनों घायल हो गए। पीड़ित पक्ष ने दुकान का सामान तोड़ने, धमकी देने और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया था। मामले में पुलिस ने मारपीट, तोड़फोड़ और एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया था।
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सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने तथा साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद न्यायालय ने पांचों आरोपियों को दोषी करार दिया। न्यायालय ने प्रत्येक दोषी को दो-दो साल के साधारण कारावास और दो-दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अन्य धाराओं में भी सजा और जुर्माना लगाया गया।