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आवास बनाएं निडर, वैध होंगे पहले से बने घर

Tue, 28 Jan 2020 11:36 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 28 Jan 2020 11:36 PM IST
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etawah positive news
इटावा। विनियमिती क्षेत्र में शहर से सटे तीन और मोहल्लों को आवासीय क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। इसके साथ ही इस क्षेत्र में आवास या व्यवसायिक भवन बनाने के लिए लैंडयूज चेंज कराने की जरूरत नहीं बड़ेगी। इसके अलावा पहले से बनें आवास और व्यवसायिक भवनों को भी नियमानुसार शुल्क लेकर वैध किया जाएगा। इससे 60 हजार से अधिक भवन स्वामियों को राहत मिल गई है।
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विनियमिती क्षेत्र में शहर की पुरानी बस्ती के अलावा 30 गांव शामिल हैं। पुरानी बस्ती पहले से महायोजना में शामिल थी। प्रदेश सरकार ने 10 मार्च 2017 को महायोजना 2021 को मंजूरी दे दी। लेकिन इसका नक्शा जिले को नहीं मिल सका था। इससे महायोजना 2021 लागू नहीं पा रही थी। विनियमितीक्षेत्र के जेई ओमकार सिंह ने लंबी लिखापढ़ी के बाद जनवरी की शुरुआत में नक्शा हासिल किया। जिलाधिकारी जेबी सिंह की अनुमति के साथ ही महायोजना 2021 लागू हो गई। इसके साथ ही पीएसी के सामने बनीं लक्ष्मीपुर, भूपपुरम, गंगा विहार, पक्काबाग, एकता कॉलोनी के अलावा विकास कॉलोनी (मानिकपुर मोड़ तक हाईवे से 200 मीटर), सियामऊ मंडी से मनोज हास्पिटल तक को आवासी घोषित कर दिया गया है। इन क्षेत्रों में बने आवासों और व्यवसायिक भवनों को का नक्शा अब बिना लैंडयूज चेंज कराए विनियमितीक्षेत्र से पास कराया जा सकता है। पहले से बने भवन के स्वामियों को विकास शुल्क आदि देकर भवन को वैध कराया जा सकता है। जेई ओमकार सिंह ने बताया कि आवासी भवन के लिए 80 रुपये प्रति वग मीटर शुल्क के साथ कुल टैक्स का 15 प्रतिशत मलबा शुल्क भी देना होगा। उन्होंने बताया कि आवासीय भवन कम से कम 50 वर्ग मीटर हो होना जरूरी है। इससे इससे कम क्षेत्र में भवन बना है तो उसे व्यवसायिक अनुमति ही मिलेगी। उन्होंने बताया कि पहले से बने भवन पर कवर्ड एरिया के हिसाब से शुल्क निर्धारित किया जाएगा। अनुमति देने से पहले ये भी देखा जाएगा कि नक्शे के अनुरूप भवन बना है या नहीं। जो हिस्सा नक्शे के अनुरूप नहीं होगा उसे नक्शे में शामिल कराकर स्वीकृत कराना होगा।
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जेई ओमकार सिंह ने बताया कि जिन मोहल्लों को आबादी क्षेत्र में शामिल किया गया है वह अति घनत्व के दायरे में आ गई हैं। उन्होंने बताया कि विनियमिती क्षेत्र में अति घनत्व, मध्यम घनत्व, विरल घनत्व और ग्रामीण क्षेत्र में विभाजित कर विकास शुल्क लगाया जा सकता है। गैर आवासीय में नहीं बना सकते आवास जेई ओमकार सिंह ने बताया कि गैर आवासीय क्षेत्र में आवासीय और व्यवसायिक भवन नहीं बनाए जा सकते हैं। अगर कोई भवन निर्माण करता है तो उसे अवैध घोषित कर ध्वस्त करने का नियम है। गैर आवासीय क्षेत्र में केवल सरकारी भवन, कोल्ड स्टोरेज, सरकारी अस्पताल और स्कूल ही बनाए जा सकते हैं।
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विनियमिती क्षेत्र में शामिल : शहर की घनी बसी आबादी, परेड छावनी, पडराया, सराय अर्जुन, अमरन, सैदपुर नगला, आलमपुर छाइज, सराय रामचंदर, घुमानपुर, मोहनपुर मानिक, मानिकपुर बीसू, आरजी जादेपुर, देशरमऊ, सुंदरपुर, पिलखर, रामपुर नेवाड़ी, बामनपुर भगौतीपुर, सीरजमऊ, कच्छपुरा, जुगरामऊ, दतावली, गुगहालपुर, गौरापुर, सराय दयालपुर, सुल्तानपुर कालान, पंचावली, कोकपुर, कुनैरा, कांधनी, बुलाकीपुर लुहल्ला।
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