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कोरोना महामारी के चलते नहीं लग सका वायसी मेला
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फोटो संख्या 05- कर्वाखेड़ा में वायसी में जाते मुस्लिम जायरीन
- फोटो : ETAWAH
बकेवर। नेशनल हाईवे दो इटावा और बकेवर के बीच में ग्राम कर्वाखेड़ा में स्थित दरगाह हजरत सैयद वारसी पीर रहमत तुल्ला अलैह वायसी पर सैकड़ों की संख्या में जायरीन पहुंचे।
वायसी का मेला कोरोना माहमारी के चलते नहीं लग पाया। भीड़ एकत्रित न हो पाए इसी को देखते हुए दरगाह के आसपास फोर्स तैनात रहा। दर्शन के बाद दरगाह पर आने वाले सभी लोगों को पुलिस ने वापस घर के लिए रवाना किया।
मुस्लिमों की आस्था का प्रतीक बाबा वायसी पीर की दरगाह पर मुस्लिम धर्म के लोग हर वर्ष दरगाह पर चादर चढ़ा कर अपनी मनोकामनाएं मांगने आते है। हर वर्ष यहां एक दिवसीय मेला भी लगता था।
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पूर्व चेयरमैन हमीद पहलवान बताते है कि इस दरगाह पर भारत के हर राज्य से लोग अपनी मनोकामनाएं मांगने आते है। मेले में अकीदतमंद अपनी मुरादें लेकर आते हैं। मुरादें पूरी होने पर सजेरी, चादर व प्रसाद के थाल चढ़ाते हैं।
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वायसी का मेला कोरोना माहमारी के चलते नहीं लग पाया। भीड़ एकत्रित न हो पाए इसी को देखते हुए दरगाह के आसपास फोर्स तैनात रहा। दर्शन के बाद दरगाह पर आने वाले सभी लोगों को पुलिस ने वापस घर के लिए रवाना किया।
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मुस्लिमों की आस्था का प्रतीक बाबा वायसी पीर की दरगाह पर मुस्लिम धर्म के लोग हर वर्ष दरगाह पर चादर चढ़ा कर अपनी मनोकामनाएं मांगने आते है। हर वर्ष यहां एक दिवसीय मेला भी लगता था।
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पूर्व चेयरमैन हमीद पहलवान बताते है कि इस दरगाह पर भारत के हर राज्य से लोग अपनी मनोकामनाएं मांगने आते है। मेले में अकीदतमंद अपनी मुरादें लेकर आते हैं। मुरादें पूरी होने पर सजेरी, चादर व प्रसाद के थाल चढ़ाते हैं।