{"_id":"5e6535898ebc3eeb26457f25","slug":"etawah-news-protest-etawha-news-knp54942562","type":"story","status":"publish","title_hn":"ठेका सफाई कर्मचारियों ने पुराने बाईपास पर लगाया एक घंटे जाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ठेका सफाई कर्मचारियों ने पुराने बाईपास पर लगाया एक घंटे जाम
विज्ञापन
राष्ट्रीय राजमार्ग के पुराने बाईपास पर पानी की टंकी के सामने जाम लगाकर नारेबाजी करते सफाई कर्मच?
- फोटो : ETAWHA
इटावा। नगर पालिका क्षेत्र में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन में लगे ठेका सफाई श्रमिकों ने दो महीने का बकाया मानदेय न मिलने से आक्रोशित होकर रविवार की शाम राष्ट्रीय राजमार्ग बाईपास पर जाम लगा दिया। करीब एक घंटे तक वाहनों का आवागमन प्रभावित रहा। कोतवाली प्रभारी रमेश सिंह के समझाने पर जाम खुला। उधर, नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी अनिल कुमार ने साफ किया कि इन कर्मचारियों का नगर पालिका से कोई संबंध नहीं है।
रविवार शाम लगभग 4 बजे सफाई मजदूर संघ के जिला अध्यक्ष शोभराज बाल्मीकि के नेतृत्व में ठेका श्रमिकों ने राष्ट्रीय राजमार्ग बाईपास पर पानी की टंकी के सामने जाम लगा दिया। उन्होंने कूड़ा इकट्ठा करने वाली गाड़ियों को रोड पर लगा दिया। वाहनों का आवागमन ठप हो गया। पुलिस ने महेरा चुंगी एवं पक्का तालाब तिराहे से ही वाहनों को घुमाकर दूसरे रास्तों से निकाला। शोभराज ने बताया कि 22 कर्मचारी ठेका प्रथा पर काम करते हुए डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का काम कर रहे थे। एक मार्च से इनको काम से भी हटा दिया गया। और जनवरी फरवरी महीने का भुगतान ठेकेदार ने नहीं किया। जब कर्मचारियों ने ठेकेदार से भुगतान मांगा तो उसने पांच सौ रुपये देते हुए त्योहार मनाने को कहा। कर्मचारियों ने पांच सौ रुपये लेने से मना कर दिया। इसके बाद नाराज कर्मचारी पानी की टंकी पर आए और वहां सामने रोड पर जाम लगा दिया।
जाम लगने की सूचना मिलते ही इकदिल एवं कोतवाली पुलिस वहां पहुंची। पुलिस कर्मचारियों ने उन्हें समझाने की कोशिश की परंतु वे नहीं माने। इसके बाद कोतवाली प्रभारी रमेश सिंह पुलिस बल के साथ वहां पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि वे अशांति फैलाने वाला कोई काम न करें। मानदेय भुगतान की जो भी समस्या है उसके संबंध में नगर पालिका के अधिकारियों से बात करें। जाम लगाना किसी समस्या का समाधान नहीं है। उनके समझाने पर कर्मचारियों ने एक घंटे बाद जाम खोल दिया।
विज्ञापन
नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि यह कर्मचारी नगर पालिका के नहीं हैं। इन कर्मचारियों ने एक एनजीओ के माध्यम से पांच वार्डों में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन किया था। एनजीओ ने यह कार्य डेमो के रूप में निशुल्क किया था। एक मार्च को निशुल्क कूड़ा कलेक्शन का अनुबंध समाप्त हो गया। इन कर्मचारियों को अगर कोई समस्या है तो एनजीओ से बात करनी चाहिए। नगर पालिका ने न तो किसी को ठेका दिया है और नही किसी कर्मचारी का मानदेय/ वेतन बकाया है।
विज्ञापन
रविवार शाम लगभग 4 बजे सफाई मजदूर संघ के जिला अध्यक्ष शोभराज बाल्मीकि के नेतृत्व में ठेका श्रमिकों ने राष्ट्रीय राजमार्ग बाईपास पर पानी की टंकी के सामने जाम लगा दिया। उन्होंने कूड़ा इकट्ठा करने वाली गाड़ियों को रोड पर लगा दिया। वाहनों का आवागमन ठप हो गया। पुलिस ने महेरा चुंगी एवं पक्का तालाब तिराहे से ही वाहनों को घुमाकर दूसरे रास्तों से निकाला। शोभराज ने बताया कि 22 कर्मचारी ठेका प्रथा पर काम करते हुए डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का काम कर रहे थे। एक मार्च से इनको काम से भी हटा दिया गया। और जनवरी फरवरी महीने का भुगतान ठेकेदार ने नहीं किया। जब कर्मचारियों ने ठेकेदार से भुगतान मांगा तो उसने पांच सौ रुपये देते हुए त्योहार मनाने को कहा। कर्मचारियों ने पांच सौ रुपये लेने से मना कर दिया। इसके बाद नाराज कर्मचारी पानी की टंकी पर आए और वहां सामने रोड पर जाम लगा दिया।
विज्ञापन
जाम लगने की सूचना मिलते ही इकदिल एवं कोतवाली पुलिस वहां पहुंची। पुलिस कर्मचारियों ने उन्हें समझाने की कोशिश की परंतु वे नहीं माने। इसके बाद कोतवाली प्रभारी रमेश सिंह पुलिस बल के साथ वहां पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि वे अशांति फैलाने वाला कोई काम न करें। मानदेय भुगतान की जो भी समस्या है उसके संबंध में नगर पालिका के अधिकारियों से बात करें। जाम लगाना किसी समस्या का समाधान नहीं है। उनके समझाने पर कर्मचारियों ने एक घंटे बाद जाम खोल दिया।
विज्ञापन
नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि यह कर्मचारी नगर पालिका के नहीं हैं। इन कर्मचारियों ने एक एनजीओ के माध्यम से पांच वार्डों में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन किया था। एनजीओ ने यह कार्य डेमो के रूप में निशुल्क किया था। एक मार्च को निशुल्क कूड़ा कलेक्शन का अनुबंध समाप्त हो गया। इन कर्मचारियों को अगर कोई समस्या है तो एनजीओ से बात करनी चाहिए। नगर पालिका ने न तो किसी को ठेका दिया है और नही किसी कर्मचारी का मानदेय/ वेतन बकाया है।