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काले हिरणों के लिए काल बना तेंदुआ, सफारी प्रशासन हलकान

Fri, 15 Apr 2022 11:36 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 15 Apr 2022 11:36 PM IST
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etawah news,Leopard became a time for black deer, safari administration slows down
कैमरे में कैद हुआ तेंदुआ। - फोटो : ETAWAH
इटावा। सफारी पार्क इटावा में घुसा तेंदुआ सफारी प्रशासन के लिए बड़ी समस्या बन गया है। तमाम प्रयासों के बाद भी सफारी का अमला तेंदुआ को नहीं पकड़ पाया है।
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सफारी में लगे ट्रेप कैमरों में बुधवार को तेंदुआ फिर दिखाई दिया। तेंदुआ को पकड़ने के लिए सफारी प्रशासन ने बाहर से विशेषज्ञों की दो टीमें बुलाईं हैं। तेंदुआ को ट्रेंकु लाइज करने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन वह हाथ नहीं आ रहा है।
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23 मार्च से सफारी पार्क में घुसकर तबाही मचा रहे तेंदुआ को पकड़ने में सफारी प्रशासन असफल रहा है। तेंदुआ की चहलकदमी वीडियो ट्रैप कैमरे में कैद होने के बाद चार पिंजरे बकरी बांधकर रखे गए थे, लेकिन तेंदुआ इसमें नहीं फंस सका।
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अब बाहर से दो टीमें तेंदुआ पकड़ने के लिए आई हैं। सफारी पार्क में तेंदुआ 20 मार्च के बाद से ही हिरणों का शिकार कर रहा है। बताया जा रहा है कि तेंदुआ अब तक 10 से अधिक हिरणों का शिकार कर चुका है लेकिन सफारी प्रशासन अभी तक 6 हिरण की मौत की पुष्टि कर रहा है।
उसमें भी सफारी प्रबंधन हिरणों की आपसी लड़ाई, गर्मी और सेप्टीसीमिया को वजह बता रहा है। हालांकि तेंदुआ के पैरों के निशान पहले ही मिल गए थे, तब प्रशासन जंगली बिल्ली होने की बात कह रहा था।
इसके बाद सफारी प्रशासन ने ट्रैप कैमरे भी लगवाए थे, उसमें बुधवार तो तेंदुआ दिखाई दिया है। इसके बाद सफारी प्रशासन ने विशेषज्ञों की दो टीमें बुलाईं हैं। इसमें आगरा प्रजनन केंद्र से एक टीम और दूसरी टीम डीएफओ चंबल सेंच्युअरी के नेतृत्व में आई है। अधिकारी तेंदु्आ को पकड़ने की रणनीति तैयार करने में जुटे हैं।
आसान शिकार हैं काला हिरण
सफारी से जुड़े लोगों ने बताया कि तेंदुआ के लिए काले हिरण का शिकार एकदम आसान है। काले हिरण झंड में कम और एकांत में अधिक रहते हैं। इस वजह से तेंदुआ इनका शिकार आसानी से कर लेता है।

सफारी प्रबंधन से जुड़े लोगों ने बताया कि सफारी में गश्त के लिए 10 टीमें लगाई गईं हैं। जंगल में जेसीबी लगाकर रास्ते बनाए जा रहे हैं, ताकि तेंदुआ की खोजबीन की जा सके। गश्त में जा रहे कर्मचारी ने बताया कि सफारी में एक मिनट के लिए भी गश्त बंद नहीं की जा रही है। कर्मचारी खतरे को देखते हुए झुंड में गश्त कर रहे हैं।
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