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उच्च जोखिम गर्भवती का कराया सफल प्रसव, पैदा हुए जुड़वा बच्चे
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इटावा। गर्भ में जुड़वां बच्चों के होने के चलते हाई रिस्क की श्रेणी में आने वाली एक महिला का सुरक्षित प्रसव कराने में सीएचसी सरसई नावर की महिला चिकित्सक ने सफलता हासिल की है। महिला व उसके दोनों बच्चे स्वस्थ हैं।
28 जून को ग्राम कठौतिया निवासी कीर्ति देवी को अचानक प्रसव पीड़ा होने पर सरसई नावर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लाया गया। केंद्र पर मौजूद डॉ. रश्मि यादव और नर्स स्नेहलता ने उनका सफल प्रसव कराया। कीर्ति देवी ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। जिनमें एक पुत्र और एक पुत्री हैं। प्रसूता और जुड़वां बच्चे पूर्णता स्वस्थ हैं।
लाभार्थी कीर्ति देवी ने बताया गांव की आशा कार्यकत्री राम बेटी की मदद से उसने सीएचसी में जाकर प्रसव पूर्व कई जांचें करवाई। जांच के बाद पता चला कि गर्भ में जुड़वा बच्चे हैं, उच्च जोखिम गर्भावस्था की श्रेणी में आता है। उन्हें डॉ.रश्मि यादव ने सतर्कता बरतने के साथ ही उचित परामर्श दिया। चिकित्सक ने उन्हें संस्थागत प्रसव कराने के लिए प्रेरित किया।
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सीएचसी की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रश्मि यादव ने बताया कीर्ति देवी के बच्चे जुड़वा होने के कारण इनकी गर्भावस्था में कुछ परेशानियां थीं। प्रसव का समय निकट आने पर उसे विश्वास दिलाते हुए उनका सफलतापूर्वक प्रसव कराया गया।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वीरेंद्र ने बताया उच्च जोखिम गर्भावस्था वाली महिलाओं की विशेष देखरेख की जाती है और उन्हें उचित निर्देशन और परामर्श देने के साथ ही निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं दी जाती हैं। सुरक्षित संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित भी किया जाता है।
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28 जून को ग्राम कठौतिया निवासी कीर्ति देवी को अचानक प्रसव पीड़ा होने पर सरसई नावर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लाया गया। केंद्र पर मौजूद डॉ. रश्मि यादव और नर्स स्नेहलता ने उनका सफल प्रसव कराया। कीर्ति देवी ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। जिनमें एक पुत्र और एक पुत्री हैं। प्रसूता और जुड़वां बच्चे पूर्णता स्वस्थ हैं।
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लाभार्थी कीर्ति देवी ने बताया गांव की आशा कार्यकत्री राम बेटी की मदद से उसने सीएचसी में जाकर प्रसव पूर्व कई जांचें करवाई। जांच के बाद पता चला कि गर्भ में जुड़वा बच्चे हैं, उच्च जोखिम गर्भावस्था की श्रेणी में आता है। उन्हें डॉ.रश्मि यादव ने सतर्कता बरतने के साथ ही उचित परामर्श दिया। चिकित्सक ने उन्हें संस्थागत प्रसव कराने के लिए प्रेरित किया।
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सीएचसी की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रश्मि यादव ने बताया कीर्ति देवी के बच्चे जुड़वा होने के कारण इनकी गर्भावस्था में कुछ परेशानियां थीं। प्रसव का समय निकट आने पर उसे विश्वास दिलाते हुए उनका सफलतापूर्वक प्रसव कराया गया।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वीरेंद्र ने बताया उच्च जोखिम गर्भावस्था वाली महिलाओं की विशेष देखरेख की जाती है और उन्हें उचित निर्देशन और परामर्श देने के साथ ही निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं दी जाती हैं। सुरक्षित संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित भी किया जाता है।