{"_id":"611164228ebc3e798c40f7f5","slug":"etawah-news-flood-positioned-in-the-affected-village-two-policemen-yogi-etawah-news-knp645288913","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाढ़ प्रभावित हर गांव में जेनरेटर से बिजली आपूर्ति के निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाढ़ प्रभावित हर गांव में जेनरेटर से बिजली आपूर्ति के निर्देश
विज्ञापन
फोटो संख्या 37- पुलिस लाइन सभागार में मौजूद लोग
- फोटो : ETAWAH
इटावा। मुख्यमंत्री आदित्य नाथ योगी ने सोमवार को जिले के चकरनगर और बढ़पुरा के बाढ़ग्रस्त इलाके का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके बाद पुलिस लाइन सभागार में बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री बांटी।
सीएम ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर राहत एवं बचाव कार्य के बारे में जानकारी ली। इसके साथ ही प्रभावित गांवों में दो पुलिस कर्मियों की तैनाती का निर्देश दिए।
पुलिस लाइन सभागार में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक में मुख्यमंत्री ने चार बिंदुओं पर जोर दिया। सीएम ने कहा कि गांवों में पानी भरे होने से बिजली संकट को दूर करने के लिए हर प्रभावित गांव में जेनरेटर की व्यवस्था की जाए।
विज्ञापन
इसके साथ ही खाद्यान्न हर जरूरतमंद तक पहुंचे, बाढ़ प्रभावित गांवों में रोशनी के लिए मोमबत्तियां उपलब्ध कराएं, इसके साथ ही निचली सतह पर बसे गांवों को ऊंचे स्थानों पर बसाने की कार्ययोजना तैयार करें।
हर गांव में एक नाव की व्यवस्था करें, प्रभावित परिवारों को राशन किट जन प्रतिनिधियों के माध्यम से वितरित कराएं। राहत कैंप में दवाइयों की उपलब्धता हरहाल में हो। आपदा के समय में सभी विभाग मिलकर राहत का काम तेज करें। बाढ़ का पानी कम होने पर संक्रामक रोग फैल सकता है। इसलिए प्रभावित गांवों में ब्लीचिंग पाउडर और चूना का छिड़काव कराएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो गांव नदियों की तलहटी में बसे है उन गांव के ऊंचे स्थान पर पुर्नस्थापित करने के लिए ठोस प्रयास करें। जब तक बाढ़ का प्रभाव दिखे, तब तक एनडीआरएफ, एसडीआरएफ एवं पीएसी की टीमें मौजूद रहेंगी।
सीएम ने समीक्षा में बाढ़ प्रभावितों की संख्या के आधार पर राहत कार्य कम होने पर असंतोष जताया। उन्होंने सीवीओ को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित प्रत्येक गांव में पशुओं के चारे की व्यवस्था तथा उनके उपचार की व्यवस्था करें।
इसमें किसी प्रकार की शिथिलता न बरते। स्वास्थ्य और पंचायत विभाग समन्वय कर गांव में क्लोरीन की गोलियां उपलब्ध कराएं। ताकि दूषित पानी को लोग शुद्ध कर पीने योग्य बना सकें।
इस दौरान विधायक सरिता भदौरिया ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांव में पीने के पानी की समस्या बहुत है। विधायक सावित्री कठेरिया ने कहा कि बाढ़ प्रभावित प्रत्येक परिवार को राशन दिया जाए।
बाढ़ प्रभावित गांव मे पुलिस की तैनाती के संबंध में एसएसपी डा.बृजेश कुुमार सिंह ने बताया कि एक-एक पुलिस कर्मी तैनात है। इस पर सीएम ने असंतोष व्यक्त करते हुए प्रत्येक गांव में दो-दो पुलिस कर्मियों की तैनाती का निर्देश दिया।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई दौरा किया। इस दौरान कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, जिलाध्यक्ष अजय प्रताप सिंह धाकरे, और संबंधित विभागों को अधिकारी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
सीएम ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर राहत एवं बचाव कार्य के बारे में जानकारी ली। इसके साथ ही प्रभावित गांवों में दो पुलिस कर्मियों की तैनाती का निर्देश दिए।
विज्ञापन
पुलिस लाइन सभागार में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक में मुख्यमंत्री ने चार बिंदुओं पर जोर दिया। सीएम ने कहा कि गांवों में पानी भरे होने से बिजली संकट को दूर करने के लिए हर प्रभावित गांव में जेनरेटर की व्यवस्था की जाए।
विज्ञापन
इसके साथ ही खाद्यान्न हर जरूरतमंद तक पहुंचे, बाढ़ प्रभावित गांवों में रोशनी के लिए मोमबत्तियां उपलब्ध कराएं, इसके साथ ही निचली सतह पर बसे गांवों को ऊंचे स्थानों पर बसाने की कार्ययोजना तैयार करें।
हर गांव में एक नाव की व्यवस्था करें, प्रभावित परिवारों को राशन किट जन प्रतिनिधियों के माध्यम से वितरित कराएं। राहत कैंप में दवाइयों की उपलब्धता हरहाल में हो। आपदा के समय में सभी विभाग मिलकर राहत का काम तेज करें। बाढ़ का पानी कम होने पर संक्रामक रोग फैल सकता है। इसलिए प्रभावित गांवों में ब्लीचिंग पाउडर और चूना का छिड़काव कराएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो गांव नदियों की तलहटी में बसे है उन गांव के ऊंचे स्थान पर पुर्नस्थापित करने के लिए ठोस प्रयास करें। जब तक बाढ़ का प्रभाव दिखे, तब तक एनडीआरएफ, एसडीआरएफ एवं पीएसी की टीमें मौजूद रहेंगी।
सीएम ने समीक्षा में बाढ़ प्रभावितों की संख्या के आधार पर राहत कार्य कम होने पर असंतोष जताया। उन्होंने सीवीओ को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित प्रत्येक गांव में पशुओं के चारे की व्यवस्था तथा उनके उपचार की व्यवस्था करें।
इसमें किसी प्रकार की शिथिलता न बरते। स्वास्थ्य और पंचायत विभाग समन्वय कर गांव में क्लोरीन की गोलियां उपलब्ध कराएं। ताकि दूषित पानी को लोग शुद्ध कर पीने योग्य बना सकें।
इस दौरान विधायक सरिता भदौरिया ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांव में पीने के पानी की समस्या बहुत है। विधायक सावित्री कठेरिया ने कहा कि बाढ़ प्रभावित प्रत्येक परिवार को राशन दिया जाए।
बाढ़ प्रभावित गांव मे पुलिस की तैनाती के संबंध में एसएसपी डा.बृजेश कुुमार सिंह ने बताया कि एक-एक पुलिस कर्मी तैनात है। इस पर सीएम ने असंतोष व्यक्त करते हुए प्रत्येक गांव में दो-दो पुलिस कर्मियों की तैनाती का निर्देश दिया।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई दौरा किया। इस दौरान कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, जिलाध्यक्ष अजय प्रताप सिंह धाकरे, और संबंधित विभागों को अधिकारी उपस्थित रहे।

फोटो संख्या 38- पुलिस लाइन सभागार में जनप्रतिनिधियों ओर अधिकारियों के साथ बैठक करते सीएम योगी आदि?- फोटो : ETAWAH

फोटो संख्या 35- बाढ़ग्रस्त प्रभावित क्षेत्र से आए लोगों से मिलते सीएम योगी आदित्यनाथ- फोटो : ETAWAH

फोटो संख्या 36- पुलिस लाइन सभागार में उपस्थित लोगों को संबोधित करते सीएम योगी आदित्यनाथ- फोटो : ETAWAH

फोटो संख्या 34- इटावा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यन- फोटो : ETAWAH