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वेतनवृद्धि में वार्षिक गोपनीय आख्या की शर्त हो समाप्त
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इटावा। शिक्षकों को राजकीय कर्मचारी का दर्जा देने और वेतन वृद्धि में वार्षिक गोपनीय आख्या की शर्त लगाने को समाप्त करने सहित अन्य मांगों को लेकर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने बृहस्पतिवार को ज्ञापन सौंपा। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष जितेंद्र त्रिपाठी और जिला महामंत्री जितेंद्र सिंह यादव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में शिक्षक जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। यहां मुख्यमंत्री को संबोधित 10 सूत्री ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया है कि अध्यापकों की वार्षिक गोपनीय आख्या के मानकों में अधिकांश का शिक्षण व्यवस्था से संबंध न होने के कारण शिक्षकों के शोषण, दमन व अधिकारियों के भ्रष्टाचार का जरिया बनेगा। अत: इसको अविलंब वापस लेने, शिक्षकों को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, विशिष्ट बीटीसी 2004 बैच के शिक्षकों को पुरानी पेंशन व्यवस्था से आच्छादित करने, पूर्व में सृजित पदों के आधार पर पदोन्नतियां करने, जनपद के अंदर शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू करने, शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को 10 लाख रुपये का सामूहिक बीमा तथा दुर्घटना के कारण असामयिक निधन की स्थिति में 20 लाख रुपये का सामूहिक बीमा कवर प्रदान करने, मृतक आश्रितों को शिक्षक पद की वांछित योग्यता न होने पर लिपिक पद पर नियुक्त करने व विगत वर्षों में नियुक्त मृतक आश्रितों को शिक्षक पद की योग्यता पूर्ण करने पर शिक्षक पद पर समायोजित करने, शिक्षकों को बर्खास्त करने का अधिकार बीएसए से ऊपर के अधिकारी में निहित करने, केंद्रीय कर्मियों की तरह पदोन्नत अध्यापकों को 17140/18150 का लाभ देने, विद्यालयों में सुरक्षा हेतु चौकीदार की नियुक्ति करने की मांग सम्मिलित है।
ज्ञापन कार्यक्रम में देशदीपक तिवारी, उमेश चंद्र यादव, ब्रजेश कुमार सिंह, मंत्री रविशंकर तिवारी, पीयूष दीक्षित, प्रदीप सिंह राजावत, कुलदीप पाल, अंशुल तिवारी, विनोद राजपूत व विनय सिंह आदि शिक्षक मौजूद रहे।
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ज्ञापन में कहा गया है कि अध्यापकों की वार्षिक गोपनीय आख्या के मानकों में अधिकांश का शिक्षण व्यवस्था से संबंध न होने के कारण शिक्षकों के शोषण, दमन व अधिकारियों के भ्रष्टाचार का जरिया बनेगा। अत: इसको अविलंब वापस लेने, शिक्षकों को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, विशिष्ट बीटीसी 2004 बैच के शिक्षकों को पुरानी पेंशन व्यवस्था से आच्छादित करने, पूर्व में सृजित पदों के आधार पर पदोन्नतियां करने, जनपद के अंदर शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू करने, शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को 10 लाख रुपये का सामूहिक बीमा तथा दुर्घटना के कारण असामयिक निधन की स्थिति में 20 लाख रुपये का सामूहिक बीमा कवर प्रदान करने, मृतक आश्रितों को शिक्षक पद की वांछित योग्यता न होने पर लिपिक पद पर नियुक्त करने व विगत वर्षों में नियुक्त मृतक आश्रितों को शिक्षक पद की योग्यता पूर्ण करने पर शिक्षक पद पर समायोजित करने, शिक्षकों को बर्खास्त करने का अधिकार बीएसए से ऊपर के अधिकारी में निहित करने, केंद्रीय कर्मियों की तरह पदोन्नत अध्यापकों को 17140/18150 का लाभ देने, विद्यालयों में सुरक्षा हेतु चौकीदार की नियुक्ति करने की मांग सम्मिलित है।
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ज्ञापन कार्यक्रम में देशदीपक तिवारी, उमेश चंद्र यादव, ब्रजेश कुमार सिंह, मंत्री रविशंकर तिवारी, पीयूष दीक्षित, प्रदीप सिंह राजावत, कुलदीप पाल, अंशुल तिवारी, विनोद राजपूत व विनय सिंह आदि शिक्षक मौजूद रहे।
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