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फर्जी एनओसी पर दौड़ रहे और पांच वाहन मिले

Fri, 08 Jan 2021 11:20 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 08 Jan 2021 11:20 PM IST
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फोटो संख्या 09 इटावा एआरटीओ में मौजूद उप परिवहन आयुक्त मुख्यालय, परिवहन आयुक्त आगरा व कानपुर आरटी? - फोटो : ETAWHA
इटावा। शुक्रवार को उप परिवहन आयुक्त मुख्यालय, परिवहन आयुक्त आगरा व कानपुर आरटीओ ने इटावा एआरटीओ कार्यालय में जांच की व वाहनों की सूची बनवाई। जांच में परिवहन अधिकारियों को पांच वाहन और फर्जी एनओसी पर संचालित मिले हैं। अधिकारियों के मुताबिक किसी ने पत्रावलियों में छेड़छाड़ कर इनकी एनओसी जारी की है। यह कृत्य करने वाले अधिकारियों समेत अन्य लोगों से पूछताछ की जाएगी। तत्कालीन एआरटीओ मनोज कुमार सिंह से भी मामले की पूछताछ की गई, जो वर्तमान में उरई जनपद में तैनात हैं। उन्होंने चोरी के वाहनों की एनओसी जारी करने या पंजीकरण की बात अस्वीकार की है।
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मालूम हो कि पुलिस ने चोरी के वाहनों का पंजीकरण कराने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर 41 वाहन बरामद किए थे। पुलिस के मुताबिक इटावा व औरैया एआरटीओ के अधिकारी समेत दलालों की मिलीभगत से यह खेल चल रहा था। शुक्रवार को उप परिवहन आयुक्त मुख्यालय मुखलाल चौरसिया, परिवहन आयुक्त आगरा जय शंकर तिवारी व कानपुर आरटीओ संजय सिंह इटावा एआरटीओ कार्यालय पहुंचे। परिवहन विभाग के प्रबंध निदेशक धीरज साहू के निर्देश पर यह टीम गठित की गई है। टीम ने एआरटीओ कार्यालय में धूल जमी फाइलों को खंगाला। पुलिस द्वारा बरामद 41 वाहनों में से छह वाहनों के रिकार्ड टीम को मिले, जिनकी नगालैंड से एनओसी जारी की गई और किसी प्रकार इनका रजिस्ट्रेशन इटावा व औरैया से कर दिया गया। यह वाहन साल 2012 से 2017 के बीच पंजीकृत हुए हैं। साथ ही टीम को फर्जी एनओसी के और पांच वाहन मिले हैं। अब वाहनों की संख्या 46 हो गई हैं। इनमें से 35 वाहनों के नंबर औरैया जिले में रजिस्ट्रेशन हुए हैं। टीम ने अन्य वाहनों का रिकार्ड इटावा व औरैया एआरटीओ से मंागा है।
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टीम के सदस्यों ने बताया कि वाहन के अधिकतर नबंर यूपी टी 79 से चालू है। टीम वाहनों के पत्रावलियों की जांच कर रही है। साथ ही किस वाहन के नंबर को किस अधिकारी ने एनओसी दी या पंजीकरण किया। इसकी जांच गहनता से की जा रही है। इटावा, औरैया, कानपुर, लखनऊ समेत अन्य जिलों के संभागीय परिवहन के अधिकारियों समेत अन्य कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है। टीम ने तत्कालीन एआरटीओ मनोज कुमार सिंह से पूछताछ की। उन्होंने बताया कि जिस समय की यह घटना है उस समय वह औरैया में नहीं थे। परिवहन विभाग की गठित टीम हर बिंदु पर जांच कर रही है।
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