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जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से सैफई में एक घंटे ठप रही ओपीडी
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ओपीडी के कार्य का बहिष्कार करते जूनियर डाक्टर
- फोटो : ETAWAH
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सैफई। नीट काउंसलिंग में हो रहे विलंब से आक्रोशित जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। जूनियर डॉक्टरों के देश व्यापी आंदोलन के समर्थन में मेडिकल यूनिवर्सिटी सैफई के जूनियर डॉक्टरों ने एक घंटे तक ओपीडी सेवाएं ठप रखीं। सेवाएं ठप होने से मरीजों और तीमारदारों को काफी परेशानी हुई।
बाहर से आए मरीज ओपीडी में पर्चा न बनने से चक्कर काटते रहे। उन्हें इलाज मिलने में कठिनाई हुई। सीएमएस डॉक्टर प्रो. आदेश कुमार ने बताया कि जूनियर डॉक्टर्स का नया बैच न आने के कारण काम ओवरलोड हो चुका है। शासन को पत्र लिखा गया है। इमरजेंसी सेवाएं निर्बाध रूप से चलती रहीं। सैफई मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन लगभग 2000 मरीजों की ओपीडी होती है। यहां लगभग एक दर्जन जिलों से मरीज हर रोज आते हैं।
हड़ताली डॉक्टरों ने आरोप लगाया कि सरकार एवं उच्चतम न्यायालय नीट काउंसलिंग को लंबा खींच रहे हैं। उसकी वजह से जूनियर डॉक्टरों पर काम का भार अत्यधिक है। इसको लेकर पूरे देश में जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर हैं। कई जगह ओपीडी सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं। इसी क्रम में सोमवार को उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई के जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों ने एक घंटे तक ओपीडी सेवाएं बंद रखीं। बाद में विश्वविद्यालय के आला अधिकारियों ने डॉक्टरों को समझाया बुझाया। उसके बाद ओपीडी चालू कर दी गई है।
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जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों का कहना है कि आने वाले दिनों में सारी चिकित्सा सेवाओं का बहिष्कार किया जाएगा। उच्चतम न्यायालय एवं सरकार इस मामले को गंभीरता से लेकर प्रतिदिन सुनवाई करके मामले का निस्तारण नहीं करती है तो रेजिडेंट डॉक्टर देशव्यापी आंदोलन करेंगे। मरीजों को होने वाली अव्यवस्था का संपूर्ण जिम्मेदारी सरकार की होगी।
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बाहर से आए मरीज ओपीडी में पर्चा न बनने से चक्कर काटते रहे। उन्हें इलाज मिलने में कठिनाई हुई। सीएमएस डॉक्टर प्रो. आदेश कुमार ने बताया कि जूनियर डॉक्टर्स का नया बैच न आने के कारण काम ओवरलोड हो चुका है। शासन को पत्र लिखा गया है। इमरजेंसी सेवाएं निर्बाध रूप से चलती रहीं। सैफई मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन लगभग 2000 मरीजों की ओपीडी होती है। यहां लगभग एक दर्जन जिलों से मरीज हर रोज आते हैं।
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हड़ताली डॉक्टरों ने आरोप लगाया कि सरकार एवं उच्चतम न्यायालय नीट काउंसलिंग को लंबा खींच रहे हैं। उसकी वजह से जूनियर डॉक्टरों पर काम का भार अत्यधिक है। इसको लेकर पूरे देश में जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर हैं। कई जगह ओपीडी सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं। इसी क्रम में सोमवार को उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई के जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों ने एक घंटे तक ओपीडी सेवाएं बंद रखीं। बाद में विश्वविद्यालय के आला अधिकारियों ने डॉक्टरों को समझाया बुझाया। उसके बाद ओपीडी चालू कर दी गई है।
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जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों का कहना है कि आने वाले दिनों में सारी चिकित्सा सेवाओं का बहिष्कार किया जाएगा। उच्चतम न्यायालय एवं सरकार इस मामले को गंभीरता से लेकर प्रतिदिन सुनवाई करके मामले का निस्तारण नहीं करती है तो रेजिडेंट डॉक्टर देशव्यापी आंदोलन करेंगे। मरीजों को होने वाली अव्यवस्था का संपूर्ण जिम्मेदारी सरकार की होगी।