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बाढ़ प्रभावित गांवों में बीमार पड़ रहे लोग, नहीं मिल रही दवा
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चकरनगर। बाढ़ग्रस्त कायछी, चकरपुरा, भरेह, धर्मपुरा, हरौली निवी गांवों के बच्चों में अब डायरिया और बुखार ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। स्वास्थ्य विभाग नियमित रूप से गांव में कैंप नहीं कर रहा है। जल स्रोतों में कहीं पर भी पेयजल को शुद्ध करने के लिए ब्लीचिंग पाउडर नहीं डाला जा रहा है। साफ-सफाई न होने से लोग दूषित पानी पी रहे हैं। बाढ़ग्रस्त गांव में तैनात स्वास्थ्य कर्मी कैंप की जगह गाड़ी के बोनट पर ही ओपीडी लगा मरीजों को देख रहे हैं।
कागजों पर डॉक्टर मरीज देख रहे हैं और दवाएं भी स्वास्थ्य कैंप में बांट रहे हैं। बाढ़ का पानी कम होने पर गांव के रास्ते खुलते ही बीमार बच्चों के माता-पिता इलाज के लिए कस्बों की ओर रुख कर रहे हैं। धर्मपुरा गांव की रुक्मणी देवी ने बताया कि तीन दिन से उनके बच्चे को तेज बुखार व खांसी है। इससे उसकी हालत गंभीर होती जा रही थी। पानी कम होने पर बुधवार को बच्चे को कस्बा चकरनगर में एक डॉक्टर की क्लीनिक में ले गईं। गांव में बाढ़ के कारण किसी प्रकार की भी दवाई नहीं मिली।
भरेह गांव के राजेश सिंह ने बताया उनके बेटे को दो दिन से बुखार, उल्टी व दस्त की शिकायत है। पानी कम होने पर बेटे को लेकर सुबह ही कस्बा के एक डॉक्टर के यहां ले गए। वहां स्वास्थ्य संबंधी जांच कराई और दवाइयां लीं। गांव में बाढ़ आए सात दिन हो गए, लेकिन किसी भी डॉक्टर ने गांव आकर किसी का स्वास्थ्य परीक्षण नहीं किया।
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भरेह गांव में एक नेता की गाड़ी पर ही ओपीडी संचालित करने वाले डॉ. विवेक यादव ने बताया कि सीएमओ ने उन्हें गांव में ओपीडी लगाने के लिए भेजा है। कार के बोनट पर ओपीडी लगाकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाएं दी हैं। उनके साथ विभाग के रंजीत कुमार, वैभव भदौरिया भी मौजूद रहे। एसडीएम चकरनगर सत्य प्रकाश ने बताया कि गांवों में स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य शिविर लगाए हैं, जो आगे भी चलते रहेंगे।
तेजी से कम हो रहा है यमुना का जलस्तर
बकेवर संवाद के अनुसार सोमवार से यमुना के जलस्तर का गिरना शुरू हुआ था। बुधवार शाम तक लगभग सवा तीन मीटर से अधिक कम हो चुका था। सोमवार को सुबह सात बजे यमुना का जलस्तर 121. 86 मापा गया था। यहां से जलस्तर गिरने की शुरुआत हुई थी। मंगलवार को यमुना का जलस्तर काफी गिरा। बुधवार दोपहर बाद तीन बजे तक यमुना का जलस्तर तकरीबन सवा तीन मीटर गिर चुका था। केंद्रीय जल आयोग के स्थल प्रभारी प्रेम कमल ने बताया बुधवार को तीन बजे यमुना का जलस्तर मापने पर 118.55 मीटर पर आ गया। लखनपुर घार कछपुरा तीर की मड़ैया, मड़ैया यादवान, मुचाई, मड़ैया मल्लाहन, पठा, चिन्डोली, विझायी आदि बाढ़ प्रभावित गांवों का पानी निकल जाने से लोगों को राहत है। गांवों को आने-जाने वाले रास्ते का पानी उतर जाने से अब लोगों को आवागमन में नाव के सहारे की जरूरत नहीं पड़ रही है। कुछ जगह पर थोड़ा बहुत पानी जहां भरा रह गया है, रास्तों पर वहां से लोग घुसकर कर निकल जा रहे हैं।
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कागजों पर डॉक्टर मरीज देख रहे हैं और दवाएं भी स्वास्थ्य कैंप में बांट रहे हैं। बाढ़ का पानी कम होने पर गांव के रास्ते खुलते ही बीमार बच्चों के माता-पिता इलाज के लिए कस्बों की ओर रुख कर रहे हैं। धर्मपुरा गांव की रुक्मणी देवी ने बताया कि तीन दिन से उनके बच्चे को तेज बुखार व खांसी है। इससे उसकी हालत गंभीर होती जा रही थी। पानी कम होने पर बुधवार को बच्चे को कस्बा चकरनगर में एक डॉक्टर की क्लीनिक में ले गईं। गांव में बाढ़ के कारण किसी प्रकार की भी दवाई नहीं मिली।
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भरेह गांव के राजेश सिंह ने बताया उनके बेटे को दो दिन से बुखार, उल्टी व दस्त की शिकायत है। पानी कम होने पर बेटे को लेकर सुबह ही कस्बा के एक डॉक्टर के यहां ले गए। वहां स्वास्थ्य संबंधी जांच कराई और दवाइयां लीं। गांव में बाढ़ आए सात दिन हो गए, लेकिन किसी भी डॉक्टर ने गांव आकर किसी का स्वास्थ्य परीक्षण नहीं किया।
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भरेह गांव में एक नेता की गाड़ी पर ही ओपीडी संचालित करने वाले डॉ. विवेक यादव ने बताया कि सीएमओ ने उन्हें गांव में ओपीडी लगाने के लिए भेजा है। कार के बोनट पर ओपीडी लगाकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाएं दी हैं। उनके साथ विभाग के रंजीत कुमार, वैभव भदौरिया भी मौजूद रहे। एसडीएम चकरनगर सत्य प्रकाश ने बताया कि गांवों में स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य शिविर लगाए हैं, जो आगे भी चलते रहेंगे।
तेजी से कम हो रहा है यमुना का जलस्तर
बकेवर संवाद के अनुसार सोमवार से यमुना के जलस्तर का गिरना शुरू हुआ था। बुधवार शाम तक लगभग सवा तीन मीटर से अधिक कम हो चुका था। सोमवार को सुबह सात बजे यमुना का जलस्तर 121. 86 मापा गया था। यहां से जलस्तर गिरने की शुरुआत हुई थी। मंगलवार को यमुना का जलस्तर काफी गिरा। बुधवार दोपहर बाद तीन बजे तक यमुना का जलस्तर तकरीबन सवा तीन मीटर गिर चुका था। केंद्रीय जल आयोग के स्थल प्रभारी प्रेम कमल ने बताया बुधवार को तीन बजे यमुना का जलस्तर मापने पर 118.55 मीटर पर आ गया। लखनपुर घार कछपुरा तीर की मड़ैया, मड़ैया यादवान, मुचाई, मड़ैया मल्लाहन, पठा, चिन्डोली, विझायी आदि बाढ़ प्रभावित गांवों का पानी निकल जाने से लोगों को राहत है। गांवों को आने-जाने वाले रास्ते का पानी उतर जाने से अब लोगों को आवागमन में नाव के सहारे की जरूरत नहीं पड़ रही है। कुछ जगह पर थोड़ा बहुत पानी जहां भरा रह गया है, रास्तों पर वहां से लोग घुसकर कर निकल जा रहे हैं।