{"_id":"5e556ec48ebc3ec9857fa427","slug":"etawah-news-crime-etawha-news-knp546947061","type":"story","status":"publish","title_hn":"आतंकवादी रुकने की झूठी सूचना पर युवक को भेजा जेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आतंकवादी रुकने की झूठी सूचना पर युवक को भेजा जेल
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ऊसराहार (इटावा)। ताखा क्षेत्र की कौआ गांव की मस्जिद में 20-25 आतंकवादी रुकने की झूठी सूचना पर पुलिस ने एक युवक को अफवाह फैलाने के आरोप में जेल भेज दिया है। हालांकि पुलिस उन लोगों के नाम पता की जानकारी जुटा रही है। जो पांच दिन पहले दिल्ली से आकर इस मस्जिद में रुके थे।
उसराहार थाना पुलिस को 112 नंबर पर सोमवार को किसी व्यक्ति ने सूचना दी थी कि कौआ गांव की मस्जिद में आतंकवादी रुके थे। इस सूचना पर थानाध्यक्ष ऊसराहार जेपी सिंह काफी पुलिस बल लेकर मस्जिद में गए थे। उन्होंने संडीला हरदोेई गांव निवासी हाफिज अजीजुल हसन से मस्जिद में रुकने वालों की जानकारी की।
हाफिज ने पुलिस को बताया कि 21 फरवरी को शुक्रवार को दिल्ली से 20 से 25 लोग मस्जिद में जमात के लिए आकर रुके थे। इसी दौरान कौआ गांव के धर्मेंद्र पुत्र शिवरतन ने दारू पीकर उनसे मुर्गे का मीट मांगा था। उन्होंने मना कर दिया तो नाराज होकर उसने पुलिस को आतंकवादी होने की सूचना दे दी।
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थानाध्यक्ष ने जब धर्मेंद्र से फोन पर जानकारी की तो उसने रुके हुए व्यक्तियों में आतंकवादी होने की बात कही। धर्मेंद्र ने कहा कि उसने न तो शराब पी थी और न ही हाफिज से मुर्गे के मीट की मांग की थी। जो लोग मस्जिद में आकर रुके थे। वे गतिविधियों से आतंकवादी लग रहे थे। उसने कहा हाफिज को पूरी जानकारी है। लेकिन वह पुलिस को सच नहीं बता रहे हैं।
इसके बाद थानाध्यक्ष ने धर्मेंद्र की खबर को झूठा और अफवाह मानते हुए गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। थानाध्यक्ष जेपी सिंह ने बताया कि मस्जिद के हाफिज से पूछताछ कर दिल्ली से आने वाले सभी व्यक्तियों के नाम और पते नोट कर जांच शुरू कर दी है।
उन्होंने बताया कि समथर गांव के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाने वाले शिक्षक रफीक अहमद ने कुछ लोगों को दिल्ली से बुलाया था। जिसकी अनुमति नहीं ली गई थी। रफीक अहमद को भी बिना अनुमति के कोई भी कार्यक्रम न कराने की सख्त हिदायत दी गई है। साथ ही मस्जिद में आगे का निर्माण अनुमति न मिलने तक रोक दिया गया है। पता चला है कि मस्जिद निर्माण के लिए कोई भी अनुमति नहीं ली गई थी।
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उसराहार थाना पुलिस को 112 नंबर पर सोमवार को किसी व्यक्ति ने सूचना दी थी कि कौआ गांव की मस्जिद में आतंकवादी रुके थे। इस सूचना पर थानाध्यक्ष ऊसराहार जेपी सिंह काफी पुलिस बल लेकर मस्जिद में गए थे। उन्होंने संडीला हरदोेई गांव निवासी हाफिज अजीजुल हसन से मस्जिद में रुकने वालों की जानकारी की।
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हाफिज ने पुलिस को बताया कि 21 फरवरी को शुक्रवार को दिल्ली से 20 से 25 लोग मस्जिद में जमात के लिए आकर रुके थे। इसी दौरान कौआ गांव के धर्मेंद्र पुत्र शिवरतन ने दारू पीकर उनसे मुर्गे का मीट मांगा था। उन्होंने मना कर दिया तो नाराज होकर उसने पुलिस को आतंकवादी होने की सूचना दे दी।
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थानाध्यक्ष ने जब धर्मेंद्र से फोन पर जानकारी की तो उसने रुके हुए व्यक्तियों में आतंकवादी होने की बात कही। धर्मेंद्र ने कहा कि उसने न तो शराब पी थी और न ही हाफिज से मुर्गे के मीट की मांग की थी। जो लोग मस्जिद में आकर रुके थे। वे गतिविधियों से आतंकवादी लग रहे थे। उसने कहा हाफिज को पूरी जानकारी है। लेकिन वह पुलिस को सच नहीं बता रहे हैं।
इसके बाद थानाध्यक्ष ने धर्मेंद्र की खबर को झूठा और अफवाह मानते हुए गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। थानाध्यक्ष जेपी सिंह ने बताया कि मस्जिद के हाफिज से पूछताछ कर दिल्ली से आने वाले सभी व्यक्तियों के नाम और पते नोट कर जांच शुरू कर दी है।
उन्होंने बताया कि समथर गांव के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाने वाले शिक्षक रफीक अहमद ने कुछ लोगों को दिल्ली से बुलाया था। जिसकी अनुमति नहीं ली गई थी। रफीक अहमद को भी बिना अनुमति के कोई भी कार्यक्रम न कराने की सख्त हिदायत दी गई है। साथ ही मस्जिद में आगे का निर्माण अनुमति न मिलने तक रोक दिया गया है। पता चला है कि मस्जिद निर्माण के लिए कोई भी अनुमति नहीं ली गई थी।