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एक पखवाड़े में 1277.74 मीट्रिक टन धान की खरीद

Mon, 15 Nov 2021 11:36 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 15 Nov 2021 11:36 PM IST
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ek pakhavaade mein 1277.74 meetrik tan dhaan kee khareed
इटावा/महेवा/बकेवर। शहर में फर्रुखाबाद रोड स्थित नई मंडी में सोमवार को धान की आवक बढ़ने की वजह से सरकारी क्रय केंद्रों से लेकर आढ़तों के सामने धान के ऊंचे-ऊंचे ढेर लगने लगे हैं।
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सोमवार को दिन में करीब साढ़े ग्यारह बजे आलम यह रहा कि धान के बोरों से लदे ट्रैक्टरों और ट्रकों की संख्या बढ़ने से मंडी परिसर के अंदर जाम तक लगा रहा।
दोपहिया वाहनों को निकालने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। एक के पीछे एक धान के बोरों से लदे वाहन खड़े थे। कहीं धान उतर रहा था तो कही धान की तौल हो रही थी।
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जनपद में एक नवंबर से जनपद के 27 क्रय केंद्रों पर शुरू हुई धान की खरीद को सोमवार को 15 दिन पूरे हो गए। अब तक जनपद में 200 से अधिक किसानों से 1277.74 मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है।
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सोमवार को जनपद में 52.74 मीट्रिक धान की खरीद हुई। हालांकि, धान की आवक बढ़ने और किसानों को धान बेचने में किसी तरह की मुश्किलों का सामना न करना पड़े, इसके लिए जनपद में छह और क्रय केंद्र खोले जा रहे हैं।
विकास खंड महेवा के क्षेत्र में खेतों में धान की कटाई कार्य तेज हो गया है। दिन ढलने के बाद रात में नमी और ओस गिरने की वजह से फसल को कहीं न कहीं नुकसान ही पहुंच रहा है।
खेत में कटी पड़े धान को किसान खतरा मोल लेकर हाईवे की मेन लेन सर्विस रोड पर फैला कर सुखा रहे हैं। इटावा-औरैया हाईवे किनारे स्थित कस्बा बकेवर, सुनवर्षा, शेरपुरा कोठी, उझियानी, बल्लमपुर समेत आधा दर्जन से ज्यादा गांव हैं।
इन गांवों के किसान धान को सुखाने के लिए हाईवे की सर्विस रोड व मेन लेन को माध्यम बनाए हुए हैं। ऐसा वह धान में नमी खत्म करने के लिए कर रहे हैं। हालांकि, पुलिस व प्रशासन इस ओर से अभी तक अनजान है।
उधर, किसानों के सामने क्रय केंद्रों पर धान बेचने में आ रही समस्या का फायदा बिचौलिए और आढ़ती किसानों से कम कीमत में धान खरीद रहे हैं। ऐसी स्थिति में ग्राम अहेरीपुर, निवाड़ीकला, नगला भदौरिया, इंद्रावखी, आलियापुरा खितौरा के किसान सबसे ज्यादा परेशान हैं।
दूसरी ओर महेवा में खरीद केंद्र न होने से किसानों को और भी ज्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
15 दिन बीतने के बाद भी नहीं खुला खाता
बकेवर में धान खरीद केंद्र पर 15 दिन बीतने के बावजूद अभी तक धान का एक दाना नहीं खरीदा जा सका है। हालांकि, इस दौरान कई किसान धान का सैंपल दिखाने आए, लेकिन केंद्र प्रभारी ने धान में नमी बताकर उन्हें धान सुखाकर लाने को कहा।
किसान सेवा सहकारी समिति में धान खरीद केंद्र बनाया गया है। केंद्र पर तौल के लिए दो इलेक्ट्रॉनिक कांटे के अलावा करीब 300 पैकेट बारदाना भी उपलब्ध है।
नवंबर का आधा महीना बीतने के बाद एक भी ऐसा किसान क्रय केंद्र पर नहीं आया, जिसका धान सरकारी खरीद के मानकों पर खरा उतरा हो। हालांकि इस समय खेतों में धान की कटाई कार्य जोरों पर चल रहा है।
मंडी की आढ़त में किसान बेच रहे धान
खरीद केंद्रों पर धान में नमी बताए जाने से धान लेकर आने वाले किसान मंडी में आढ़त पर 12 से लेकर 13 सौ रुपये में बेचने को विवश हो रहे हैं। खरीद केंद्र प्रभारी धान में नमी की मात्रा 17 फीसदी से अधिक होने पर धान खरीदने से इनकार कर रहे हैं।
इस वजह से अधिकांश छोटे किसान ही सबसे ज्यादा परेशान हैं। इस संबंध में केंद्र प्रभारी राजीव गोयल ने बताया कि खरीद केंद्र पर कुछ किसान धान का सैंपल लेकर आ रहे, लेकिन नमी की मात्रा 17 फीसदी से अधिक निकलने पर धान सुखाकर लाने की बात कही है।
कहा कि धान साफ सुथरा ही खरीदा जाएगा। अभी तक जो किसान सैंपल लेकर आए सभी का धान निर्धारित नमी से अधिक ही निकला। इस वजह से धान की खरीद नहीं हो सकी।
नवीन मंडी में 720 क्विंटल खरीद
जसवंतनगर। नवीन मंडी परिसर स्थित इकलौते धान खरीद केंद्र पर अब तक 720 क्विंटल धान खरीदा जा चुका है। केंद्र पर तैनात मार्केटिंग इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार के अनुसार, केंद्र पर आने वाले किसानों का अधिकांश धान मानक के अनुसार नहीं हैं।

ज्यादातर में 17 प्रतिशत से अधिक की नमी है। इस वजह से धान क्रय नहीं किया जा रहा है।
छह नए क्रय केंद्र और खोले जाएंगे
दो केंद्र नई मंडी इटावा में, दो केंद्र नई मंडी जसवंतनगर में और एक-एक क्रय केंद्र जसवंतनगर के ग्राम नीदरपुर व बहादुरपुर में खोले जाएंगे। इटावा व जसवंतनगर नई मंडियों में एक-एक क्रय केंद्र मंडी समिति के होंगे।
मंडी समिति को पहली बार धान क्रय केंद्र बनाया गया है, जबकि एक-एक क्रय केंद्र एफपीसी का बनाया गया है। शेष खाद्य निगम के केंद्र होंगे।
-संतोष कुमार पटेल, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी
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