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समायोजन के फेर में अभी भी फंसे हैं 54 अध्यापक
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इटावा। बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में जुलाई महीने में 128 शिक्षकों के समयोजन की प्रक्रिया जिलाधिकारी के आदेश से रद्द कर दी गई है। इसके बावजूद अभी भी 54 शिक्षक ऐसे हैं, जिन्हें समायोजन रद्द होने का कोई आदेश नहीं मिला है। शिक्षक अभी भी असमंजस में हैं वे आखिर क्या करें। बेसिक शिक्षा विभाग के चक्कर काट रहे शिक्षकों को कोई सही जानकारी नहीं दी जा रही है। कार्यालय के पटल सहायक शिक्षकों को घुमा रहे हैं। शिक्षकों ने पूरा न्याय न मिलने पर अब फिर से हाईकोर्ट जाने का मन बनाया है।
बेसिक शिक्षा के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सरप्लस घोषित किए गए 128 शिक्षकों को एकल एवं रिक्त पदों वाले विद्यालयों में समायोजित किया गया था। समायोजन में हुई गड़बड़ियों एवं सरप्लस सूची में बरती गई अनियमितताओं को लेकर शिक्षकों ने हाईकोर्ट प्रयागराज में रिट दायर कर दी।
128 में से 90 शिक्षकों ने अलग अलग कुल आठ रिटें दायर की। हाईकोर्ट ने सभी रिटों को एक साथ शामिल कर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति को मामले के निस्तारण के आदेश दिए। इसमें याची शिक्षकों से जिलाधिकारी के समक्ष अपने अपने प्रत्यावेदन प्रस्तुत करने को कहा। सभी 90 शिक्षकों ने जिलाधिकारी के समक्ष अपने अपने प्रत्यावेदन प्रस्तुत किए।
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जिलाधिकारी ने समायोजन की प्रक्रिया को दोषपूर्ण मानते हुए समायोजन रद्द करने के आदेश किए। इसके बाद प्रथम तीन रिटों में याची बने 36 शिक्षकों का समायोजन रद्द करने का आदेश बीएसए कार्यालय ने जारी कर दिया। शेष 54 शिक्षकों के मामले में आदेश रोक दिया गया।
जब ये शिक्षक अपने अपने मूल विद्यालय में कार्यभार ग्रहण करने पहुंचे तो उन्हें आदेश न मिलने की बात कहकर कार्यभार ग्रहण नहीं कराया गया। अब शिक्षक आदेश के लिए परेशान हैं। उनके बीच असमंजस की स्थिति भी बनी हुई है। कुछ शिक्षकों को चिकित्सा अवकाश पर होने के बाद भी नई तैनाती स्थल के लिए रिलीव कर दिया गया था।
अब वे शिक्षक अपने विद्यालय में कार्यभार ग्रहण करने जा रहे हैं तो उन्हें वापस किया जा रहा है। उनके सामने समस्या है वे आखिर कहां जाएं। शिक्षक तो परेशान हैं ही वहीं बच्चों की पढ़ाई का काम भी प्रभावित हो रहा है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अजय कुमार सिंह ने बताया कि आदेश जारी किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। 36 का आदेश जारी हो गया है तो बाकी का भी एक दो दिन में हो जाएगा। शिक्षक परेशान न हों।
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बेसिक शिक्षा के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सरप्लस घोषित किए गए 128 शिक्षकों को एकल एवं रिक्त पदों वाले विद्यालयों में समायोजित किया गया था। समायोजन में हुई गड़बड़ियों एवं सरप्लस सूची में बरती गई अनियमितताओं को लेकर शिक्षकों ने हाईकोर्ट प्रयागराज में रिट दायर कर दी।
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128 में से 90 शिक्षकों ने अलग अलग कुल आठ रिटें दायर की। हाईकोर्ट ने सभी रिटों को एक साथ शामिल कर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति को मामले के निस्तारण के आदेश दिए। इसमें याची शिक्षकों से जिलाधिकारी के समक्ष अपने अपने प्रत्यावेदन प्रस्तुत करने को कहा। सभी 90 शिक्षकों ने जिलाधिकारी के समक्ष अपने अपने प्रत्यावेदन प्रस्तुत किए।
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जिलाधिकारी ने समायोजन की प्रक्रिया को दोषपूर्ण मानते हुए समायोजन रद्द करने के आदेश किए। इसके बाद प्रथम तीन रिटों में याची बने 36 शिक्षकों का समायोजन रद्द करने का आदेश बीएसए कार्यालय ने जारी कर दिया। शेष 54 शिक्षकों के मामले में आदेश रोक दिया गया।
जब ये शिक्षक अपने अपने मूल विद्यालय में कार्यभार ग्रहण करने पहुंचे तो उन्हें आदेश न मिलने की बात कहकर कार्यभार ग्रहण नहीं कराया गया। अब शिक्षक आदेश के लिए परेशान हैं। उनके बीच असमंजस की स्थिति भी बनी हुई है। कुछ शिक्षकों को चिकित्सा अवकाश पर होने के बाद भी नई तैनाती स्थल के लिए रिलीव कर दिया गया था।
अब वे शिक्षक अपने विद्यालय में कार्यभार ग्रहण करने जा रहे हैं तो उन्हें वापस किया जा रहा है। उनके सामने समस्या है वे आखिर कहां जाएं। शिक्षक तो परेशान हैं ही वहीं बच्चों की पढ़ाई का काम भी प्रभावित हो रहा है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अजय कुमार सिंह ने बताया कि आदेश जारी किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। 36 का आदेश जारी हो गया है तो बाकी का भी एक दो दिन में हो जाएगा। शिक्षक परेशान न हों।