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गोद लिए कैस्त गांव में डीएम ने देखीं व्यवस्थाएं

Thu, 23 Apr 2015 11:08 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा Updated Thu, 23 Apr 2015 11:08 PM IST
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DM saw the arrangements adopted in the Kast village

आखिरकार ‘अमर उजाला’ की पहल का असर दिखाई दिया। डीएम के गोद लिए गए जसवंतनगर के गांव कैस्त की खबर छपने के बाद गुरुवार को उन्होंने वहां का दौरा कर व्यवस्थाएं देखीं। करीब पौने तीन घंटे तक वह वहां रहे और इस बीच उन्होंने बच्चों का वजन करवाया और अभिभावकों से भी बातचीत की। 

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गौरतलब है कि शासन ने कुपोषण दूर करने के लिए सीधे तौर पर अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। इसके तहत डीएम नितिन बंसल ने भी दो गांव जसवंतनगर के कैस्त और बसरेहर के चितभवन को गोद लिया है।
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पिछले दिनों ‘अमर उजाला’ ने ‘गांव गोद लिया और राम भरोसे छोड़ दिया’ शीर्षक से समाचार को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। यह उसी का सकारात्मक असर है कि डीएम बृहस्पतिवार को सुबह करीब 9:30 बजे गांव पहुंचे और करीब पौने तीन घंटे वहां मौजूद रह कर व्यवस्थाओं को देखा और अफसरों को जरूरी निर्देश दिए।
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इस दौरान उन्होंने प्राइमरी स्कूल में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र का जायजा लिया। वहां मौजूद अभिभावकों को जागरूक किया कि वह अपने बच्चों से हर रोज केंद्र पर होने वाली गतिविधियों का फीडबैक लें। ग्राम प्रधान से कहा कि दवाई और छिड़काव आदि के लिए हर वर्ष जो 10 हजार रुपये मिलते हैं कम से कम उन्हें पूरा खर्च कर लिया करें।

डीएम ने अपने सामने कई बच्चों का वजन करवाया। सीएमओ डा. राजेश कुमार की मौजूदगी में डाक्टर ने उनका चेकअप भी किया। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से कहा कि महज पंजीरी बांट देना ही काम नहीं होता। बच्चों और गर्भवती महिलाओं का नियमित टीकाकरण हो, वजन लिया जाए और स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए।

इस दौरान वहां मौजूद गर्भवती महिलाओं डीएम ने पूछा भी कि उनके टीके लगे या नहीं। आयरन की गोलियां मिली या नहीं। खून की जांच हुई या नहीं। हीमोग्लोबिन टेस्ट कराया गया अथवा नहीं। इस पर कुछ महिलाओं ने हां में सिर हिलाया तो कुछ ने इनकार किया।

इस पर डीएम ने एएनएम से कहा कि वह तत्काल सभी गर्भवती महिलाओं की जांच कराएं। इस दौरान उन्होंने एएनएम संजू चौधरी से खुद अपना ब्लड प्रेशर चेक कराकर कार्यक्षमता का आंकलन किया। इस दौरान एसडीएम हंसराज यादव ने कहा कि आगंनबाड़ी कार्यकत्री, एएनएम आदि कर्मचारी को प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।

इस मौके पर जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत कुमार, बीडीओ अर्जुन सिंह, खंड शिक्षाधिकारी अजीत कुमार निगम, राज्य पोषण मिशन अधिकारी श्वेता सिंह, एडीओ पंचायत एके पांडेय, नायब तहसीलदार अरविंद कुमार आदि मौजूद रहे।

बोले, खिलौने होंगे तो और आएंगे बच्चे
आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की कम उपस्थिति को लेकर डीएम ने कहा कि केंद्रों पर पढ़ाई के साथ साथ बच्चों के मनोरंजन के लिए खिलौने भी होने चाहिए। इससे ज्यादा बच्चे आएंगे।

उन्होंने अभिभावकों से कहा कि प्रदेश सरकार ने कुपोषण दूर करने के लिए एक अभियान चलाया है लेकिन इसे सिर्फ अधिकारी पूरा नहीं कर सकते। सभी के सहयोग से ही कुपोषण दूर हो सकेगा। कहा कि इस मिशन में आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य एवं पंचायती विभाग की सहभागिता है। सबको अपनी अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभानी हैं।

101 गर्भवती महिलाएं ग्रामसभा में
सीएमओ डा. राजेश कुमार ने ग्रामसभा में बच्चों और धात्री-गर्भवती महिलाओं की जानकारी दी। बताया कि यहां की आबादी 7496 है। शून्य से 6 माह के 84 बच्चे, 6 माह से 3 वर्ष के 415 और 3 वर्ष से 6 वर्ष के 370 बच्चे हैं।


76 धात्री महिलाएं, 101 गर्भवती महिलाएं और 21 किशोरियां हैं। गर्भवती महिलाओं की आशाओं से सूची बनवाकर दो-दो टीके लगवाए गए हैं। उन्होंने महिलाओं से संस्थागत प्रसव की भी अपील की। 

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