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टैक्स वसू्ली कम देख डीएम नाराज, फटकारा
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इटावा। जिलाधिकारी जेबी सिंह ने नगर पालिका का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पालिका में जरूरत से ज्यादा आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की संख्या पर भी ऐतराज जताया। कर निर्धारण (मूल्यांकन) कार्यालय, राजस्व विभाग में रजिस्टरों का निरीक्षण करने और कटिंग देखकर जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारी को संबंधित कर्मचारी को निलंबित करने के निर्देश दिए। साथ ही दो दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।
शुक्रवार को निरीक्षण के दौरान मेज पर पानी का कैंपर देख जिलाधिकारी ने संबंधित कर्मचारी को फटकार लगाई। कर अधीक्षक जगजीवन राम से वसूली के बारे में पूछा। वसूली की सूची मंगवाकर कर्मचारियों को बुलाया तो कुछ नहीं आए, तीन कर्मचारियों की वसूली शून्य देख रिपोर्ट तलब की। जवाब से संतुष्ट न होने पर अधिशासी अधिकारी से कहा कि पालिका में कूड़ा भर रखा है कोई काम नहीं करना चाहता सभी को बाहर करो। कर अधीक्षक से कहा कि टैक्स जमा न करने वालों को आरसी भिजवाएं।
राजस्व विभाग में पुराने रजिस्टर तथा कटिंग देख तथा कटिंग करने वाले के हस्ताक्षर न देख संबंधित कर्मचारियों की फटकार लगाई। दुकानों से कम वसूली होने पर नाराजगी जताते हुए सात दिन में एक-एक दिन का वसूली का हिसाब देने को कहा। पूछने पर बताया पालिका की 800 दुकानें हैं। अधिशासी अधिकारी को सात दिन के अंदर एक जांच समिति गठित करें की रजिस्टरों में कटिंग कैसे हुई है और किसने की किस स्तर पर हुई। इसकी रिपोर्ट सौंपे। निर्माण विभाग में पहुंचकर जेई हेमंत कुमार व जेई रमांशकर से भी पूछतांछ की।
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जलकल अभियंता एसआर यादव से नलकूपों की संख्या 74 व तैनात आपरेटरों की संख्या करीब 250 जबकि 57 स्थाई बताने पर डीएम ने हैरानी जताते हुए कहा कि क्या एक नलकूप पर तीन कर्मचारी हैं। इतना सुनते ही फटकार लगाते हुए कहा कि किसके घर पर काम कर रहे हैं। डीएम ने रिकार्ड रूम का भी निरीक्षण किया। समय खराब लाइटों के ढेर को हटाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान एडीएम ज्ञानप्रकाश श्रीवास्तव, एसडीएम सदर सिद्धार्थ, ईओ अनिल कुमार मौजूद रहे। इस दौरान अध्यक्ष प्रतिनिधि फुरकान अहमद भी साथ रहे।
अप्रैल से अक्तूबर तक हुई साढ़े तीन करोड़ की वसूली
पालिका के कर अधीक्षक जगजीवन राम ने बताया कि अप्रैल से अक्तूबर तक 4 करोड़ 41 लाख की वसूली का लक्ष्य था, और वसूली 3 करोड़ 51 लाख रुपये हुई है। इस समय वसूली कार्य कर चल रहा है, इसके लिए 13 कर्मचारी लगा रखे हैं। अक्तूबर की वसूली का लक्ष्य 80 लाख था और 70 लाख की वसूली हुई।
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शुक्रवार को निरीक्षण के दौरान मेज पर पानी का कैंपर देख जिलाधिकारी ने संबंधित कर्मचारी को फटकार लगाई। कर अधीक्षक जगजीवन राम से वसूली के बारे में पूछा। वसूली की सूची मंगवाकर कर्मचारियों को बुलाया तो कुछ नहीं आए, तीन कर्मचारियों की वसूली शून्य देख रिपोर्ट तलब की। जवाब से संतुष्ट न होने पर अधिशासी अधिकारी से कहा कि पालिका में कूड़ा भर रखा है कोई काम नहीं करना चाहता सभी को बाहर करो। कर अधीक्षक से कहा कि टैक्स जमा न करने वालों को आरसी भिजवाएं।
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राजस्व विभाग में पुराने रजिस्टर तथा कटिंग देख तथा कटिंग करने वाले के हस्ताक्षर न देख संबंधित कर्मचारियों की फटकार लगाई। दुकानों से कम वसूली होने पर नाराजगी जताते हुए सात दिन में एक-एक दिन का वसूली का हिसाब देने को कहा। पूछने पर बताया पालिका की 800 दुकानें हैं। अधिशासी अधिकारी को सात दिन के अंदर एक जांच समिति गठित करें की रजिस्टरों में कटिंग कैसे हुई है और किसने की किस स्तर पर हुई। इसकी रिपोर्ट सौंपे। निर्माण विभाग में पहुंचकर जेई हेमंत कुमार व जेई रमांशकर से भी पूछतांछ की।
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जलकल अभियंता एसआर यादव से नलकूपों की संख्या 74 व तैनात आपरेटरों की संख्या करीब 250 जबकि 57 स्थाई बताने पर डीएम ने हैरानी जताते हुए कहा कि क्या एक नलकूप पर तीन कर्मचारी हैं। इतना सुनते ही फटकार लगाते हुए कहा कि किसके घर पर काम कर रहे हैं। डीएम ने रिकार्ड रूम का भी निरीक्षण किया। समय खराब लाइटों के ढेर को हटाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान एडीएम ज्ञानप्रकाश श्रीवास्तव, एसडीएम सदर सिद्धार्थ, ईओ अनिल कुमार मौजूद रहे। इस दौरान अध्यक्ष प्रतिनिधि फुरकान अहमद भी साथ रहे।
अप्रैल से अक्तूबर तक हुई साढ़े तीन करोड़ की वसूली
पालिका के कर अधीक्षक जगजीवन राम ने बताया कि अप्रैल से अक्तूबर तक 4 करोड़ 41 लाख की वसूली का लक्ष्य था, और वसूली 3 करोड़ 51 लाख रुपये हुई है। इस समय वसूली कार्य कर चल रहा है, इसके लिए 13 कर्मचारी लगा रखे हैं। अक्तूबर की वसूली का लक्ष्य 80 लाख था और 70 लाख की वसूली हुई।