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Etawah News: दीयों की मांग बढ़ने से कुम्हारों की दिवाली

Mon, 15 Jan 2024 02:21 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 15 Jan 2024 02:21 AM IST
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Diwali for potters due to increase in demand for lamps
इटावा। 22 जनवरी को अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के मंदिर में होने वाले समारोह को लेकर देशभर में उत्साह का माहौल है। जिला भी रामभक्ति में डूबा है। प्राण प्रतिष्ठा के दिन जिले में कई स्थानों पर दीपोत्सव मनाया जाएगा। दीपोत्सव के लिए बाजार में अभी से दीयों की मांग होने लगी है।
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ऑफ सीजन में दीयों की एडवांस बुकिंग आने से कुम्हारों के चाक रात-दिन घूम रहे हैं और भट्टियां सुलग रही हैं। पहली बार कुम्हारों के लिए होली से पहले दिवाली जैसा माहौल है। रामभक्तों की ओर से अयोध्या से आए पूजित अक्षत वितरण के लिए शोभायात्रा निकाली जा रही हैं। गांव-मोहल्ले से लेकर शहर की गलियां श्री रामलला के जयकारों से गूंज रही हैं। रामभक्त 22 जनवरी को अयोध्या पहुंचने का घर-घर निमंत्रण देने के साथ संध्या पर घरों को दीये जलाने का आह्वान कर रहे हैं। कई धार्मिक, सामाजिक और हिन्दू संगठनों के ओर से मिट्टी के दीये भी बांटे जा रहे हैं। शहर में 25 से अधिक कुम्हार मिट्टी के बर्तन बनाने का काम करते है। प्राण प्रतिष्ठा के दिन इन कारीगरों को विभिन्न संगठनों से डेढ़ लाख दीयों के आर्डर मिले हुए है।
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कारीगरों से बातचीत

1- मिट्टी के बर्तन बनाने वाले कारीगर सुनील कुमार काफी उत्साहित हैं। उन्होंने बताया कि दीपोत्सव के लिए मिट्टी की दीयों की एडवांस बुकिंग है। रात-दिन चाक चला रहे हैं, फिर भी बाजार की मांग पूरी करने में असमर्थ हैं। धूप न निकलने के कारण दीये सूख नहीं पा रहे हैं।
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2- कारीगर अनिल कुमार बताते हैं, दीपोत्सव के लिए दीपावली से अधिक दीयों की मांग है। दुकानों से लेकर कई संगठनों की ओर से एडवांस बुकिंग मिली है।ऑफ सीजन में मिट्टी के दीयों की मांग आने से परिवार के साथ दीये बना रहे हैं।




मिट्टी हो गई महंगी और मोटर से घूमने लगी चाक
कारीगर बताते हैं कि मिट्टी के साथ भट्टी जलाने के लिए बुरादा और लकड़ी भी महंगी हो गई है। लेकिन दीपोत्सव के दीयों के रेट नहीं बढ़ाए हैं। इस समय सौ रुपये के 100 दीये बिक रहे हैं। चाक अब हाथ के बजाय बिजली की मोटर से घूमती है।
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