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तबाही देख किसान को पड़ा हार्टअटैक, मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
Updated Mon, 16 Mar 2015 11:43 PM IST
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शनिवार को हुई भीषण
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बारिश तथा ओलावृष्टि से फसलों की तबाही देख एक किसान सदमा बर्दाश्त नहीं कर
सका। किसान की हार्टअटैक से मौत हो गई। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम न
कराकर अंतिम संस्कार कर दिया।
वैदपुरा थाना क्षेत्र के गांव कुनैरा निवासी यतेंद्र तिवारी (54) पुत्र स्व. विंदेश्वर दयाल तिवारी ने दो एकड़ आलू और एक एकड़ रकबा में गेहूं की फसल बोई थी। शनिवार को वह खेतों पर गए थे। वहां तेज बारिश और ओलावृष्टि के कारण फसल की बर्बादी को देखते दी उन्हें सीने में तेज दर्द उठा और वहीं पर मौत हो गई।
मृतक के पुत्र रामजी ने बताया कि बहन की शादी के लिए पिता ने खेतों में आलू की फसल बोई थी। उम्मीद थी कि आलू की फसल बेचने के बाद वह धूमधाम से उसकी शादी करेंगे, लेकिन जब फसल की बर्बादी देखी तो वह यह सदमा बर्दाश्त नहीं कर सके और उनकी हार्टअटैक से मौत हो गई।
चूर-चूर हो गए किसानों के अरमान
बकेवर (इटावा)। खेतों में लहलहाती फसलों को देखकर किसान काफी खुश था। किसानों को उम्मीद थी कि अच्छी पैदावर मिलने से आर्थिक संकट दूर होगा। कोई बेटी तो कोई बेटा की शादी धूमधाम से करने का मन बना चुका था। कोई जर्जर मकान की मरम्मत कराने का सपना देख रहा था।
कुछ किसान कृषि यंत्र खरीदने के मूड में थे तो कुछ किसान खेती खरीदना चाहते थे। आसमान से आफत बनकर बरसे बदरा और ओला किसानों के सपने तोड़ गए। अब किसानों को चिंता इसकी है कि कर्ज कहां से अदा करेंगे। क्षेत्र के गांव हलूपुरा के किसान उदयनारायण त्रिपाठी ने बताया कि मार्च के महीने में इस तरह की बारिश उन्होंने कभी नहीं देखी है।
खेतों में तबाही का मंजर नजर आ रहा है। कुड़रिया गांव के किसान बलराम सविता का कहना है कि आलू और या फिर गेहूं, सरसों सभी फसलों को भारी नुकसान हुआ है। अफसरों के आंकड़े कुछ भी हों, सच्चाई यह है कि किसान पूरी तरह से तबाह हो गया है।
रमपुरा के किसान प्रदीप कुमार शर्मा की आंखें भर आईं, बोले सारी मेहनत और लागत चली गई। आलू किसान मोहम्मद हाशिम का कहना है कि अच्छी पैदावार की उम्मीद थी। अब तो आलू खेत में ही सड़ जाएगा। जो आलू मिट्टी से बाहर निकल आया है वह धूप लगने पर हरा पड़ जाएगा।
राजनीतिक संगठनों ने उठाई मुआवजे की मांग
इटावा। बारिश और ओलावृष्टि से तबाह हुई फसलों के मालिकों को मुआवजे की मांग उठने लगी है। आम आदमी पार्टी ने कचहरी स्थित वटवृक्ष के नीचे धरना देकर प्रदेश व देश की सरकार से किसानों को मुआवजा देने का मांग की। उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपे।
पार्टी पदाधिकारियों का कहना रहा कि किसानों को तत्काल मुआवजा देकर राहत दी जाए। वहीं भाजयुमो जिलाध्यक्ष शेखर चौहान समेत सोनू चौहान, गौरव गुर्जर, सत्येंद्र राजपूत, कुलदीप यादव, वासू चौधरी, आशीष चौहान, नंदराम कुशवाह ने किसानों को आर्थिक सहायता देने की मांग प्रदेश सरकार से की।
कांग्रेस पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष सूरज सिंह यादव, जिलाध्यक्ष उदयभान सिंह यादव, शहर अध्यक्ष मोहम्मद राशिद, महासचिव मलखान सिंह यादव ने भी प्रदेश सरकार से मुआवजे की मांग की है।
वैदपुरा थाना क्षेत्र के गांव कुनैरा निवासी यतेंद्र तिवारी (54) पुत्र स्व. विंदेश्वर दयाल तिवारी ने दो एकड़ आलू और एक एकड़ रकबा में गेहूं की फसल बोई थी। शनिवार को वह खेतों पर गए थे। वहां तेज बारिश और ओलावृष्टि के कारण फसल की बर्बादी को देखते दी उन्हें सीने में तेज दर्द उठा और वहीं पर मौत हो गई।
मृतक के पुत्र रामजी ने बताया कि बहन की शादी के लिए पिता ने खेतों में आलू की फसल बोई थी। उम्मीद थी कि आलू की फसल बेचने के बाद वह धूमधाम से उसकी शादी करेंगे, लेकिन जब फसल की बर्बादी देखी तो वह यह सदमा बर्दाश्त नहीं कर सके और उनकी हार्टअटैक से मौत हो गई।
चूर-चूर हो गए किसानों के अरमान
बकेवर (इटावा)। खेतों में लहलहाती फसलों को देखकर किसान काफी खुश था। किसानों को उम्मीद थी कि अच्छी पैदावर मिलने से आर्थिक संकट दूर होगा। कोई बेटी तो कोई बेटा की शादी धूमधाम से करने का मन बना चुका था। कोई जर्जर मकान की मरम्मत कराने का सपना देख रहा था।
कुछ किसान कृषि यंत्र खरीदने के मूड में थे तो कुछ किसान खेती खरीदना चाहते थे। आसमान से आफत बनकर बरसे बदरा और ओला किसानों के सपने तोड़ गए। अब किसानों को चिंता इसकी है कि कर्ज कहां से अदा करेंगे। क्षेत्र के गांव हलूपुरा के किसान उदयनारायण त्रिपाठी ने बताया कि मार्च के महीने में इस तरह की बारिश उन्होंने कभी नहीं देखी है।
खेतों में तबाही का मंजर नजर आ रहा है। कुड़रिया गांव के किसान बलराम सविता का कहना है कि आलू और या फिर गेहूं, सरसों सभी फसलों को भारी नुकसान हुआ है। अफसरों के आंकड़े कुछ भी हों, सच्चाई यह है कि किसान पूरी तरह से तबाह हो गया है।
रमपुरा के किसान प्रदीप कुमार शर्मा की आंखें भर आईं, बोले सारी मेहनत और लागत चली गई। आलू किसान मोहम्मद हाशिम का कहना है कि अच्छी पैदावार की उम्मीद थी। अब तो आलू खेत में ही सड़ जाएगा। जो आलू मिट्टी से बाहर निकल आया है वह धूप लगने पर हरा पड़ जाएगा।
राजनीतिक संगठनों ने उठाई मुआवजे की मांग
इटावा। बारिश और ओलावृष्टि से तबाह हुई फसलों के मालिकों को मुआवजे की मांग उठने लगी है। आम आदमी पार्टी ने कचहरी स्थित वटवृक्ष के नीचे धरना देकर प्रदेश व देश की सरकार से किसानों को मुआवजा देने का मांग की। उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपे।
पार्टी पदाधिकारियों का कहना रहा कि किसानों को तत्काल मुआवजा देकर राहत दी जाए। वहीं भाजयुमो जिलाध्यक्ष शेखर चौहान समेत सोनू चौहान, गौरव गुर्जर, सत्येंद्र राजपूत, कुलदीप यादव, वासू चौधरी, आशीष चौहान, नंदराम कुशवाह ने किसानों को आर्थिक सहायता देने की मांग प्रदेश सरकार से की।
कांग्रेस पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष सूरज सिंह यादव, जिलाध्यक्ष उदयभान सिंह यादव, शहर अध्यक्ष मोहम्मद राशिद, महासचिव मलखान सिंह यादव ने भी प्रदेश सरकार से मुआवजे की मांग की है।