फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etawah News ›   Delayed death due to the remembrance of God

भगवान के स्मरण से टलती है मृत्यु

Sun, 18 Jan 2015 11:42 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा Updated Sun, 18 Jan 2015 11:42 PM IST
विज्ञापन
Delayed death due to the remembrance of God

वसंत महोत्सव के तहत यहां खटखटा बाबा कुटी परिसर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन भागवताचार्य ने कहा कि पशुओं के अंदर एक कमी होती है, लेकिन मनुष्य के अंदर सारी कमियां विद्यमान रहती हैं। सृष्टि की रचना भारत में ही हुई। यहीं से लोग सारी दुनिया में फैले। भगवान का स्मरण करना ही मृत्यु को टालना है।

विज्ञापन


आचार्य मनमोहन गोस्वामी ने कहा कि हिरन कान का कच्चा होता है। बहेलिया सारंगी बजाता है और हिरन भागा चला आता है और बहेलिया उसे पकड़ लेता है। पतंगा आग के चक्कर में फंसता है। वह दीपक को देखता है और वहां पर पहुंचकर उसमें जल जाता है। नाक के कारण भौरा फंसता है।
विज्ञापन


वह खुशबू सूंघते हुए आता है और भंवर जाल में फंस जाता है। जीभ के कारण मछली फसती है। वह खाने की वस्तु देखकर उधर लपकती है और शिकारी का कांटा उसकी जीभ में फंस जाता है। उन्होंने कहा कि सारी कमियां मनुष्य के अंदर होती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने आगे कहा कि सोहम नहीं दासोहम कहना चाहिए।

काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद, मत्सर ही मनुष्य की कमियां हैं। उन्होंने कहा कि भगवान को भूलने का नाम ही मृत्यु है। उन्होंने मानसिक पूजा की बात करते हुए एक श्लोक का उदाहरण दिया, जिसमें शिव स्तुति करते हुए कहा गया है कि मेरी आत्मा आप ही हो, पार्वती जी बुद्धि, सहचर प्राण आपके गण हैं,  शरीर ही एक मंदिर है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed