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चंबल तट पर धूमधाम से मनाया गया जलधारा महोत्सव

Thu, 03 Oct 2019 12:24 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 03 Oct 2019 12:24 AM IST
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रथयात्रा के साथ चंबल तट जाते मुनि सुरत्न सागर, - फोटो : ETAWHA
इटावा। चंबल तट स्थित श्री महामृत्युंजय तीर्थ क्षेत्र पर जलधारा महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। महोत्सव में गुरु-शिष्य के मिलन के साथ नयनाभिराम श्री जिनेंद्र रथयात्रा आकर्षण का केंद्र रही।
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लालपुरा जैन मंदिर में प्रवास कर रहे मुनि श्री सुरत्न सागर जी महाराज के सानिध्य में नयनाभिराम श्री जिनेंद्र रथयात्रा गाजे बाजे के साथ मंदिर से शुरू हुई। रथयात्रा बल्देव चौराहा, राजागंज चौराहा, पचराहा, छैराहा, नशियां जी होते हुए उदी पहुंची। रथयात्रा में सात रथों पर इंद्र इंद्राणी विराजमान थे। वहीं श्रीजी को लेकर चक्रेश कुमार जैन रथपर सवार थे। श्रद्धालुओं से घिरे मुनि सुरत्न सागर एवं जैन भजनों से सराबोर बैंड बाजों की ध्वनि के साथ भक्तों ने 12 किमी की दूरी सहजता से तय की।
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उदी चंबल तट स्थित महामृत्युंजय तीर्थ क्षेत्र पर विराजमान आचार्य श्री सौभाग्य सागर जी महाराज के साथ बाहर से आए भक्तों ने रथयात्रा की अगुवानी की। इसके साथ गुरु-शिष्य का मिलन का पल लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा।
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उदी से तीन बैंडबाजों, आठ रथों सहित हजारों श्रद्धालुओं के साथ यह रथ यात्रा चंबल तट पहुंची जब पहुंचकर एक सभा में परिवर्तित हो गई। इस दौरान संजू जैन, पूरन जैन, कल्लू जैन, गुड्डू जैन, अनुराग जैन, विशाल जैन, लल्ला जैन, वैभव जैन, अनूप जैन, दीपे जैन मौजूद रहे।
जीवन में शांति पाने के लिए क्रोध पर काबू पाना सीख लो। जिसने जीवन से समझौता करना सीख लिया वह संत हो गया। यह बात चंबल तट पर आचार्य सौभाग्य सागर जी महाराज ने कही।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में जीने के लिए सजग और सावधान रहने की आवश्यकता है। जिसके भाग्य में जो लिखा है उसे वही मिलेगा और परेशान होने से कुछ अतिरिक्त प्राप्त नहीं होने वाला।
चंबल तट पर रथयात्रा का नेतृत्व करते हुए पहुंचे मुनि श्री सुरत्न सागर जी महाराज ने कहा कि तुम्हारी वजह से जीते जी किसी की आंखों में आंसू आए तो यह सबसे बड़ा पाप है।

लोग मरने के बाद तुम्हारे लिए रोएं, यह सबसे बड़ा पुण्य है। इसीलिए जिंदगी में ऐसे काम करो कि, मरने के बाद तुम्हारी आत्मा की शांति के लिए किसी और को प्रार्थना नहीं करनी पड़े। क्योंकि दूसरों के द्वारा की गई प्रार्थना किसी काम की नहीं है।
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