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कोरोना से मुक्ति दिलाने को पहली बार रखा है रोजा
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दुआ मांगता मो.आरिफ
- फोटो : ETAWHA
इटावा। रमजान के पवित्र महीने मेें मुस्लिम बच्चे भी रोजा रख रहे हैं। और इबादत के दौरान कोरोना संकट से निजात दिलाने की दुआ मांग रहे हैं। पहली बार रोजा रखने वाले उर्दू मोहल्ला निवासी मो.आरिफ(10) ने बताया वह कक्षा 5 में पढ़ता है। घर के सभी लोग रोजा रख रहे हैं। उसने भी सोचा कि स्कूल बंद हैं घर से बाहर निकल नहीं सकते हैं क्यों न वह भी रोजा रखकर अल्लाह की इबादत करे। कोरोना से देश और समाज को मुक्ति दिलाने के लिए पहली बार रोजा रखा है।
आरिफ ने बताया घर में वह सबसे छोटा है और पहली बार रोजा रखा है। पापा मो.हनीफ, अम्मी मीना बेगम के अलावा बहन इरम बानो, भाई अमन तथा अनस पहले से रोजा रखते आ रहे हैं। अभी तक कोई परेशानी नहीं हुई। नमाज में सिर्फ देश को कोरोना जैसी बीमारी से मुक्त कराने की दुआ मांग रहे हैं। कोरोना के संकट की वजह से घर से बाहर निकल नहीं सकते, ज्यादा देर घर से बाहर खेल नहीं सकते। लिहाजा पूरा दिन घर के अंदर ही रहकर पांचों वक्त की नमाज अदा कर रहे हैं। शेष समय में घर पर पढ़ाई कर रहे हैं।
कहा कि रमजान में की गई दुआ को अल्लाह जरूर पूरी करेगा। अभी उम्र ज्यादा सोचने की नहीं है। लिहाजा दुआ यही करते हैं कि जितनी जल्दी हो कोरोना से देश और समाज को मुक्ति मिल जाए जिससे सभी अपना रोजी रोजगार शुरू कर सकें। पापा भी मेलों में झूले लगाने का काम करते हैं सब कुछ बंद हैं और घर में रहना पड़ रहा है।
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आरिफ ने बताया घर में वह सबसे छोटा है और पहली बार रोजा रखा है। पापा मो.हनीफ, अम्मी मीना बेगम के अलावा बहन इरम बानो, भाई अमन तथा अनस पहले से रोजा रखते आ रहे हैं। अभी तक कोई परेशानी नहीं हुई। नमाज में सिर्फ देश को कोरोना जैसी बीमारी से मुक्त कराने की दुआ मांग रहे हैं। कोरोना के संकट की वजह से घर से बाहर निकल नहीं सकते, ज्यादा देर घर से बाहर खेल नहीं सकते। लिहाजा पूरा दिन घर के अंदर ही रहकर पांचों वक्त की नमाज अदा कर रहे हैं। शेष समय में घर पर पढ़ाई कर रहे हैं।
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कहा कि रमजान में की गई दुआ को अल्लाह जरूर पूरी करेगा। अभी उम्र ज्यादा सोचने की नहीं है। लिहाजा दुआ यही करते हैं कि जितनी जल्दी हो कोरोना से देश और समाज को मुक्ति मिल जाए जिससे सभी अपना रोजी रोजगार शुरू कर सकें। पापा भी मेलों में झूले लगाने का काम करते हैं सब कुछ बंद हैं और घर में रहना पड़ रहा है।
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