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हादसे में किशोरी की मौत पर बवाल
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
Updated Tue, 07 Mar 2017 11:55 PM IST
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प्रतीकात्मक
- फोटो : amarujala
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थाना क्षेत्र के ग्राम कैस्त धर्मशाला मंदिर के सामने मंगलवार शाम ट्रक की चपेट में आकर किशोरी की मौत हो गई। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने जाम लगाकर भारी बवाल किया। लाठी-डंडे लिए भीड़ ने करीब सौ वाहनों के शीशे तोड़ दिए, पुलिस पर भी पथराव किया। ट्रक में लदेे चावल के बोरे लूट लिए। पैर में पत्थर लगने से एसडीएम हंसराज यादव घायल हो गए। भीड़ को उग्र देख पुलिसवालों ने कैस्त के सामने लक्ष्मी मैरिज होम में छिपकर जान बचाई। भीड़ ने वहां भी बवाल शुरू कर दिया तो पुलिस ने हवाई फायरिंग शुरू कर दी। इस पर भीड़ तितर-बितर हुई। मुआवजे के आश्वासन पर दो घंटे बाद बवाल शांत हुआ ही था कि तीन लोगों को हिरासत में लिए जाने पर लोगों ने फिर जाम लगा दिया। रात पौने नौ बजे इनको छोड़े जाने पर लोगों ने जाम खोल दिया।
कैस्त निवासी सिंहनाथ की 15 वर्षीय बेटी उर्वशी मंगलवार शाम 5.30 बजे साइकिल से बाजार गई थी। लौटते समय इटावा की ओर से आ रहे ट्रक से कुचलकर उसकी मौत हो गई। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क पर जाम लगा दिया। कई वाहनों के शीशे तोड़ दिए। उस ट्रक में भी तोड़फोड़ की, जिससे हादसा हुआ था। फोर्स के साथ आए क्षेत्राधिकारी विजय बहादुर तथा प्रभारी निरीक्षक जयवीर सिंह यादव ने भीड़ को समझाने की कोशिश की, पर लोगों ने उनकी एक न सुनी। इस पर जिला प्रशाशन को जानकारी दी गई तो उपजिलाधिकारी जसवंतनगर हंसराज यादव आ गए।
लोगों ने उनको बताया कि जसवंतनगर में फ्लाई ओवर ब्रिज बनाने का काम चल रहा है। इससे वाहनों को कैस्त लिंक रोड से आगरा की ओर निकाला जा रहा है। भारी संख्या में वाहनों के निकलने से अनहोनी की आशंका जताई गई थी, पर जिम्मेदारों ने ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों का कहना था कि जब तक पीड़ित परिजनों को मुआवजा और वाहनों को कहीं ओर से निकाले जाने की व्यवस्था नहीं की जाती, वे जाम नहीं खोलेंगे।
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इस बीच पुलिस ने जाम खुलवाने की कोशिश की तो ग्रामीणों नेे पथराव कर दिया। भीड़ का गुस्सा देख पुलिस बैकफुट पर आ गई। पुलिसवालों ने एसडीएम हंसराज यादव को सुरक्षा घेरे में लिया और मैरिज होम में जा छिपे। भीड़ ने यहां भी पथराव शुरू कर दिया। भीड़ जब गेस्टहाउस के दरवाजों पर लाठी डंडे मारने लगी तो अंदर मौजूद पुलिस ने अपने बचाव में हवाई फायरिंग शुरू कर दी। इस पर भीड़ तितर-बितर हो गई।
इसी बीच कई थानों की पुलिस व एसएसपी शिवहरी मीना भी मौके पर पहुंच गए। एसएसपी ने परिजनों से बात की। लोगों की मांग पर कैस्त होकर वाहनों का आवागमन बंद कराने एवं पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने में पूरी सहायता करने का आश्वासन दिया। इस पर लोग जाम खोलने को राजी हो गए। 5.30 बजे लगा जाम 7.30 बजे खुलने लगा। इसी बीच पुलिस ने उपद्रव करने वाले तीन युवकों को हिरासत में ले लिया तो फिर उपद्रव शुरू हो गया। यह देख पुलिस ने हिरासत में लिए गए लोगों को छोड़ दिया। दूसरी ओर हादसा करके भागे ट्रक चालक ने जसवंतनगर थाने में समर्पण कर दिया। उस पर कार्रवाई की जा रही है।
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कैस्त निवासी सिंहनाथ की 15 वर्षीय बेटी उर्वशी मंगलवार शाम 5.30 बजे साइकिल से बाजार गई थी। लौटते समय इटावा की ओर से आ रहे ट्रक से कुचलकर उसकी मौत हो गई। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क पर जाम लगा दिया। कई वाहनों के शीशे तोड़ दिए। उस ट्रक में भी तोड़फोड़ की, जिससे हादसा हुआ था। फोर्स के साथ आए क्षेत्राधिकारी विजय बहादुर तथा प्रभारी निरीक्षक जयवीर सिंह यादव ने भीड़ को समझाने की कोशिश की, पर लोगों ने उनकी एक न सुनी। इस पर जिला प्रशाशन को जानकारी दी गई तो उपजिलाधिकारी जसवंतनगर हंसराज यादव आ गए।
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लोगों ने उनको बताया कि जसवंतनगर में फ्लाई ओवर ब्रिज बनाने का काम चल रहा है। इससे वाहनों को कैस्त लिंक रोड से आगरा की ओर निकाला जा रहा है। भारी संख्या में वाहनों के निकलने से अनहोनी की आशंका जताई गई थी, पर जिम्मेदारों ने ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों का कहना था कि जब तक पीड़ित परिजनों को मुआवजा और वाहनों को कहीं ओर से निकाले जाने की व्यवस्था नहीं की जाती, वे जाम नहीं खोलेंगे।
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इस बीच पुलिस ने जाम खुलवाने की कोशिश की तो ग्रामीणों नेे पथराव कर दिया। भीड़ का गुस्सा देख पुलिस बैकफुट पर आ गई। पुलिसवालों ने एसडीएम हंसराज यादव को सुरक्षा घेरे में लिया और मैरिज होम में जा छिपे। भीड़ ने यहां भी पथराव शुरू कर दिया। भीड़ जब गेस्टहाउस के दरवाजों पर लाठी डंडे मारने लगी तो अंदर मौजूद पुलिस ने अपने बचाव में हवाई फायरिंग शुरू कर दी। इस पर भीड़ तितर-बितर हो गई।
इसी बीच कई थानों की पुलिस व एसएसपी शिवहरी मीना भी मौके पर पहुंच गए। एसएसपी ने परिजनों से बात की। लोगों की मांग पर कैस्त होकर वाहनों का आवागमन बंद कराने एवं पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने में पूरी सहायता करने का आश्वासन दिया। इस पर लोग जाम खोलने को राजी हो गए। 5.30 बजे लगा जाम 7.30 बजे खुलने लगा। इसी बीच पुलिस ने उपद्रव करने वाले तीन युवकों को हिरासत में ले लिया तो फिर उपद्रव शुरू हो गया। यह देख पुलिस ने हिरासत में लिए गए लोगों को छोड़ दिया। दूसरी ओर हादसा करके भागे ट्रक चालक ने जसवंतनगर थाने में समर्पण कर दिया। उस पर कार्रवाई की जा रही है।