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नीलेश ने कबूली भट्ठा व्यवसायी की हत्या
अमर उजाला, इटावा
Updated Fri, 02 Nov 2018 11:35 PM IST
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पकड़े गए अपराधियों के साथ पुलिस बल व जानकारी देते एसएसपी अशोक कुमार त्रिपाठी।
- फोटो : amar ujala
जसवंतनगर के गांव नगला इंछा में गुरुवार शाम को पुलिस मुठभेड़ में पकड़ा गए शातिर नीलेश, कानपुर आईजी की टॉप 15 अपराधियों की लिस्ट में शामिल है। पुलिस का दावा है कि नीलेश ने जसवंतनगर के ईंट-भट्ठा व्यवसायी भोले की हत्या करना भी कबूला है। पुलिस आठ साल से उसे तलाश रही है। पुलिस को उसको पास से पिस्टल व ढाई किलो चरस भी मिली है।
शुक्रवार को पुलिस लाइन के सभागार में पकड़े गए नीलेश उर्फ मोटा व उसके साथी विकास उर्फ रवि पुत्र उमेश कुमार को पेश किया गया। एसएसपी ने बताया कि नीलेश आईजी कानपुर की टॉप 15 की सूची में शामिल है। गुरुवार की शाम को जसवंत नगर पुलिस को मुखबिरी मिली। पुलिस जसवंत नगर चौराहे पर चेकिंग शुरू कर दी थी। फिरोजाबाद की ओर से आ रही कार को रुकने का इशारा किया तो चालक ने रफ्तार तेज कर दी। पुलिस ने पीछा किया तो कार सवारों ने फायरिंग की।
जवाब में पुलिस ने फायरिंग की और नीलेश और उसके साथ विकास को दबोच लिया। नीलेश परसौआ हाल निवासी कृष्णा टकीज के पास, जसवंत नगर का रहने वाला है। नीलेश के पास से पिस्टल व रवि के पास से तमंचा बरामद हुआ। कार की तलाशी लेने पर उसमें ढाई किलो चरस बरामद हुआ। चरस की कीमत करीब पचास हजार रुपये बताई गई है। नीलेश ने बताया कि वह फिरोजाबाद से चरस लेकर उसे बेचने के लिए आ रहे थे।
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एसएसपी का दावा है कि नीलेश ने पूछताछ में जसवंत नगर के भट्ठा व्यवसायी भोले के अपहरण के बाद हत्या कर शव को चंबल नदी में फेंकना कबूला है। उसने बताया कि जब भोले जसंवत नगर से इटावा आ रहा था तभी आईटीआई चौराहे के पास उसने अपने एक साथी के साथ मिलकर अपहरण किया। कार में विरोध करने पर उसकी गोली मारकर हत्या कर दी और शव को चंबल नदी में फेंक दिया था। बाद में उसकी बाइक को मानिकपुरा के पास खड़ी कर दी गई थी।
एसएसपी ने बताया कि नीलेश ने अपने साथियों के साथ मिलकर 14 जून को परसौआ गांव में आयोजित भागवत के दौरान फायरिंग की थी, जिसमें एक महिला की मौत हो गई थी जबकि आधा दर्जन लोग घायल हुए थे। इस मामले में नीलेश वांछित चल रहा था। उन्होंने बताया कि 2010 के बाद से वह पुलिस की गिरफ्त में नहीं आया था 2006 में नीलेश की हिस्ट्रीसीट खोली गई थी। 2007 में उसके गैंग को रजिस्टर्ड किया गया था। वह अपराध करने के बाद पुलिस के बढ़ते दबाव के कारण कोर्ट में सरेंडर कर देता था।
नीलेश शातिर किस्म का अपराधी है उसके खिलाफ बदरपुर दिल्ली के थाने में चोरी, राजस्थान के सेवर में लूट, हरिद्वार में डकैती का मामला दर्ज है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के आगरा, मैनपुरी, करहल आदि थानों के अलावा के विभिन्न थानों में हत्या लूट डकैती अपहरण के मामले दर्ज हैं। एसएसपी ने बताया कि उसके पास से पकड़ी गई कार पर भी फर्जी नंबर प्लेट लगाकर चला रहा था।
नीलेश ने पूछताछ में अपने गैंग के साथियों के नाम भी पुलिस को बताए हैं। एसएसपी ने बताया कि पुलिस उसके गैंग के साथियों को चिह्नित कर लिया है उनकी तलाश की जा रही है।
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शुक्रवार को पुलिस लाइन के सभागार में पकड़े गए नीलेश उर्फ मोटा व उसके साथी विकास उर्फ रवि पुत्र उमेश कुमार को पेश किया गया। एसएसपी ने बताया कि नीलेश आईजी कानपुर की टॉप 15 की सूची में शामिल है। गुरुवार की शाम को जसवंत नगर पुलिस को मुखबिरी मिली। पुलिस जसवंत नगर चौराहे पर चेकिंग शुरू कर दी थी। फिरोजाबाद की ओर से आ रही कार को रुकने का इशारा किया तो चालक ने रफ्तार तेज कर दी। पुलिस ने पीछा किया तो कार सवारों ने फायरिंग की।
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जवाब में पुलिस ने फायरिंग की और नीलेश और उसके साथ विकास को दबोच लिया। नीलेश परसौआ हाल निवासी कृष्णा टकीज के पास, जसवंत नगर का रहने वाला है। नीलेश के पास से पिस्टल व रवि के पास से तमंचा बरामद हुआ। कार की तलाशी लेने पर उसमें ढाई किलो चरस बरामद हुआ। चरस की कीमत करीब पचास हजार रुपये बताई गई है। नीलेश ने बताया कि वह फिरोजाबाद से चरस लेकर उसे बेचने के लिए आ रहे थे।
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एसएसपी का दावा है कि नीलेश ने पूछताछ में जसवंत नगर के भट्ठा व्यवसायी भोले के अपहरण के बाद हत्या कर शव को चंबल नदी में फेंकना कबूला है। उसने बताया कि जब भोले जसंवत नगर से इटावा आ रहा था तभी आईटीआई चौराहे के पास उसने अपने एक साथी के साथ मिलकर अपहरण किया। कार में विरोध करने पर उसकी गोली मारकर हत्या कर दी और शव को चंबल नदी में फेंक दिया था। बाद में उसकी बाइक को मानिकपुरा के पास खड़ी कर दी गई थी।
एसएसपी ने बताया कि नीलेश ने अपने साथियों के साथ मिलकर 14 जून को परसौआ गांव में आयोजित भागवत के दौरान फायरिंग की थी, जिसमें एक महिला की मौत हो गई थी जबकि आधा दर्जन लोग घायल हुए थे। इस मामले में नीलेश वांछित चल रहा था। उन्होंने बताया कि 2010 के बाद से वह पुलिस की गिरफ्त में नहीं आया था 2006 में नीलेश की हिस्ट्रीसीट खोली गई थी। 2007 में उसके गैंग को रजिस्टर्ड किया गया था। वह अपराध करने के बाद पुलिस के बढ़ते दबाव के कारण कोर्ट में सरेंडर कर देता था।
नीलेश शातिर किस्म का अपराधी है उसके खिलाफ बदरपुर दिल्ली के थाने में चोरी, राजस्थान के सेवर में लूट, हरिद्वार में डकैती का मामला दर्ज है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के आगरा, मैनपुरी, करहल आदि थानों के अलावा के विभिन्न थानों में हत्या लूट डकैती अपहरण के मामले दर्ज हैं। एसएसपी ने बताया कि उसके पास से पकड़ी गई कार पर भी फर्जी नंबर प्लेट लगाकर चला रहा था।
नीलेश ने पूछताछ में अपने गैंग के साथियों के नाम भी पुलिस को बताए हैं। एसएसपी ने बताया कि पुलिस उसके गैंग के साथियों को चिह्नित कर लिया है उनकी तलाश की जा रही है।