{"_id":"5bb3b575867a557fef6f9289","slug":"headlines-and-measures-in-police-encirclement-of-police-station","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रधान और पुलिस में हाथापाई, थाने का घेराव","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
प्रधान और पुलिस में हाथापाई, थाने का घेराव
अमर उजाला, इटावा
Updated Tue, 02 Oct 2018 11:44 PM IST
विज्ञापन
प्रधान प्रेम चंद्र को पकड़े जाने के विरोध में थाने का घेराव करते लोग। अमर उजाला
- फोटो : amar ujala
यासी नगर गांव में मंगलवार दोपहर एक प्रार्थनापत्र की जांच करने के लिए गई पुलिस का गांव के प्रधान से विवाद हो गया। कहासुनी का मामला हाथापाई तक पहुंचते ही दोनों पक्षों में मारपीट होने लगी। तभी पुलिस प्रधान व उसके भतीजे को पकड़ कर थाने लाई और दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। आक्रोशित लोगों ने बसरेहर थाने का घेराव कर नारेबाजी शुरू कर दी है। एसपी सिटी के अलावा सीओ सैफई व आसपास के थानों का फोर्स भी मौके पर पहुंच गया। जानकारी मिलने के बाद सदर विधायक सरिता भदौरिया मौके पर पहुंचीं तो महिलाएं उनकी कार के आगे लेट गई। बाद में पुलिस ने प्रधान को थाने से जमानत पर रिहा कर दिया।
क्षेत्र के गांव यासी नगर निवासी शैलेंद्र सिंह पुत्र अमर सिंह ने थाने में एक प्रार्थना पत्र दिया था कि प्रधान का भतीजा गांव समाज की जगह पर शौचालय का निर्माण करा रहा है। इस की जांच करने के लिए ट्रेनी दरोगा पवन शर्मा पुलिस फोर्स के साथ गए थे। जांच के दौरान उसका प्रधान व अधिवक्ता प्रेम चंद्र शाक्य पुत्र मोती लाल व उनके भतीजे से विवाद हो गया। बताया गया कि विवाद के बाद हाथापाई भी हो गई। पुलिस प्रधान व भतीजे रिंकू को पकड़कर थाने ले आई। इस संबंध में पुलिस ने प्रधान व भतीजे रिंकू खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने सरकारी कर्मचारी से मारपीट करने की धाराआें में रिपोर्ट दर्ज की। जब प्रधान पक्ष के लोगों को इसकी जानकारी हुई तो काफी संख्या में लोग थाने के बाहर एकत्रित हो गए। उन्हाेंने थाने का घेराव कर लिया। लोगों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जानकारी मिलने के बाद सीओ सैफई निर्मल चंद्र विष्ट मौके पर पहुंचे और उन्हाेंने अधिकरियों को अवगत कराया। सूचना पर एसपी सिटी राम बदन सिंह भी मौके पर पहुंच गए।
प्रधान की पुत्री देव प्रिया का आरोप है कि दरोगा ने उनके पिता के साथ मारपीट की। जब पिता उसकी शिकायत करने के लिए इटावा जा रहे थे तो दरोगा ने उन्हें रास्ते में पकड़ लिया और फिर मारपीट कर थाने ले गए। यहां पिता व उसके चचेरे भाई के साथ मारपीट की गई। उसका आरोप है कि जानकारी मिलने पर वह थाने गईं तो पुलिस कर्मियों ने उसके साथ अभद्रता की। उसने भी थाने में रिपोर्ट दर्ज करने के लिए तहरीर दी। लेकिन उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।
विज्ञापन
सूचना मिलने के बाद सदर विधायक सरिता भदौरिया भी पहुंचीं तो लोगों उनसे हस्तक्षेप की मांग की। प्रधान पक्ष की महिलाएं उनकी कार के सामने लेट गईं। बाद में उन्होंने एसएसपी से मिलकर कार्रवाई कराने का भरोसा दिया। उसके बाद महिलाएं उनकी कार के आगे से हटीं। बाद में उन्हाेंने अधिकरियों से बात की। बातचीत के बाद पुलिस ने प्रधान को जमानत पर रिहा कर दिया। जबकि उनके भतीजे रिंकू को जेल भेज दिया। एसएसपी अशोक कुमार त्रिपाठी ने बताया कि जांच के लिए गए ट्रेनी दरोगा के साथ प्रधान व उनके भतीजे ने हाथापाई की जिससे उसकी वर्दी फट गई। दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। बाद में स्वास्थ कारणाें केे चलते प्रधान को जमानत दे दी गई जबकि रिंकू को जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन
क्षेत्र के गांव यासी नगर निवासी शैलेंद्र सिंह पुत्र अमर सिंह ने थाने में एक प्रार्थना पत्र दिया था कि प्रधान का भतीजा गांव समाज की जगह पर शौचालय का निर्माण करा रहा है। इस की जांच करने के लिए ट्रेनी दरोगा पवन शर्मा पुलिस फोर्स के साथ गए थे। जांच के दौरान उसका प्रधान व अधिवक्ता प्रेम चंद्र शाक्य पुत्र मोती लाल व उनके भतीजे से विवाद हो गया। बताया गया कि विवाद के बाद हाथापाई भी हो गई। पुलिस प्रधान व भतीजे रिंकू को पकड़कर थाने ले आई। इस संबंध में पुलिस ने प्रधान व भतीजे रिंकू खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने सरकारी कर्मचारी से मारपीट करने की धाराआें में रिपोर्ट दर्ज की। जब प्रधान पक्ष के लोगों को इसकी जानकारी हुई तो काफी संख्या में लोग थाने के बाहर एकत्रित हो गए। उन्हाेंने थाने का घेराव कर लिया। लोगों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जानकारी मिलने के बाद सीओ सैफई निर्मल चंद्र विष्ट मौके पर पहुंचे और उन्हाेंने अधिकरियों को अवगत कराया। सूचना पर एसपी सिटी राम बदन सिंह भी मौके पर पहुंच गए।
विज्ञापन
प्रधान की पुत्री देव प्रिया का आरोप है कि दरोगा ने उनके पिता के साथ मारपीट की। जब पिता उसकी शिकायत करने के लिए इटावा जा रहे थे तो दरोगा ने उन्हें रास्ते में पकड़ लिया और फिर मारपीट कर थाने ले गए। यहां पिता व उसके चचेरे भाई के साथ मारपीट की गई। उसका आरोप है कि जानकारी मिलने पर वह थाने गईं तो पुलिस कर्मियों ने उसके साथ अभद्रता की। उसने भी थाने में रिपोर्ट दर्ज करने के लिए तहरीर दी। लेकिन उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।
विज्ञापन
सूचना मिलने के बाद सदर विधायक सरिता भदौरिया भी पहुंचीं तो लोगों उनसे हस्तक्षेप की मांग की। प्रधान पक्ष की महिलाएं उनकी कार के सामने लेट गईं। बाद में उन्होंने एसएसपी से मिलकर कार्रवाई कराने का भरोसा दिया। उसके बाद महिलाएं उनकी कार के आगे से हटीं। बाद में उन्हाेंने अधिकरियों से बात की। बातचीत के बाद पुलिस ने प्रधान को जमानत पर रिहा कर दिया। जबकि उनके भतीजे रिंकू को जेल भेज दिया। एसएसपी अशोक कुमार त्रिपाठी ने बताया कि जांच के लिए गए ट्रेनी दरोगा के साथ प्रधान व उनके भतीजे ने हाथापाई की जिससे उसकी वर्दी फट गई। दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। बाद में स्वास्थ कारणाें केे चलते प्रधान को जमानत दे दी गई जबकि रिंकू को जेल भेज दिया गया।