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बवाल करने वालों पर रिपोर्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
Updated Wed, 28 Jan 2015 12:38 AM IST
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जसवंतनगर में हाइवे जाम करने, पुलिस टीम पर पथराव करने के साथ ही पुलिस जीप में आग लगाने वाले उपद्रवियों पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। कोतवाल की ओर से इस पूरे मामले में सात लोगों को नामजद करने के साथ 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। अब पुलिस उपद्रव करने वाले लोगों को चिह्नित करने का काम कर रही है।
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थाना क्षेत्र के गांव महलई में अरविंद के बेटे देवांशू (4) की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई थी। हत्या के आरोप में ताऊ आदेशबाबू को गिरफ्तार किए जाने से नाराज लोगों ने रविवार की सुबह दिल्ली-कानपुर नेशनल हाइवे पर जमकर बवाल किया था। गुस्साए लोगों ने पहले हाइवे जाम कर दिया।
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जब थाना पुलिस जाम खुलवाने पहुंची तो गुस्साए लोगों ने पुलिस टीम पर पथराव कर दिया और कोतवाल की सरकारी जीप में तोड़फोड़ करते हुए उसमें आग लगा दी। हाइवे पर रविवार सुबह नौ बजे बवाल शुरू हुआ जो साढ़े 11 बजे तक चला। बाद में छह थानों का फोर्स, पीएसी के साथ अफसर मौके पर पहुंचे और हवाई फायरिंग के साथ ही लाठीचार्ज करके जाम खुलवाया।
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इस पूरे मामले में जसवंतनगर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र सिंह यादव ने मृतक देवांशू के पिता अरविंद शाक्य व चाचा विनोद शाक्य पुत्रगण नाथूराम शाक्य सहित सरमन पुत्र सूबेदार, सहदेव पुत्र सालिगराम, इंद्रजीत शाक्य उर्फ मिस्त्री, रमन पुत्र आदेश, सचिन पुत्र उमाशंकर सहित करीब 200 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
आरोप है कि उक्त लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग दबंगई से जाम करते हुए पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों पर हमला किया, सरकारी कार्य में बाधा डाली और बाजार में दहशत फैलाई।
जिससे पूरा बाजार बंद हो गया। साथ ही पुलिस की जीप को तोड़ा और उसे जलाते हुए कानून अपने हाथ में लिया और अशांति पैदा की। पुलिस ने पुलिस ने 7 क्रिमिनल एक्ट, धारा 147, 148, 149, 307, 332, 353, 336, 341, 188, 436, 504, 506 आईपीसी के साथ 3/4 लोक संपत्ति हानि निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की है।