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14 लाख के गबन में फंसे प्रधान और सचिव
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
Updated Fri, 01 May 2015 10:52 PM IST
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चकरनगर ब्लाक क्षेत्र की ग्राम पंचायत विहार के प्रधान और सचिव पर विकास के नाम पर करीब 14 लाख रुपया गबन करने का आरोप लगा है। डीएम ने दोनों को नोटिस देकर 15 दिन का समय दिया है।
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संतोषजनक जवाब न देने पर दोनों आरोपियों से गबन की रकम वसूली जाएगी। ग्राम पंचायत के कतरौली गांव निवासी हरी सिंह ने 28 जनवरी को शपथपत्र देकर डीएम से विहार ग्राम पंचायत के ग्राम निधि प्रथम खाते से कराए गए विकास कार्यों में सरकारी धन के बंदरबांट का आरोप लगाया।
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उन्होंने मामले की जांच करा कर आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की। डीएम ने शिकायत का संज्ञान लेकर डीआरडीए के परियोजना निदेशक प्रदीप कुमार यादव को मामले की जांच सौंपी। पीडी ने विभागीय एई अशोक कुमार श्रीवास्तव समेत अन्य अभियंताओं के साथ फरवरी में स्थलीय जांच की तो विकास कार्यों में सरकारी धन में बंदरबांट का खुलासा हुआ।
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जांच में ग्राम पंचायत विहार के प्रधान राम बहादुर सिंह और सचिव बादशाह सिंह को सरकारी धन के गबन का आरोपी माना गया। डीएम ने 29 अप्रैल को प्रधान व सचिव को नोटिस देकर 15 दिन मेें मामले पर अपना स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया।
यदि जवाब संतोषजनक न पाया गया तो दोनाें से 14.12 लाख रुपये की रकम समान रूप से वसूली की जाएगी। यह वसूली पंचायत राज एक्ट की धारा 27 (2) और अन्य धाराओं में भू राजस्व की भांति की जाएगी जबकि सचिव के वेतन से कटौती होगी।
इस संबंध में पंचायत सचिव बादशाह सिंह से उनके मोबाइल नंबर पर संपर्क किया गया मगर फोन रिसीव नहीं हुआ। उधर डीपीआरओ एमएल यादव ने कहा कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद डीएम के स्तर से ग्राम प्रधान व सचिव को नोटिस भेजे गए हैं। उनके जवाब का इंतजार है। इसके बाद ही आगे कार्रवाई होगी।
पांच साल के काम की हुई जांच
वर्ष 2010-11 से वर्ष 2014-15 तक ग्राम निधि प्रथम से कराए गए विकास कार्यों की जांच हुई है। इस निधि से 20,80,766 रुपये का भुगतान किया गया जबकि जांच अधिकारी पीडी ने अपनी जांच में सिर्फ 6,68,035 रुपये का कार्य पाया है।
इस तरह 14.12 लाख रुपये का अधिक भुगतान किया गया। निधि में राज्य वित्त और 12वें वित्त की धनराशि समेत मनरेगा योजना के विकास कार्य कराए जाते हैं।