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दो सगे भाईयों के हत्यारे को आजीवन कारावास की सजा
Updated Sun, 19 Aug 2018 12:05 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
इटावा। 14 साल पहले दो सगे भाइयों की हत्या के दोषी को अपर सत्र न्यायाधीश डॉ. विजय कुमार ने शनिवार को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। अन्य आरोपियों की फाइल उनके फरार चलने से मुकदमे से अलग कर दी गई, जिनका मामला विचाराधीन है।
भरथना थाने में सराय चौरी गावं निवासी वादी माधव नारायण दुबे ने चार नवंबर 2004 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह व उसका लड़का देवेश कुमार उर्फ सीटू भरथना में तिलक रोड स्थित दामाद आशुतोष की दुकान पर खड़े थे। तभी उसके गांव के ही बृजेश उर्फ टप्पू पुत्र सुरेश तिवारी, छुटइयां उर्फ रवींद्र पुत्र सुरेश तिवारी, पप्पू पुत्र दिवोली कहार व गोविंद पुत्र नरेश तिवारी आए और कहा कि उसके ताऊ के खिलाफ गवाही न दें। सीटू ने कहा कि वे तो गवाही देंगे। इस पर इन लोगों ने देवेश पर तमंचे से फायर किए। गोली लगने से देवेश वहीं गिर पड़ा। बाद में लोग धमकी देते चले गए। थोड़ी देर बाद पता चला कि इन लोगों ने गांव में उसके पुत्र मोनू उर्फ ज्ञानेश कुमार को भी गोली मारकर घायल कर दिया। इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई।
बृजेश उर्फ टप्पू पुत्र सुरेश तिवारी के खिलाफ पुलिस ने कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया गया। अन्य तीन आरोपियों के फरार चलने के कारण बृजेश उर्फ टप्पू के खिलाफ ट्रायल चला। अन्य आरोपियों की फाइल इस मुकदमे से अलग कर दी गई। कोर्ट में उनका मामला अभी विचाराधीन है। इस मामले में गवाहों के बयान व साक्ष्यों के प्रस्तुत करने के बाद शासकीय अधिवक्ता इम्तियाज अहमद अंसारी अपने तर्क दिए। न्यायाधीश ने बृजेश उर्फ टप्पू को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही 20 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया।
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तीन आरोपियों के फरार चलने से मामला विचाराधीन
इटावा। 14 साल पहले दो सगे भाइयों की हत्या के दोषी को अपर सत्र न्यायाधीश डॉ. विजय कुमार ने शनिवार को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। अन्य आरोपियों की फाइल उनके फरार चलने से मुकदमे से अलग कर दी गई, जिनका मामला विचाराधीन है।
भरथना थाने में सराय चौरी गावं निवासी वादी माधव नारायण दुबे ने चार नवंबर 2004 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह व उसका लड़का देवेश कुमार उर्फ सीटू भरथना में तिलक रोड स्थित दामाद आशुतोष की दुकान पर खड़े थे। तभी उसके गांव के ही बृजेश उर्फ टप्पू पुत्र सुरेश तिवारी, छुटइयां उर्फ रवींद्र पुत्र सुरेश तिवारी, पप्पू पुत्र दिवोली कहार व गोविंद पुत्र नरेश तिवारी आए और कहा कि उसके ताऊ के खिलाफ गवाही न दें। सीटू ने कहा कि वे तो गवाही देंगे। इस पर इन लोगों ने देवेश पर तमंचे से फायर किए। गोली लगने से देवेश वहीं गिर पड़ा। बाद में लोग धमकी देते चले गए। थोड़ी देर बाद पता चला कि इन लोगों ने गांव में उसके पुत्र मोनू उर्फ ज्ञानेश कुमार को भी गोली मारकर घायल कर दिया। इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई।
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बृजेश उर्फ टप्पू पुत्र सुरेश तिवारी के खिलाफ पुलिस ने कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया गया। अन्य तीन आरोपियों के फरार चलने के कारण बृजेश उर्फ टप्पू के खिलाफ ट्रायल चला। अन्य आरोपियों की फाइल इस मुकदमे से अलग कर दी गई। कोर्ट में उनका मामला अभी विचाराधीन है। इस मामले में गवाहों के बयान व साक्ष्यों के प्रस्तुत करने के बाद शासकीय अधिवक्ता इम्तियाज अहमद अंसारी अपने तर्क दिए। न्यायाधीश ने बृजेश उर्फ टप्पू को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही 20 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया।
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तीन आरोपियों के फरार चलने से मामला विचाराधीन