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ंअपह्त पूर्व सभासद भोले की हत्या कर शव चंबल नदी में फेंक दिया
Updated Wed, 29 Nov 2017 10:22 PM IST
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जसवंतनगर।
पुलिस ने पांच माह पहले जसवंतनगर के भट्ठा व्यवसायी एवं पूर्व सभासद ग्रीश उर्फ भोले के अपहरण मामले का खुलासा करने का दावा किया है। रिमांड पर लिए गए दो अभियुक्तों से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने बताया कि गत 27 जून को भोले का अपहरण कर उसकी हत्या कर शव चंबल नदी में फेंक दिया गया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने आगरा कोर्ट में सरेंडर किया था।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक जीवाराम यादव ने बताया कि पुलिस पूर्व सभासद भोले के अपहरण के मामले के खुलासे के करीब पहुंच चुकी थी। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए राजस्थान तक पीछा किया। आरोपी राजस्थान के धौलपुर जिले से पुलिस के पहुंचने से पहलेे ही निकल भागा। क्राइम ब्रांच का ही एक सिपाही वरुण यादव आरोपियों से मिला हुआ था। इसलिए पुलिस के उस तक पहुंचने से पहले ही उसे खबर मिल जाती थी। एसएसपी वैभव कृष्ण ने क्राइम ब्रंाच के सिपाहियों के मोबाइल सर्विसलांस पर लगाए। इस पर मामले का खुलासा हुआ। सिपाही वरुण के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई। उसे निलंबित कर दिया। उसके खिलाफ जांच अभी लंबित है। इसके बाद ही आरोपी ने पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए आगरा कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। ग्राम परसौआ निवासी नीलेश यादव तथा शिशुपाल यादव उर्फ गुड्डा हाल निवासी अहीरटोला के कोर्ट में सरेंडर करने के बाद पुलिस ने 28 नवंबर को न्यायालय से रिमांड पर लिया। न्यायालय से आठ घंटे की रिमांड मिली। पुलिस ने दोनों से काफी सघन पूछताछ की। पूछताछ में दोनों अभियुक्तों ने पुलिस को बताया कि गत 27 जून की दोपहर पक्का बाग तिराहे के पास से भोले का अपहरण किया गया था। उसके बाद कार मेें ही उसकी हत्या कर दी गई। शव को चंबल नदी में उसी दिन फेंक दिया गया था। पुलिस ने यह भी बताया कि रिमांड पर लिए गए अभियुक्तों ने अपना अपराध स्वीकार किया है। इस घटना मेें जसवंतनगर कस्बे के बालिस्टर यादव ने भोले के बारे में रेकी कर उसकी एक-एक सूचना आरोपियों तक पहुंचाई थी। उसे भी पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा।
इनसेट-
मई में भोले के अपहरण और हत्या का प्लान बना
जसवंतनगर। पुलिस ने बताया कि मई 2017 में नीलेश यादव के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज हुई थी। उसे शक था इस एफआईआर को दर्ज कराने में भोले की भूमिका रही है। इसी को लेकर दोनों में रंजिश पनप गई। इसी के चलते उसने भोले की हत्या करने का प्लान बनाया था। दोनों के बीच व्यवसायिक प्रतिद्वंद्विता भी रहती थी। भोले भट्ठा व्यवसायी एवं नीलेश ट्रांसपोर्ट का कारोबार करता है। यही रंजिश भोले की हत्या का कारण बनी। पुलिस ने बताया कि काफी समय बीत चुका है। इसलिए चंबल नदी से शव बरामद नहीं किया जा सका है।
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इनसेट-
सिपाही गद्दारी न करता को पकड़ा जाता नीलेश
जसवंतनगर। इस मामले मेें क्राइम ब्रांच के सिपाही ने गद्दारी न की होती तो अभियुक्तों को बहुत पहले ही पकड़ लिया जाता। पुलिस अभियुक्तों को ट्रेस करते हुए उनके नजदीक तक पहुंच गई थी। सिपाही जो अपराधियों का एजेंट बनकर काम कर रहा था। उसने अपराधियों को मोबाइल से पुलिस के पीछा किए जाने की सूचना दे दी। जिस कारण अपराधी बचकर निकल गए। सिपाही को बाद मेें निलंबित भी कर दिया गया।
इनसेट-
जुलाई महीने में हुई थी बाजार बंदी
जसवंतनगर। अपह्त भट्ठा व्यवसाई का कोई सुराग न मिलने से आक्रोशित व्यापारियों ने 11 जुलाई को जसवंतनगर में बाजार बंदी भी की थी। बंदी के दौरान सभी व्यापारियों ने अपने अपने कारोबार बंद रखकर पीड़ित परिवार के प्रति सहानुभूति प्रदर्शित की। उनके परिजन भी धरने पर बैठे। एएसपी जितेंद्र श्रीवास्तव ने मौके पर पहुंचकर मामले का खुलासा करने का विश्वास दिलाया था। पूर्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव का निर्वाचन क्षेत्र होने के कारण पुलिस पूरी सतर्कता से काम करती रही। शिवपाल सिंह भी भोले के परिजनों से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने भी मामले का वर्कआउट करने के बारे में एसएसपी से बात की थी।
इनसेट-
पुलिस कार्रवाई से परिजन संतुष्ट नहीं
जसवंतनगर। जसवंतनगर पुलिस ने भले ही भोले अपहरण कांड की गुत्थी सुलझाने के बाद फाइल बंद कर दी हो। परिजनों को पुलिस की कहानी पर भरोसा नहीं है। भोले के अपहरण का मुकदमा उनके पुत्र विपिन यादव ने अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज कराया था। इसके बाद पुलिस जांच के दौरान एक एक कड़ी को जोड़कर आगे बढ़ी। वहीं भोले की पत्नी पुष्पा यादव का कहना है कि खुलासा पूरी तरह से सही नहीं हुआ है। वे यह मानने को तैयार नहीं है कि उनके पति अब इस दुनियां में नहीं हैं। उनका कहना है कि जब तक कोई सुबूत नहीं मिल जाता वे यह कैसे मान सकती हैं कि उनके पति की हत्या कर दी गई है। पुलिस ने उन्हें पांच महीने तक भरोसे में रखा अब पुलिस ने जो कहानी तैयार की है उस पर उन्हें भरोसा नहीं है। मामले की अभी पूरी जांच होनी चाहिए। भट्टा व्यवसायी के परिवार में उनकी पत्नी के अलावा विवेक, विनय एवं विपिन तीन पुत्र तथा एक पुत्री राधा है।
- अपहृत पूर्व सभासद की हत्या का खुलासा
- पांच महीने पहले ग्रीश उर्फ भोले का हुआ था अपहरण
- पुलिस रिमांड में दो अभियुक्तों ने फेंकने का कबूला अपराध
फोटो नंबर 04- ग्रीश यादव उर्फ भोले (फाइल फोटो)।
फोटो नंबर 07- जसवंतनगर में घटना के बाद अपह्त भट्ठा व्यवसायी का चित्र लेकर धरने पर बैठे परिजन।
फोटेा नंबर 08- भट्ठा व्यवसायी को बरामद कर मामले की खुलासा करने की मांग को लेकर जसवंतनगर में धरने पर बैठे व्यापारी एवं कस्बे के लोग।
फोटो नंबर 09- भट्ठा व्यवसायी के परिजनों से बातचीत करते एएसपी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव। (तीनों फाइल चित्र )
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पुलिस ने पांच माह पहले जसवंतनगर के भट्ठा व्यवसायी एवं पूर्व सभासद ग्रीश उर्फ भोले के अपहरण मामले का खुलासा करने का दावा किया है। रिमांड पर लिए गए दो अभियुक्तों से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने बताया कि गत 27 जून को भोले का अपहरण कर उसकी हत्या कर शव चंबल नदी में फेंक दिया गया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने आगरा कोर्ट में सरेंडर किया था।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक जीवाराम यादव ने बताया कि पुलिस पूर्व सभासद भोले के अपहरण के मामले के खुलासे के करीब पहुंच चुकी थी। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए राजस्थान तक पीछा किया। आरोपी राजस्थान के धौलपुर जिले से पुलिस के पहुंचने से पहलेे ही निकल भागा। क्राइम ब्रांच का ही एक सिपाही वरुण यादव आरोपियों से मिला हुआ था। इसलिए पुलिस के उस तक पहुंचने से पहले ही उसे खबर मिल जाती थी। एसएसपी वैभव कृष्ण ने क्राइम ब्रंाच के सिपाहियों के मोबाइल सर्विसलांस पर लगाए। इस पर मामले का खुलासा हुआ। सिपाही वरुण के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई। उसे निलंबित कर दिया। उसके खिलाफ जांच अभी लंबित है। इसके बाद ही आरोपी ने पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए आगरा कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। ग्राम परसौआ निवासी नीलेश यादव तथा शिशुपाल यादव उर्फ गुड्डा हाल निवासी अहीरटोला के कोर्ट में सरेंडर करने के बाद पुलिस ने 28 नवंबर को न्यायालय से रिमांड पर लिया। न्यायालय से आठ घंटे की रिमांड मिली। पुलिस ने दोनों से काफी सघन पूछताछ की। पूछताछ में दोनों अभियुक्तों ने पुलिस को बताया कि गत 27 जून की दोपहर पक्का बाग तिराहे के पास से भोले का अपहरण किया गया था। उसके बाद कार मेें ही उसकी हत्या कर दी गई। शव को चंबल नदी में उसी दिन फेंक दिया गया था। पुलिस ने यह भी बताया कि रिमांड पर लिए गए अभियुक्तों ने अपना अपराध स्वीकार किया है। इस घटना मेें जसवंतनगर कस्बे के बालिस्टर यादव ने भोले के बारे में रेकी कर उसकी एक-एक सूचना आरोपियों तक पहुंचाई थी। उसे भी पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा।
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मई में भोले के अपहरण और हत्या का प्लान बना
जसवंतनगर। पुलिस ने बताया कि मई 2017 में नीलेश यादव के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज हुई थी। उसे शक था इस एफआईआर को दर्ज कराने में भोले की भूमिका रही है। इसी को लेकर दोनों में रंजिश पनप गई। इसी के चलते उसने भोले की हत्या करने का प्लान बनाया था। दोनों के बीच व्यवसायिक प्रतिद्वंद्विता भी रहती थी। भोले भट्ठा व्यवसायी एवं नीलेश ट्रांसपोर्ट का कारोबार करता है। यही रंजिश भोले की हत्या का कारण बनी। पुलिस ने बताया कि काफी समय बीत चुका है। इसलिए चंबल नदी से शव बरामद नहीं किया जा सका है।
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सिपाही गद्दारी न करता को पकड़ा जाता नीलेश
जसवंतनगर। इस मामले मेें क्राइम ब्रांच के सिपाही ने गद्दारी न की होती तो अभियुक्तों को बहुत पहले ही पकड़ लिया जाता। पुलिस अभियुक्तों को ट्रेस करते हुए उनके नजदीक तक पहुंच गई थी। सिपाही जो अपराधियों का एजेंट बनकर काम कर रहा था। उसने अपराधियों को मोबाइल से पुलिस के पीछा किए जाने की सूचना दे दी। जिस कारण अपराधी बचकर निकल गए। सिपाही को बाद मेें निलंबित भी कर दिया गया।
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जुलाई महीने में हुई थी बाजार बंदी
जसवंतनगर। अपह्त भट्ठा व्यवसाई का कोई सुराग न मिलने से आक्रोशित व्यापारियों ने 11 जुलाई को जसवंतनगर में बाजार बंदी भी की थी। बंदी के दौरान सभी व्यापारियों ने अपने अपने कारोबार बंद रखकर पीड़ित परिवार के प्रति सहानुभूति प्रदर्शित की। उनके परिजन भी धरने पर बैठे। एएसपी जितेंद्र श्रीवास्तव ने मौके पर पहुंचकर मामले का खुलासा करने का विश्वास दिलाया था। पूर्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव का निर्वाचन क्षेत्र होने के कारण पुलिस पूरी सतर्कता से काम करती रही। शिवपाल सिंह भी भोले के परिजनों से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने भी मामले का वर्कआउट करने के बारे में एसएसपी से बात की थी।
इनसेट-
पुलिस कार्रवाई से परिजन संतुष्ट नहीं
जसवंतनगर। जसवंतनगर पुलिस ने भले ही भोले अपहरण कांड की गुत्थी सुलझाने के बाद फाइल बंद कर दी हो। परिजनों को पुलिस की कहानी पर भरोसा नहीं है। भोले के अपहरण का मुकदमा उनके पुत्र विपिन यादव ने अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज कराया था। इसके बाद पुलिस जांच के दौरान एक एक कड़ी को जोड़कर आगे बढ़ी। वहीं भोले की पत्नी पुष्पा यादव का कहना है कि खुलासा पूरी तरह से सही नहीं हुआ है। वे यह मानने को तैयार नहीं है कि उनके पति अब इस दुनियां में नहीं हैं। उनका कहना है कि जब तक कोई सुबूत नहीं मिल जाता वे यह कैसे मान सकती हैं कि उनके पति की हत्या कर दी गई है। पुलिस ने उन्हें पांच महीने तक भरोसे में रखा अब पुलिस ने जो कहानी तैयार की है उस पर उन्हें भरोसा नहीं है। मामले की अभी पूरी जांच होनी चाहिए। भट्टा व्यवसायी के परिवार में उनकी पत्नी के अलावा विवेक, विनय एवं विपिन तीन पुत्र तथा एक पुत्री राधा है।
- अपहृत पूर्व सभासद की हत्या का खुलासा
- पांच महीने पहले ग्रीश उर्फ भोले का हुआ था अपहरण
- पुलिस रिमांड में दो अभियुक्तों ने फेंकने का कबूला अपराध
फोटो नंबर 04- ग्रीश यादव उर्फ भोले (फाइल फोटो)।
फोटो नंबर 07- जसवंतनगर में घटना के बाद अपह्त भट्ठा व्यवसायी का चित्र लेकर धरने पर बैठे परिजन।
फोटेा नंबर 08- भट्ठा व्यवसायी को बरामद कर मामले की खुलासा करने की मांग को लेकर जसवंतनगर में धरने पर बैठे व्यापारी एवं कस्बे के लोग।
फोटो नंबर 09- भट्ठा व्यवसायी के परिजनों से बातचीत करते एएसपी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव। (तीनों फाइल चित्र )