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नाबालिग पर लगे गुंडा एक्ट को हटाया गया
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नाबालिग पर गुंडा एक्ट लगाना इकदिल कोतवाल को महंगा पड़ा। पीड़ित पक्ष ने मामले की शिकायत जिला मजिस्ट्रेट की अदालत में की। पूरे मामले को संज्ञान में लेकर जिला मजिस्ट्रेट ने पड़ताल कराई।
पुलिस के साक्ष्य गलत पाए जाने पर नाबालिग पर लगी गुंडा एक्ट की धारा को खारिज कर दिया। साथ ही गलत कार्रवाई करने वाले तत्कालीन कोतवाल के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश जारी किए।
अधिवक्ता योगेंद्र अवस्थी ने बताया कि इकदिल थाना पुलिस ने कस्बा के ही मोहल्ला कायस्थान निवासी 14 वर्षीय किशोर के खिलाफ 27 जून 2018 को एक आख्या भेजी थी। इसमें उसे आपराधिक व गुंडा किस्म का व्यक्ति बताया गया था।
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इस पर आरोप था कि इसके कृत्य व गुंडई के कारण समाज में भय का वातावरण व आतंक व्याप्त है। इससे लोग उसके खिलाफ गवाही देने का साहस नहीं करते हैं। पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर जिला मजिस्ट्रेट ने उसके खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई कर दी थी।
नोटिस मिलने के बाद किशोर अपने पिता के साथ अधिवक्ता योगेंद्र अवस्थी से मिला और जिला मजिस्ट्रेट की कोर्ट में उपस्थित होकर आरोपों से इंकार किया । किशोर की जन्म तिथि तीन नवंबर 2004 है। वह मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का भरण पोषण करता है।
इकदिल पुलिस मनगढ़ंत कहानी बनाकर उसे फंसा रही है। जिला मजिस्ट्रेट ने मामले को संज्ञान लेकर इसकी छानबीन कराई। उन्होंने उम्र के संबंध में प्रधानाघ्यापिका नीतू पुरवार को मय प्रवेश रजिस्टर के तलब किया जिसमें उन्होंने प्रवेश क्रमांक 4576 की प्रति दाखिल की और अपने बयान दर्ज कराए।
छानबीन के बाद उन्होंने आरोपी को नाबालिग पाते हुए दिए गए नोटिस को समाप्त कर दिया। साथ ही किशोर के खिलाफ कार्रवाई करने वाले तत्कालीन इकदिल कोतवाल के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
नाबालिग पर गुंडा एक्ट लगाने वाले कोतवाल फंसे
जिला मजिस्ट्रेट ने कोतवाल पर कार्रवाई का आदेश किया
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पुलिस के साक्ष्य गलत पाए जाने पर नाबालिग पर लगी गुंडा एक्ट की धारा को खारिज कर दिया। साथ ही गलत कार्रवाई करने वाले तत्कालीन कोतवाल के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश जारी किए।
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अधिवक्ता योगेंद्र अवस्थी ने बताया कि इकदिल थाना पुलिस ने कस्बा के ही मोहल्ला कायस्थान निवासी 14 वर्षीय किशोर के खिलाफ 27 जून 2018 को एक आख्या भेजी थी। इसमें उसे आपराधिक व गुंडा किस्म का व्यक्ति बताया गया था।
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इस पर आरोप था कि इसके कृत्य व गुंडई के कारण समाज में भय का वातावरण व आतंक व्याप्त है। इससे लोग उसके खिलाफ गवाही देने का साहस नहीं करते हैं। पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर जिला मजिस्ट्रेट ने उसके खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई कर दी थी।
नोटिस मिलने के बाद किशोर अपने पिता के साथ अधिवक्ता योगेंद्र अवस्थी से मिला और जिला मजिस्ट्रेट की कोर्ट में उपस्थित होकर आरोपों से इंकार किया । किशोर की जन्म तिथि तीन नवंबर 2004 है। वह मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का भरण पोषण करता है।
इकदिल पुलिस मनगढ़ंत कहानी बनाकर उसे फंसा रही है। जिला मजिस्ट्रेट ने मामले को संज्ञान लेकर इसकी छानबीन कराई। उन्होंने उम्र के संबंध में प्रधानाघ्यापिका नीतू पुरवार को मय प्रवेश रजिस्टर के तलब किया जिसमें उन्होंने प्रवेश क्रमांक 4576 की प्रति दाखिल की और अपने बयान दर्ज कराए।
छानबीन के बाद उन्होंने आरोपी को नाबालिग पाते हुए दिए गए नोटिस को समाप्त कर दिया। साथ ही किशोर के खिलाफ कार्रवाई करने वाले तत्कालीन इकदिल कोतवाल के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
नाबालिग पर गुंडा एक्ट लगाने वाले कोतवाल फंसे
जिला मजिस्ट्रेट ने कोतवाल पर कार्रवाई का आदेश किया