{"_id":"5e876af88ebc3e77434655a1","slug":"crime-etawha-news-knp5535952118","type":"story","status":"publish","title_hn":"साथ न देने पर बवालियों ने बंदियों को भी पीटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साथ न देने पर बवालियों ने बंदियों को भी पीटा
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इटावा। जिला जेल में बड़े बवाल की तैयारी थी। विवाद शुरू करने वाले कैदी व बंदी कुछ अन्य बंदियों को एककर जेल अधिकारियों पर हमला करना चाहते थे। जो बंदी तैयार नहीं हुए तो बवाल के दौरान उनके साथ भी मारपीट की गई। शुक्रवार को हालात सामान्य होने पर बंदियों ने जेल अधीक्षक से कहानी बयां की।
जेल अधीक्षक राज किशोर ने बताया कि 10-12 कैदी और बंदियों ने डिप्टी जेलर डिप्टी जेलर जगदीश प्रसाद व लंबरदारों पर हमला बोला था। हमलावरों का दूसरे कैदी व बंदियों ने विरोध किया। इस बवाल में बंदी मोनू पहाड़ी, कैदी खालिद और लंबरदार कैदी छुन्ना के अलावा डिप्टी जेलर को ज्यादा चोटें आईं। ज्यादा चोटें लगने से मोनू की मौत हो गई।
जेल अधीक्षक ने बताया कि शुक्रवार को बंदियों से मिलकर उन्होंने यह जानने की कोशिश की कि आखिर किस वजह से घटना हुई। यदि कोई समस्या थी या है, तो वह बता सकते हैं। जेल अधीक्षक को बंदियों ने बताया कि समस्या कुछ नहीं है। हमलावर बंदियों ने उनके साथ बैरकों में इस बात को लेकर मारपीट की थी कि वह उनका साथ दें। हालांकि ज्यादातर बंदियों ने हमलावर बंदियों का विरोध किया। जेल अधीक्षक ने बताया कि बंदी मोनू पहाड़ी की मौत पर कोर्ट से न्यायिक जांच कराई जाएगी। जेल हालात अब पूरी से सामान्य हैं। बंदियों व कैदियों से बात की है। उन्हें किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं है।
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मोनू पहाड़ी की हत्या का भी दर्ज होगा मुकदमा
इटावा। जिले जेल में वर्चस्व के लिए बवाल में कैदी की मौत के मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाएगा। अभी पुलिस ने अभी नौ नामजद समेत 10-15 बंदी, कैदियों के खिलाफ बवाल, मारपीट समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। अब बंदी की हत्या का मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा।
जिला जेल में बुधवार रात वर्चस्व को लेकर कैदियों व बंदियों में बवाल हो गया था। इसमें बंदी राशिद उर्फ मोनू पहाड़ी पुत्र नासिर निवासी कानपुर की मौत हो गई थी और कैदी खालिद पुत्र अब्दुल रहीम, लंबरदार (कैदी) छुन्ना पुत्र श्रीचंद और डिप्टी जेलर जगदीश प्रसाद समेत करीब 24 लोग घायल हो गए थे। खालिद का पीजीआई सैफई और छुन्ना का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। डिप्टी जेलर गुरुवार शाम को ही पीजीआई से अपने घर आ गए थे। जेलर रामकुबेर सिंह ने गुरुवार रात को सिविललाइन थाना में धारा 147,323, 353, 308, 332, 34 और 7 आपराधिक कानून अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। इस मुकदमे में राशिद उर्फ मोनू पहाड़ी, खालिद, शिवामणि, बंदी ताजुद्दीन, अंकित फौजी, दिलीप, दुर्वेश, शंकर समेत नौ को नामजद समेत 10-15 को आरोप बनाया गया है।
पुलिस के अनुसार मुकदमा दर्ज कराने के समय मोनू की मौत नहीं हुई थी। उसे गुरुवार रात करीब 12 बजे जिला अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मोनू पहाड़ी की मौत के 18 घंटे बाद भी हत्या का मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। सिविल लाइन थाना प्रभारी निरीक्षक मदन गोपाल गुप्ता ने बताया कि मोनू पहाड़ी भी बवाल में आरोपी है, चूंकि उसकी मौत हो गई है इसलिए अब उसका नाम मुकदमे से हट जाएगा। एसएसपी आकाश तोमर ने बताया कि जल्द ही मोनू पहाड़ी की हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाएगा। पुलिस जांच कर रही है। बवाल की डीआईजी स्तर और मजिस्ट्रियल जांच भी की जा रही है।
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जेल अधीक्षक राज किशोर ने बताया कि 10-12 कैदी और बंदियों ने डिप्टी जेलर डिप्टी जेलर जगदीश प्रसाद व लंबरदारों पर हमला बोला था। हमलावरों का दूसरे कैदी व बंदियों ने विरोध किया। इस बवाल में बंदी मोनू पहाड़ी, कैदी खालिद और लंबरदार कैदी छुन्ना के अलावा डिप्टी जेलर को ज्यादा चोटें आईं। ज्यादा चोटें लगने से मोनू की मौत हो गई।
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जेल अधीक्षक ने बताया कि शुक्रवार को बंदियों से मिलकर उन्होंने यह जानने की कोशिश की कि आखिर किस वजह से घटना हुई। यदि कोई समस्या थी या है, तो वह बता सकते हैं। जेल अधीक्षक को बंदियों ने बताया कि समस्या कुछ नहीं है। हमलावर बंदियों ने उनके साथ बैरकों में इस बात को लेकर मारपीट की थी कि वह उनका साथ दें। हालांकि ज्यादातर बंदियों ने हमलावर बंदियों का विरोध किया। जेल अधीक्षक ने बताया कि बंदी मोनू पहाड़ी की मौत पर कोर्ट से न्यायिक जांच कराई जाएगी। जेल हालात अब पूरी से सामान्य हैं। बंदियों व कैदियों से बात की है। उन्हें किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं है।
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मोनू पहाड़ी की हत्या का भी दर्ज होगा मुकदमा
इटावा। जिले जेल में वर्चस्व के लिए बवाल में कैदी की मौत के मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाएगा। अभी पुलिस ने अभी नौ नामजद समेत 10-15 बंदी, कैदियों के खिलाफ बवाल, मारपीट समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। अब बंदी की हत्या का मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा।
जिला जेल में बुधवार रात वर्चस्व को लेकर कैदियों व बंदियों में बवाल हो गया था। इसमें बंदी राशिद उर्फ मोनू पहाड़ी पुत्र नासिर निवासी कानपुर की मौत हो गई थी और कैदी खालिद पुत्र अब्दुल रहीम, लंबरदार (कैदी) छुन्ना पुत्र श्रीचंद और डिप्टी जेलर जगदीश प्रसाद समेत करीब 24 लोग घायल हो गए थे। खालिद का पीजीआई सैफई और छुन्ना का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। डिप्टी जेलर गुरुवार शाम को ही पीजीआई से अपने घर आ गए थे। जेलर रामकुबेर सिंह ने गुरुवार रात को सिविललाइन थाना में धारा 147,323, 353, 308, 332, 34 और 7 आपराधिक कानून अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। इस मुकदमे में राशिद उर्फ मोनू पहाड़ी, खालिद, शिवामणि, बंदी ताजुद्दीन, अंकित फौजी, दिलीप, दुर्वेश, शंकर समेत नौ को नामजद समेत 10-15 को आरोप बनाया गया है।
पुलिस के अनुसार मुकदमा दर्ज कराने के समय मोनू की मौत नहीं हुई थी। उसे गुरुवार रात करीब 12 बजे जिला अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मोनू पहाड़ी की मौत के 18 घंटे बाद भी हत्या का मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। सिविल लाइन थाना प्रभारी निरीक्षक मदन गोपाल गुप्ता ने बताया कि मोनू पहाड़ी भी बवाल में आरोपी है, चूंकि उसकी मौत हो गई है इसलिए अब उसका नाम मुकदमे से हट जाएगा। एसएसपी आकाश तोमर ने बताया कि जल्द ही मोनू पहाड़ी की हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाएगा। पुलिस जांच कर रही है। बवाल की डीआईजी स्तर और मजिस्ट्रियल जांच भी की जा रही है।