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फसल काटते समय किसान की मौत
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राजकुमार दोहरे फाइल फोटो।
- फोटो : ETAWHA
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इटावा। महेवा ब्लॉक क्षेत्र के गांव बम्हौरा में मंगलवार सुबह एक खेत में बाजरे की फसल काट रहे किसान की मौत हो गई। परिजन सर्पदंश के अंदेशा के चलते किसान को सीएचसी महेवा ले गए। डॉक्टर ने किसान की मौत की वजह हृदयाघात बताई है।
बम्हौरा गांव के किसान राजकुमार दोहरे (48) वर्ष मंगलवार सुबह 7 बजे घर से खेत में खड़ी बाजरा की फसल काटने गए थे। सुबह 10 बजे के करीब फसल काटते वक्त अचानक गश खाकर गिर पड़े। उनका पुत्र जितेंद्र पानी लेकर खेत पर पहुंचा तो उसने पिता को खेत में पड़ा देखा।
चिल्लाता हुआ वह घर पहुंचा और परिजनों को बताया। किसान राजकुमार को खेत में पड़ा देखा परिजनों के मन में सर्पदंश की आशंका पैदा हुई। लिहाजा किसान को लोग सीएचसी महेवा ले गए। जहां डॉ. गौरव त्रिपाठी ने सर्पदंश की आशंका खारिज कर दी। उन्होंने हृदयाघात से मौत होना बताया।
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राजकुमार का परिवार गरीबी में जीवन यापन कर रहा है। राजकुमार के नाम सिर्फ ढाई बीघा जमीन रही है। इस बार 18 बीघा जमीन उसने बटाई पर ली थी। परिवार में तीन बेटे यतेंद्र (19), अश्वनी (18) और जितेंद्र (12) हैं। तीन बेटियों नीतू, मोना और आरती की शादी हो चुकी है।
दो बेटे दिल्ली में नौकरी करते हैं। पत्नी उर्मिला ने रोते हुए बताया कि पूर्वांचल बैंक की महेवा शाखा से पति ने 50 हजार रुपये का कर्ज भी लिया था। अब कैसे गुजर होगी। कुदरत ने गरीब परिवार का सहारा छीन लिया।
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बम्हौरा गांव के किसान राजकुमार दोहरे (48) वर्ष मंगलवार सुबह 7 बजे घर से खेत में खड़ी बाजरा की फसल काटने गए थे। सुबह 10 बजे के करीब फसल काटते वक्त अचानक गश खाकर गिर पड़े। उनका पुत्र जितेंद्र पानी लेकर खेत पर पहुंचा तो उसने पिता को खेत में पड़ा देखा।
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चिल्लाता हुआ वह घर पहुंचा और परिजनों को बताया। किसान राजकुमार को खेत में पड़ा देखा परिजनों के मन में सर्पदंश की आशंका पैदा हुई। लिहाजा किसान को लोग सीएचसी महेवा ले गए। जहां डॉ. गौरव त्रिपाठी ने सर्पदंश की आशंका खारिज कर दी। उन्होंने हृदयाघात से मौत होना बताया।
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राजकुमार का परिवार गरीबी में जीवन यापन कर रहा है। राजकुमार के नाम सिर्फ ढाई बीघा जमीन रही है। इस बार 18 बीघा जमीन उसने बटाई पर ली थी। परिवार में तीन बेटे यतेंद्र (19), अश्वनी (18) और जितेंद्र (12) हैं। तीन बेटियों नीतू, मोना और आरती की शादी हो चुकी है।
दो बेटे दिल्ली में नौकरी करते हैं। पत्नी उर्मिला ने रोते हुए बताया कि पूर्वांचल बैंक की महेवा शाखा से पति ने 50 हजार रुपये का कर्ज भी लिया था। अब कैसे गुजर होगी। कुदरत ने गरीब परिवार का सहारा छीन लिया।