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खुलासे में पुलिस का खेल, बेगुनाह को भेजा जेल
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पीड़ित मटरू सुंदरम
- फोटो : ETAWHA
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इटावा। भरथना से भाजपा विधायक सावित्री कठेरिया को फोन पर धमकी देने का खुलासा करने में पुलिस एक नया मोड़ सामने आया है। जेल से छूटने के बाद रविवार को आरोपी विधायक के पास पहुंचा। खुद को बेगुनाह बताते हुए पूरी कहानी बयां की। विधायक को धमकी देने वालों के नाम बताए। विधायक ने आईजी और सीएम से शिकायत की बात कही है।
भरथना से भाजपा विधायक सावित्री कठेरिया को 16 सितंबर को मोबाइल नंबर से धमकी दी गई थी। उस समय विधायक चकरनगर थाने में मौजूद थीं। विधायक की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाया था।
19 सितंबर को चकरनगर थाना पुलिस ने भिंड जिले के रौन थाना क्षेत्र के रायपुरा गांव निवासी मटरू उर्फ सुंदरम ओझा पुत्र केशव ओझा को उठाया था। उसे 20 सितंबर को जेल भेज दिया था। साक्ष्य कमजोर होने के कारण 27 सितंबर को मटऊ को जमानत मिल गई।
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रविवार को वह भाई के साथ विधायक सावित्री कठेरिया के पास पहुंचा। विधायक को बताया कि वह बेगुनाह है, उसे फंसाया गया है। गांव के एक व्यक्ति के कुआं (ट्यूबवेल) पर मोबाइल चार्जिंग पर लगाकर आया था।
बाद में उसी व्यक्ति के साथ पुलिस गांव पहुंची और भैंस चराकर लौटते समय उठा लाई। मटरू ने बताया कि उसके गांव का व्यक्ति और उसका चकरनगर निवासी रिश्तेदार खनन करते हैं। उन्हीं लोगों ने उसके फोन से विधायक को धमकी दी थी।
मटरू ने विधायक को एक प्रार्थनापत्र दिया है जिसमें धमकी देने वाले तीनों लोगों के नाम लिखे हैं। इस मटरू को पुलिस ने सिरफिरा बताया था वह बात करते समय रोने लगता है। दसवीं फेल मटरू रुपयों के अभाव के कारण पढ़ाई तक नहीं कर पाया, अब गांव में अपनी भैंस चराता है। मटरू ने चकरनगर के जिस व्यक्ति का नाम लिया है वह अवैध खनन से जुड़ा है।
मटरू ने बताया कि उसका सिम पिता केशव ओझा की आईडी पर लिया गया था। पुलिस 19 तारीख की शाम को गांव के व्यक्ति के साथ पहुंची थी। उसी के कहने पर पकड़ लाई थी। मटरू के अनुसार जिस समय उसे उठाया गया, बैट्री डिस्चार्ज होने के कारण उसका मोबाइल बंद था। उसने ये भी बताया कि वह हनुमंतपुरा क्षेत्र कभी आया ही नहीं।
उसका आरोप है कि धमकी देने वाले गांव के व्यक्ति और उसके रिश्तेदार को पैसे लेकर पुलिस ने छोड़ दिया और उसे पकड़ लाई। सवाल ये उठता है कि जब सिम पिता के नाम था और मोबाइल बंद था तो पुलिस मटरू तक कैसे पहुंची। विधायक के बड़े बेटे धर्मेंद्र कठेरिया ने बताया कि उन्होंने थाना प्रभारी से बात की थी। उन्होंने बताया था कि जिस समय धमकी दी गई उस समय मोबाइल की लोकेशन ट्यूबवेल के पास मिली थी।
उसे आधार पर पुलिस वहां पहुंची। ट्यूबवेल उसी व्यक्ति का है जिस पर मटरू आरोप लगा रहा है। पहले पुलिस उस व्यक्ति तक पहुंची फिर मटरू तक। यानी मटरू सही कह रहा है कि उसने मोबाइल चार्जिंग पर लगाया था और उसे फंसाया गया है। इस संबंध में एसएसपी संतोष कुमार मिश्रा ने कहा कि खुलासे के समय विधायक ने संतुष्टि जताई थी।
अगर विधायक या युवक शिकायत देता है तो मामले की जांच कराई जाएगी। किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। अगर थाना पुलिस ने खुलासे में गड़बड़ी की है तो उसके खिलाफ भी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
विधायक सावित्री कठेरिया ने कहा कि पुलिस ने खुलासे में खेल किया है। खुलासे वाले दिन मुझे आरोपी से पूछताछ का समय दिया गया लेकिन उस समय एएसपी मौजूद थे, उन्होंने कुछ पूछने ही नहीं दिया।
मुझे पहले ही लग रहा था कि पुलिस ने गड़बड़ी की है। मटरू ने मुझे जो नाम दिए हैं, उनकी उनकी गिरफ्तारी के लिए जल्द ही शिकायत दूंगी। पुलिस ने जिस तरह की लापरवाही बरती है, उसकी शिकायत आईजी और मुख्यमंत्री से भी करूंगी।
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भरथना से भाजपा विधायक सावित्री कठेरिया को 16 सितंबर को मोबाइल नंबर से धमकी दी गई थी। उस समय विधायक चकरनगर थाने में मौजूद थीं। विधायक की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाया था।
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19 सितंबर को चकरनगर थाना पुलिस ने भिंड जिले के रौन थाना क्षेत्र के रायपुरा गांव निवासी मटरू उर्फ सुंदरम ओझा पुत्र केशव ओझा को उठाया था। उसे 20 सितंबर को जेल भेज दिया था। साक्ष्य कमजोर होने के कारण 27 सितंबर को मटऊ को जमानत मिल गई।
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रविवार को वह भाई के साथ विधायक सावित्री कठेरिया के पास पहुंचा। विधायक को बताया कि वह बेगुनाह है, उसे फंसाया गया है। गांव के एक व्यक्ति के कुआं (ट्यूबवेल) पर मोबाइल चार्जिंग पर लगाकर आया था।
बाद में उसी व्यक्ति के साथ पुलिस गांव पहुंची और भैंस चराकर लौटते समय उठा लाई। मटरू ने बताया कि उसके गांव का व्यक्ति और उसका चकरनगर निवासी रिश्तेदार खनन करते हैं। उन्हीं लोगों ने उसके फोन से विधायक को धमकी दी थी।
मटरू ने विधायक को एक प्रार्थनापत्र दिया है जिसमें धमकी देने वाले तीनों लोगों के नाम लिखे हैं। इस मटरू को पुलिस ने सिरफिरा बताया था वह बात करते समय रोने लगता है। दसवीं फेल मटरू रुपयों के अभाव के कारण पढ़ाई तक नहीं कर पाया, अब गांव में अपनी भैंस चराता है। मटरू ने चकरनगर के जिस व्यक्ति का नाम लिया है वह अवैध खनन से जुड़ा है।
मटरू ने बताया कि उसका सिम पिता केशव ओझा की आईडी पर लिया गया था। पुलिस 19 तारीख की शाम को गांव के व्यक्ति के साथ पहुंची थी। उसी के कहने पर पकड़ लाई थी। मटरू के अनुसार जिस समय उसे उठाया गया, बैट्री डिस्चार्ज होने के कारण उसका मोबाइल बंद था। उसने ये भी बताया कि वह हनुमंतपुरा क्षेत्र कभी आया ही नहीं।
उसका आरोप है कि धमकी देने वाले गांव के व्यक्ति और उसके रिश्तेदार को पैसे लेकर पुलिस ने छोड़ दिया और उसे पकड़ लाई। सवाल ये उठता है कि जब सिम पिता के नाम था और मोबाइल बंद था तो पुलिस मटरू तक कैसे पहुंची। विधायक के बड़े बेटे धर्मेंद्र कठेरिया ने बताया कि उन्होंने थाना प्रभारी से बात की थी। उन्होंने बताया था कि जिस समय धमकी दी गई उस समय मोबाइल की लोकेशन ट्यूबवेल के पास मिली थी।
उसे आधार पर पुलिस वहां पहुंची। ट्यूबवेल उसी व्यक्ति का है जिस पर मटरू आरोप लगा रहा है। पहले पुलिस उस व्यक्ति तक पहुंची फिर मटरू तक। यानी मटरू सही कह रहा है कि उसने मोबाइल चार्जिंग पर लगाया था और उसे फंसाया गया है। इस संबंध में एसएसपी संतोष कुमार मिश्रा ने कहा कि खुलासे के समय विधायक ने संतुष्टि जताई थी।
अगर विधायक या युवक शिकायत देता है तो मामले की जांच कराई जाएगी। किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। अगर थाना पुलिस ने खुलासे में गड़बड़ी की है तो उसके खिलाफ भी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
विधायक सावित्री कठेरिया ने कहा कि पुलिस ने खुलासे में खेल किया है। खुलासे वाले दिन मुझे आरोपी से पूछताछ का समय दिया गया लेकिन उस समय एएसपी मौजूद थे, उन्होंने कुछ पूछने ही नहीं दिया।
मुझे पहले ही लग रहा था कि पुलिस ने गड़बड़ी की है। मटरू ने मुझे जो नाम दिए हैं, उनकी उनकी गिरफ्तारी के लिए जल्द ही शिकायत दूंगी। पुलिस ने जिस तरह की लापरवाही बरती है, उसकी शिकायत आईजी और मुख्यमंत्री से भी करूंगी।